एक तरफ जहां दिल्ली से श्रीनगर के बीच वंदे भारत एक्सप्रेस के जल्द ही शुरू होने की सुगबुगाहट सुनाई दे रही है। वहीं दूसरी ओर जल्द ही केंद्र शासित प्रदेश जम्मू और कश्मीर की दो राजधानियों (जम्मू और श्रीनगर) को जोड़ती हुई देश की पहली सेमी हाई स्पीड वंदे भारत एक्सप्रेस को शुरू करने की तैयारियां भी लगभग पूरी कर ली गयी है। मीडिया रिपोर्ट की मानें तो वंदे भारत एक्सप्रेस के जिस विशेष रेक का संचालन इस रूट पर किया जाएगा, वह ट्रेन राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के शकुर बस्ती डिपो में पहुंच चुकी है।
इंतजार है तो बस रेलवे मंत्रालय की मंजूरी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा आधिकारिक रूप से हरी झंडी दिखाने का। कश्मीर जैसे सुरक्षा के दृष्टिकोण से संवेदनशील रूट पर इस ट्रेन का संचालन किया जाएगा, जिसमें यात्रियों व रेलवे के सभी कर्मियों की सुरक्षा को सुनिश्चित करना एक बड़ी चुनौती भी साबित होने वाली है। क्या इस ट्रेन की सुरक्षा को सुनिश्चित करते हुए ट्रेन की खिड़कियों को बुलेट प्रुफ कांच से बनाया गया है?

बता दें, जम्मू-श्रीनगर के बीच चलने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस इस रूट पर चलने वाली तीसरी ट्रेन होगी। यह श्री माता वैष्णो देवी कटरा (SVDK) और श्रीनगर के बीच चलेगी। इस वंदे भारत एक्सप्रेस का संचालन उत्तरी रेलवे की जम्मू डिविजन द्वारा किया जाएगा।
कब से होगी शुरू?
मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार जम्मू से श्रीनगर के बीच यह ट्रेन अधिकतम 160 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से दौड़ेगी। कटरा (जम्मू) से श्रीनगर के बीच की लगभग 190 किमी की दूरी को तय करने में सेमी हाई स्पीड वंदे भारत एक्सप्रेस को लगभग 3 घंटे का समय लग जाएगा।
अभी तक आधिकारिक रूप से इस बात की घोषणा नहीं की गयी है। लेकिन मीडिया रिपोर्ट्स में संभावना जतायी जा रही है कि फरवरी में इस ट्रेन का कमर्शियल संचालन शुरू किया जा सकता है। पीएम मोदी इस ट्रेन को हरी झंडी दिखा सकते हैं।
क्या होगी इस वंदे भारत एक्सप्रेस की विशेषताएं?
सुरक्षा के लिहाज से देखें अथवा मौसम व पर्यावरण के लिहाज से जम्मू-कश्मीर एक बेहद संवेदनशील इलाका है। इसलिए इस रूट पर जिस वंदे भारत एक्सप्रेस का संचालन होगा, उसे बड़े ही अलग अंदाज में बनाया गया है। इस वंदे भारत एक्सप्रेस को विशेष रूप से एंटी फ्रीजिंग तकनीक के साथ डिजाइन किया गया है, ताकि -20 डिग्री सेल्सियस जैसे कठिन तापमान में भी यह ट्रेन पूरी रफ्तार के साथ पटरियों पर दौड़ सके।
वंदे भारत एक्सप्रेस की इस रेक का निर्माण चेन्नई की इंटिग्रल कोच फैक्ट्री (ICF) में किया गया है। यात्रियों, ड्राईवर और रेल कर्मियों की सुविधा का ध्यान रखते हुए ट्रेन के कोच में एडवांस हीटिंग सिस्टम लगाया गया है। इसके साथ ही सामने का पूरा दृश्य साफ-साफ दिखाई दे सकें, इसे सुनिश्चित करने के लिए ड्राईवर के केबिन की विंडशिल्ड भी विशेष हीटिंग सिस्टम से लैस है। ट्रेन में लगी पानी की सभी पाइप और बायो टॉयलेट में पानी को जमने से रोकने के लिए विशेष सिस्टम लगाया गया है।

क्या खिड़की के कांच होंगे बुलेट प्रुफ?
क्या जम्मू-कश्मीर जैसे संवेदनशील इलाके में चलने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस को सुरक्षित बनाने के लिए कटरा (जम्मू)-श्रीनगर वंदे भारत एक्सप्रेस की खिड़कियों की कांच को बुलेट प्रुफ बनाया गया है? ETnow News की मीडिया रिपोर्ट में इस सवाल का जवाब देते हुए भारतीय रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि कश्मीर घाटी में जिस वंदे भारत एक्सप्रेस का संचालन किया जाएगा, उसमें सीसीटीवी कैमरा, आपातकालिन टॉक बैक यूनिट जैसी कई विशेषताएं होंगी, जो यात्रियों की सुरक्षा को सुनिश्चित करने में मददगार साबित होगा।
हालांकि उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि इस वंदे भारत एक्सप्रेस की खिड़कियों के कांच बुलेटप्रुफ नहीं होंगे। उक्त अधिकारी ने बताया कि ट्रेन में बुलेटप्रुफ खिड़कियां तो नहीं होंगी लेकिन इस ट्रेन की खिड़कियां Shatterproof जरूर होंगी। इसका मतलब है कि अगर किसी भी कारणवश खिड़कियों के कांच टूट जाते हैं, तो उससे ट्रेन में बैठे यात्री को कोई नुकसान नहीं पहुंचेगा।
यह कैसे संभव होगा? इस सवाल का जवाब देते हुए भारतीय रेलवे के उक्त अधिकारी ने बताया कि अगर बाहर से कभी किसी उपद्रवी ने पत्थर मारा तो खिड़की पर पत्थर लगने के बावजूद यात्री को कोई नुकसान नहीं होगा क्योंकि यह दोहरे स्तर वाले होंगे। ट्रेन की खिड़कियों में कांच की दो परत लगायी गयी है। इसलिए अगर कांच खिड़की पर लगता है और कांच चटक भी जाता है, तो कांच पर सिर्फ निशान ही पड़ेगा। यात्री सुरक्षित रहेंगे।



Click it and Unblock the Notifications













