पिछले दिनों भारत की राजकीय यात्रा पर बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना के साथ हुई बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कई अहम फैसले लिये। इसमें कोलकाता से बांग्लादेश के राजशाही के बीच नई रेल सेवा, कोलकाता से चटगांव (बांग्लादेश) के बीच नयी बस सेवा, 350 बांग्लादेश पुलिस अधिकारियों के लिए प्रशिक्षण स्लॉट समेत कई अन्य हैं। लेकिन इस बैठक में चिकित्सा के क्षेत्र में लिये गये 2 प्रमुख फैसलों ने बांग्लादेश से भारत इलाज के लिए आने वाले यात्रियों की सुविधा में काफी इजाफा करने वाला है।

इसके साथ ही बांग्लादेश के रंगपुर में भारत अपना नया दूतावास भी खोलने वाला है, जो उत्तरपश्चिम बांग्लादेश में रहने वाले लोगों की मदद करेगा।
जिन 2 मेडिकल सुविधाओं की घोषणा भारत-बांग्लादेश की बैठक के बाद की गयी है, उनमें पहला है भारत हर साल 100 मुक्तियोद्धाओं में भारतीय आर्मी अस्पतालों में मुफ्त चिकित्सा की सुविधा प्रदान करेगा। इस पहल में इलाज के लिए भारत आने वाले मुक्तियोद्धाओं को अधिकतम 8 लाख रुपए तक का इलाज मुफ्त में करवाने की सुविधा मिलेगी।
बता दें, वर्ष 1971 में पाकिस्तान से अलग होने के लिए तत्कालीन पूर्वी पाकिस्तान की मदद भारत ने की थी, जिसकी वजह से ही बांग्लादेश का गठन हो सका था। पाकिस्तान से अलग होने की यह लड़ाई मुक्तियुद्ध कहलाती है और इसमें शामिल स्वतंत्रता सेनानी मुक्तियोद्धा कहलाये।
वहीं दूसरी सुविधा जो इन दिनों सबसे ज्यादा चर्चा का विषय बनी हुई है, वह है इलाज के लिए बांग्लादेश से भारत आने वाले लोगों के लिए ई-वीजा जारी की जाएगी।
क्या है मेडिकल वीजा
मेडिकल वीजा मूल रूप से उन सभी लोगों को जारी किया जाता है, जो इलाज के लिए भारत आना चाहते हैं। सामान्य वीजा अथवा पर्यटन वीजा के मुकाबले यह मेडिकल वीजा काफी अलग होता है। मेडिकल वीजा इलाज के लिए आने वाले लोगों को 1 साल या इलाज की अवधि, दोनों में से जो भी कम होता है, के लिए जारी किया जाता है।
हालांकि अगर इलाज 1 साल से लंबा चलता है, तो इसे अगले 1 साल के लिए FRRO द्वारा बढ़वाया भी जा सकता है। हालांकि इसके लिए ICMR, NABH, MCI द्वारा सरकार को मेडिकल सर्टिफिकेट प्रस्तुत करने की जरूरत होती है।

क्या होता है ई-वीजा
ई-वीजा ऑनलाइन और इलेक्ट्रॉनिक सेवा होती है, जिसमें आवेदन करने के निर्धारित समय के अंदर ही वीजा प्रदान कर दी जाती है। मीडिया रिपोर्ट्स से मिली जानकारी के अनुसार अधिकतम (90%) मामलों में ई-वीजा आवेदन करने के 24 घंटे के अंदर ही प्रोसेस होना शुरू कर देती है। बता दें, भारत के वो 171 देश जो ई-वीजा पाने के योग्य हैं, की सूची में पहले बांग्लादेश का नाम नहीं था।
लेकिन मीडिया रिपोर्ट्स में किये गये दावों के अनुसार वर्ष 2021 में बांग्लादेश ने भारत से अपने नागरिकों के लिए ई-वीजा जारी करने की मांग की थी। जिसे भारत ने अब स्वीकार करते हुए चिकित्सा के लिए भारत आने वाले बांग्लादेशी नागरिकों के लिए ई-वीजा जारी करने की घोषणा कर दी है।
क्या है पूरी प्रक्रिया
मेडिकल ई-वीजा बनवाने के लिए भारत के उन सभी अस्पतालों को वह डॉक्यूमेंट साझा करना पड़ेगा, जो उन्होंने मरीज को जारी किया है। इसमें मेडिकल इंवीटेशन से लेकर अप्वाएंटमेंट लेटर भी शामिल होगा, जिसे भारत के मंत्रालय द्वारा दिये गये फॉर्मैट में ही ई-मेल करना पड़ेगा।
इसके साथ ही अगर किसी मरीज का इलाज शुरुआत में जारी मेडिकल वीजा की अवधि से लंबा चलने वाला हो और वीजा को आगे बढ़ाने की जरूरत होती है तो अस्पताल को उससे संबंधित सभी कागजात व आवेदन संबंधित देश को भेजना पड़ेगा। उसे भी निर्धारित फॉर्मैट में ही जारी करना होगा।
बताते चलें, बेहतर मेडिकल सुविधाओं के साथ अपना इलाज करवाने बांग्लादेश से भारत आने वाले लोगों की संख्या में हर साल वृद्धि हो रही है। Financial Express की एक रिपोर्ट के अनुसार हर साल बांग्लादेश से भारत सिर्फ इलाज के लिए आने वाले मरीजों की संख्या करीब 2.5 मिलीयन है, जो हर साल बढ़ती जा रही है।



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