
खजुराहो, मध्य प्रदेश राज्य में स्थित प्रमुख शहर है, जो अपने प्राचीन एवं मध्यकालीन मंदिरों के लिये विश्वविख्यात है। खजुराहो मंदिर की आश्चर्यजनक वास्तुकला और कामुक मूर्तियां पर्यटकों का ध्यान अपनी और खिंचती हैं। यूनेस्को की विश्व धरोहर सूचि में शामिल यह मंदिर मध्य प्रदेश के छत्तरपुर जिले में स्थित है। खजुराहो, भारतीय आर्य स्थापत्य और वास्तुकला की एक नायाब मिसाल है।
दुनिया को भारत का खजुराहो के कलात्मक मंदिर एक अनमोल तोहफ़ा हैं। उस समय की भारतीय कला का परिचय इनमें पत्थर की सहायता से उकेरी गई कलात्मकता रचनाएँ देती हैं। खजुराहो के मंदिरों को देखने के बाद कोई भी इन्हें बनाने वाले हाथों की तारीफ़ किए बिना नहीं रह सकता। खजुराहो में चंदेल राजाओं द्वारा बनवाए गए ख़ूबसूरत मंदिरो में की गई कलाकारी इतनी सजीव है कि कई बार मूर्तियाँ ख़ुद बोलती हुई मालूम देती हैं।
इन्हीं सब खूबियों के साथ खजुराहो के मंदिर से जुड़ी कुछ दिलचस्प बातें भी हैं जिन्हें जान आपकी उत्सुकता और बढ़ जाएगी इन मंदिरों के दर्शन करने के लिए। चलिए जानते हैं खजुराहो की कुछ ऐसी ही दिलचस्प बातों के बारे में।
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नाम की उत्पत्ति
खजुराहो शहर का नाम 'खजूर' के नाम पर पड़ा क्यूंकि शहर की बाहरी दीवारें खजूर के पेड़ से घिरे हुए थे। प्राचीन समय में खजुराहो, खजूरपुरा के नाम से जाना जाता था।
Image Courtesy:Deepa Chandran2014

बलुई पत्थर से निर्मित मंदिर
खजुराहो के ज़्यादातर मंदिर गुलाबी, बादामी और पीले रंगों के साथ बलुई पत्थर से बने हुए हैं।
Image Courtesy:Sushmaahuja17

विकृत मंदिर
मध्यकालीन युग में यहाँ 85 मंदिर हुआ करते थे, जिमें से अभी यहाँ सिर्फ 22 मंदिर बचे हुए हैं। बाकि मंदिर प्राकृतिक आपदाओं के कारण ध्वस्त हो चुके हैं।
Image Courtesy:Patty Ho

कामुक मूर्तियां
जैसा कि खजुराहो के मंदिरों के बारे में आम धारणा है कि ये मंदिर कामुक मूर्तियों से भरे पड़े हैं, पर इसके विपरीत यहाँ सिर्फ 10% ही ऐसी कामुक मूर्तियां वर्णित हैं, बाकि मूर्तियों में मनुष्य की रोज़ाना की ज़िंदगी और दिन चर्या को दर्शाया गया है, जैसे कुम्हार और किसान काम करते हुए,संगीतकार गीत गाते हुए,स्त्रियां वस्त्र पहनती हुईं आदि।
Image Courtesy:Aotearoa

पुरातनता के सर्वश्रेष्ठ संरक्षित स्मारक
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा खजुराहो के स्मारकों को प्राचीन काल के सबसे अच्छे संरक्षित स्मारक घोषित किये गए हैं।
Image Courtesy:Spandana sangishetty

मंदिर के अंदर का भाग
मंदिर के अंदर सारे कमरे पूर्व से पश्चिम की ओर एक दूसरे से जुड़े हुए हैं। हर एक कमरे में एक प्रवेश द्वार, एक हॉल, एक मंदिर और एक गलियारा बना हुआ है।
Image Courtesy:CR Pushpa

देवी देवताओं की छवियां
खजुराहो मंदिर में बनी देवी देवताओं की छवियाँ विभिन्न अभिव्यक्तियों को प्रदर्शित करते हैं जैसे, शिव और शक्ति, येन और यांग, महिला और पुरुष सिद्धांत आदि।
Image Courtesy:CR Pushpa

मंदिर का विभाजन
खजुराहो के मंदिरों के समूह को तीन भागों में विभाजित किया गया है- पश्चिमी, पूर्वी और दक्षिणी।
Image Courtesy:CR Pushpa

मंदिरों का पुनः अविष्कार
खजुराहो के मंदिर जिनका निर्माण मध्यकाल में हुआ था, इन्हें फिर से 20वीं सदी में पुनः खोज निकाला गया जिसके बाद इन्हें संरक्षित किया गया।
Image Courtesy:Marcin Białek

वास्तु प्रतिभा का सबसे बेहतरीन नमूना
खजुराहो के मंदिरों को मध्यकालीन काल के दौरान का भारतीय वास्तु प्रतिभा का सबसे बेहतरीन नमूना माना जाता है।
Image Courtesy:China Crisis



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