साल के कुछ महीने लद्दाख का संपर्क भारत की मुख्य भूमि से लगभग कट जाता है। इस वजह से लद्दाख को सालभर भारत से जोड़े रखने के लिए हिमाचल प्रदेश और लद्दाख के बीच एक नयी सुरंग बनाने का फैसला लिया गया है। कारगिल विजय दिवस के मौके पर द्रास घाटी में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस नयी सुरंग 'शिंकुला टनल' जिसे शिंकुला पास में बनाया जा रहा है, की नींव रखी।
पीएम मोदी ने इस टनल परियोजना का वर्चुअली पहला विस्फोट कर इसकी नींव रखी। मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार साल 2021 में इस सुरंग को बनाने की प्राथमिक रूप से अनुमति दे दी गयी थी। साल 2023 में पीएम मोदी के नेतृत्व में इस टनल परियोजना को मंत्रिमंडल से NOD मिल गया था।

दुनिया में सबसे ऊंचाई पर होगा टनल
मिली जानकारी के अनुसार इस परियोजना के पूरा होने के बाद यह दुनिया में सबसे अधिक ऊंचाई पर बना टनल होगा। फिलहाल दुनिया में सबसे अधिक ऊंचाई पर मौजूद टनल अटल टनल है। इस टनल का निर्माण बॉर्डर रोड्स ऑर्गनाइजेशन (BRO) द्वारा किया जा रहा है। टनल का निर्माण हिमाचल प्रदेश में मनाली के पास किया जाएगा।
कारगिर विजय दिवस की 25वीं सालगिरह के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे प्रधानमंत्री ने इसके निर्माण की आधिकारिक शुरुआत की। बताया जाता है कि यह टनल मनाली और केंद्रशासित प्रदेश लद्दाख की राजधानी को जोड़ेगा। टनल का निर्माण 15,800 फीट पर किया जाने वाला है।
क्या होगी इसकी खासियतें
- यह टनल एक ऑल-वेदर टनल होगा। यानी भारी बर्फबारी के दौरान भी इस टनल के माध्यम से गाड़ियां आवाजाही कर सकेंगी।
- इस टनल के बन जाने का मतलब भारी बर्फबारी वाले दिनों में भी लद्दाख देश के दूसरे हिस्सों से जुड़ा रहेगा।
- टनल की लंबाई लगभग 4.1 किमी होगी।
- लद्दाख और लेह के बीच की दूरी को लगभग को 60 किमी तक घटा देने में यह टनल महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
- श्रीनगर-जोजिला-कारगिल-लेह और मनाली-अटल टनल-सरचु-लेह के अलावा वाहनों को आवाजाही करने के लिए यह टनल तीसरा रूट बनेगा।
- वर्तमान में मनाली से लेह की दूरी लगभग 355 किमी है, जो करीब 4 ऊंची पहाड़ियों से होकर गुजरता है। शिंकुला टनल इस दूरी को घटाकर 295 किमी तक ले आएगा।
- संभावना है कि इस टनल के निर्माण में लगभग 1681 करोड़ रुपए का खर्च आएगा।

शिंकुला टनल से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें
- कुल लंबाई : 4.1 किमी
- लोकेशन : हिमाचल प्रदेश से लाहौल से लद्दाख के जांस्कर तक
- ऊंचाई : 15,800-15,900 फीट
- रोड : मनाली-पदुम-निम्मु
- निर्माण का आनुमानिक खर्च : लगभग ₹1,681 करोड़



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