हिमालय की गोद में बसे कश्मीर को देखकर बरबस ही किसी के भी मुंह से यह निकल आता है 'धरती पर अगर कहीं स्वर्ग है, तो वह यहीं है यहीं है यहीं है।' आखिर वो कौन सी खास बातें हैं, जो कश्मीर को किसी भी और पहाड़ी इलाके से अलग और खुबसूरत बना देती है?

शहरों की चहल-पहल से दूर, बर्फिली पहाड़ियां, हरे-भरे जंगल जो आंखों को बेहद सुकून प्रदान करते हैं और शहरों के बीच से होकर बहती लिडर जैसी कई नदियां, जिनका पानी शीशे सा चमकता है। कश्मीर की मेहमानवाजी ऐसी कि बार-बार यहां लौट कर आने का दिल करें। ऐसे में मेहमानों को परोसे जाने वाले लजीज पकवानों के बारे में बात ना की जाए, ऐसा कैसे हो सकता है। चलिए हम इस लेख में कश्मीर की दावतों में परोसे जाने वाले पकवानों 'वाजवान' के बारे में विस्तार से बताते हैं। अगली बार जब आप इस भूस्वर्ग में जाएं, तो इन पकवानों और खास तौर पर 'वाज़वान' का लुत्फ उठाना बिल्कुल ना भूलें।
शहरों की चहल-पहल से दूर, बर्फिली पहाड़ियां, हरे-भरे जंगल जो आंखों को बेहद सुकून प्रदान करते हैं और शहरों के बीच से होकर बहती लिडर जैसी कई नदियां, जिनका पानी शीशे सा चमकता है। कश्मीर की मेहमानवाजी ऐसी कि बार-बार यहां लौट कर आने का दिल करें। ऐसे में मेहमानों को परोसे जाने वाले लजीज पकवानों के बारे में बात ना की जाए, ऐसा कैसे हो सकता है। चलिए हम इस लेख में कश्मीर की दावतों में परोसे जाने वाले पकवानों 'वाजवान' के बारे में विस्तार से बताते हैं। अगली बार जब आप इस भूस्वर्ग में जाएं, तो इन पकवानों और खास तौर पर 'वाज़वान' का लुत्फ उठाना बिल्कुल ना भूलें।
क्या है वाजवाज?
'वाज़वान' कश्मीरियों का सबसे बेहतरीन पकवान होता है। उत्तर भारत में जिस तरह थाली पद्धति में मेहमानों को खाना परोसा जाता है, कश्मीर में उसी अंदाज में वाजवान परोसा जाता है। दरअसल, वाज़वान एक तरह से उत्तर भारतीय थाली को ही कहते हैं, जिसमें कई तरह से मांसाहारी और शाकाहारी लजीज भोजन मेहमानों को परोसे जाते हैं। वाजवान दो शब्दों से मिलकर बना है, 'वाज़' और 'वान'। 'वाज़' का मतलब पकाना और 'वान' का मतलब 'खरीदारी' होती है। कश्मीरी भोज में आमतौर पर 4 मेहमानों के लिए एक वाजवान या थाली को परोसा जाता है। सभी मेहमान एक थाली के इर्द-गिर्द ही बैठकर साथ में लजीज मांसाहारी खाने का लुत्फ उठाते हैं।

वाज़वान में और क्या-क्या?
'वाज़वान' में स्टार्टर से लेकर रसीले मांसाहारी पकवान शामिल होते हैं। चूंकि कश्मीर में सैलानियों को पेट की समस्याएं होती रहती हैं, इसलिए हमारी सलाह है कि कश्मीरी पकवानों का लुत्फ किसी अच्छे रेस्तरां से ही उठाएं। ताकि आपके कश्मीर के ट्रीप में रंग में भंग पड़ने जैसी परेशानी ना हो।
चलिए अब आपको ज्यादा इंतजार ना करवाते हुए बताते हैं, 'वाज़वान' में आपको क्या-क्या मिलेगा? वाजवान में आपको दही-पुदिना की चटनी, तीखी मिर्च का अचार, कम से कम 4 तरह के भुने हुए नॉन-वेज स्टार्टर डिश, 4 तरह के ग्रेवी नॉन-वेज डिश और पुलाव मिलेंगे। स्टार्टर में आप भुना गोश्त, शीख कबाब, तबक माज का लुत्फ उठा सकते हैं। इसके बाद आपको यकनी पुलाव और केसरी पुलाव के साथ गुस्तबा, रोगन जोश, रिस्ता और दनीवाल कोरमा मिलेंगे।
इनका आप लुत्फ आराम से अपना समय लेकर उठा सकते हैं, लेकिन हमारा दावा है कि ये पकवान इतने स्वादिष्ट होते हैं कि आप अपनी ऊंगलियां तक चाटते रह जाएंगे। इसके बाद आखिर में डेजर्ट के तौर पर चावल के आटे, दुध, केसर और ड्राईफ्रुट से सजी फिरनी को चखना बिल्कुल ना भूलें।



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