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भारत के वो यूनीक डेस्टिनेशंस जो कर दें आपका टेंशन,वर्क प्रेशर छू मंतर

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आज हम में से कई लोग ऐसे हैं जिन्हें मौजमस्ती, फ़न, एडवेंचर, भीड़भाड़ भरी पार्टी और लाउड म्यूजिक बेहद पसंद होता है। ऐसे लोगों का ये मानना है कि यदि आप हफ्ते भर काम करते हैं तो यही सब वो बातें हैं जो आपको टार्गेट के टेंशन और वर्क प्रेशर से कुछ पल के लिए निजात दिला सकती हैं। वहीं दूसरी तरफ कई लोग ऐसे भी होते हैं जिनका ये मानना है कि प्रकृति ही वो तत्त्व है जो व्यक्ति की चिंताओं को हरने की क्षमता रखती है।

तो इसी क्रम में आज का हमारा ये लेख उन लोगों के लिए है जो किसी शांत स्थान में जाकर प्रकृति के वरदान को महसूस करना चाहते हैं और उसमें खो जाना चाहते हैं। गौरतलब है कि आज भारत में कई ऐसे डेस्टिनेशंस मौजूद हैं जिनके बारे में तो लोग कम ही जानते हैं लेकिन ये डेस्टिनेशंस बेहद खूबसूरत हैं साथ ही लोगों की कम चहल कदमी के चलते ये बेहद शांत भी हैं।

तो अब देर किस बात की आइये जानें भारत में वो कौन कौन से स्थान हैं जहां आप नेचर की आगोश में कुछ फुर्सत के पल बिता कर अपनी टेंशन और वर्क प्रेशर को अलविदा कह सकते हैं।

गोकर्ण

दक्षिण भारत के कर्नाटक में मैंगलोर के पास स्थित गोकर्ण, एक प्रमुख तीर्थ स्‍थल होने के अलावा एक प्रमुख बीच डेस्टिनेशन भी है। यह स्‍थान, दो नदियों अग्निशिनि और गंगावली के संगम पर स्थित है। यदि आप इस शहर ऊंचाई से देखें तो आपको इस शहर की आकृति गाय के कान के जैसी लगेगी और शायद यही कारण है कि इस स्थान गोकर्ण पड़ा। आपको बता दें कि आज गोकर्ण, धीरे धीरे एक प्रमुख पर्यटन स्‍थल के रूप में उभर रहा है। यहां पर कई सुंदर तट है जो देखने में गोवा के तटों जैसे लगते हैं। यहां का कुडेल तट, गोकर्ण तट, हॉफ मून तट, पैराडाइज तट और ओम तट यहां के पांच प्रमुख तट है जो पर्यटकों का मन मोह लेते है। चूंकि कम ही लोग यहां आते हैं इसलिए यदि आप शांति को प्रकृति के बीच अनुभव करना चाहते हैं तो आप यहां अवश्य आएं।

कोप्पा

यदि आप भीड़ भाड़ से दूर कुछ फुर्सत के फल बिताना चाहते हैं तो आप कर्नाटक में स्थित कोप्पा अवश्य आएं। ये स्थान चिकमंगलूर जिले के अंतर्गत आता है। आपको बताते कि वर्तमान में ये स्थान अपनी बला की सी खूबसूरती और कॉफी प्लांटेशन के लिए जाना जाता है। ज्ञात हो कि वर्तमान में यहां बड़ी संख्या में होमस्टे हैं अतः आपको यहां रुकने सम्बंधित परेशानियों का भी सामना नहीं । जैसा कि हम बता चुके हैं ये स्थान उनके लिए है जो प्रकृति को उसके सबसे सर्वोत्तम रूप में देखना चाहते हैं तो जब आप यहां हों तो यहां का सूर्योदय और सूर्यास्त देखना बिलकुल भूलें।

मंदरमणि

मंदरमणि, पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता से 180 किलोमीटर दूर मौजूद एक छोटा सा गांव है जो एक समुंद्र तट के किनारे स्थित। चूंकि ये स्थान एक गुमनाम डेस्टिनेशन है इस कारण आपको यहां बेहद कम ही लोग दिखेंगे। ये स्थान उनके लिए है जो नेचर के करीब रहना चाहते हैं और उसे समझना चाहते हैं। यदि आप यहां जा रहे हैं तो आप पाम और नारियल के पेड़ों के बीच मॉर्निंग या इवनिंग वॉल्क, फिशिंग, स्विमिंग करना न भूलें। लाल केकड़े इस स्थान की खासियत हैं, लाल केकड़ों को रेत में चलते देखने भर से आप मंत्र मुग्ध हो उठेंगे। यदि आप बहुत थका हुआ महसूस कर रहे हैं तो हमारा सुझाव है कि आप इस स्थान की यात्रा अवश्य करें।

सुंदरबन

सुंदरबन भारत और बांग्लादेश के बीच विभाजित बड़ा मैन्ग्रोव संरक्षित क्षेत्र हैं। हालाँकि इस राष्ट्रीय उद्यान का एक बड़ा हिस्सा बांग्लादेश में है, भारत में निहित एक तिहाई हिस्सा पर्यटन सुविधाओं और आसानी से पहुंच के कारण, पर्यटकों की पसंद बना हुआ है। सुंदरबन संरक्षित क्षेत्र की यात्रा करने का अनुभव आपको जीवन भर याद रहेगा। यह क्षेत्र यूनेस्को द्वारा घोषित विश्व धरोहर स्थलों में से एक है। आपको बता दें कि ये स्थान फोटोग्राफर्स के लिए स्वर्ग है और उन्हें यहां कई ऐसे अनोखे शॉट्स मिल सकते हैं जिसकी कल्पना शायद ही उन्होंने कभी की हो।

कोल्‍लम

कोल्‍लम सबसे अच्‍छी तरह अपने प्राचीन नाम क्‍वीलॉन के नाम से जाना जाता है, यह शहर अपने वाणिज्‍य और संस्‍कृति के लिए प्रसिद्ध है। यह तटीय शहर, अश्तामुडी झील के तट पर फैला हुआ है । आपको बता दें कि इस शहर ने केरल की अर्थव्‍यवस्‍था और संस्‍कृति को असंख्‍य रूप से बड़े पैमाने पर योगदान दिया है। इतिहास में इस बात के सबूत हैं कि पूर्व काल में कोल्‍लम का चीन, रोम और मध्‍य पूर्व के साथ बड़े व्‍यापारिक संबंध थे। विस्‍तृत और विविध नजारों के कई विकल्‍पों के कारण, कोल्‍लम में साल भर पर्यटक भ्रमण के लिए आते रहते है। यदि आपको शांति की तलाश और नेचर से लगाव है तो हमारा सुझाव है कि आपको यहां अवश्य आना चाहिए।

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