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बेहद खूबसूरत है कसोल, मणिकरण गुरुद्वारा से लेकर खीरगंगा ट्रेक तक सब कुछ

कसोल, हिमाचल प्रदेश की पार्वती घाटी में स्थित बड़ा ही खूबसूरत गांव है, जो कुल्लू से महज 40 किमी. की दूरी पर है। यह पार्वती नदी के किनारे बसा हुआ है और एडवेंचर प्रेमियों के लिए काफी खास है। यहां नदी के किनारे देवदार के वृक्ष और चीड़ के पेड़ इसकी खूबसूरती में चार-चांद लगा देते हैं।

कसोल में घूमने लायक कई शानदार जगहें है। इनमें मणिकरण गुरुद्वारा, चलल गांव, खीरगंगा ट्रेक और नदियों के किनारे कैंपिंग करना बेहद खास है। यहां कुछ दिनों तक आप शहर की हलचल से दूर शांत वातावरण में सुकून भरे पल बिता सकते हैं। यहां की ताजी हवाओं में आप इस कदर खो जाएंगे कि जैसे मानिए जमीं पर नहीं स्वर्ग में हो।

मणिकरण गुरुद्वारा

मणिकरण गुरुद्वारा

मणिकरण, हिंदू और सिख दोनों धर्मों के लिए बेहद ही पवित्र स्थान है। पौराणिक मान्यताओं की मानें तो यहां के एक जलाशय में माता पार्वती का बहुमूल्य रत्न खो गया था, जो ढूंढने पर भी नहीं मिला। भगवान शिव ने गुस्से में आकर अपनी तीसरी आंख खोल दी थी। वहीं, यहां पर एक गुरुद्वारा भी है, जहां के बारे में कहा जाता है कि सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक ने अपने 5 शिष्यों के साथ यहां पर आए थें। गुरुद्वारा में बहता गर्म पानी भी लोगों के आकर्षण का केंद्र है। इसके अलावा यहां पर एक शिव मंदिर भी है, जो 1905 में आई भूकम्प (तीव्रता- 8) से हल्की से झुक गई थी। इस मंदिर में भी काफी दर्शानार्थी आते हैं।

चलल गांव

चलल गांव

कसोल से करीब 20 मिनट की पैदल दूरी पर चलल गांव है, जो कटीले वृक्ष और बर्फ से ढके पहाड़ों के लिए जाना जाता है। बीच की ट्रेकिंग में आपको काफी पुराने में पहाड़ दिखाई देंगे, जो आपकी ट्रेकिंग को और भी शानदार बनाते हैं। शांत वातावरण में समय बिताने के लिए यह एक आदर्श स्थान है।

खीरगंगा ट्रेक

खीरगंगा ट्रेक

खीरगंगा ट्रेक, हिमाचल के सबसे खूबसूरत ट्रेक्स में से एक है। ट्रेक के दौरान आपको काफी ऊंचे-ऊंचे पहाड़ और ताजी हवाएं आपका मन मोह लेंगी। रास्ते में आपको कहीं-कहीं गर्म पानी के कुंड भी देखने को मिलेगा, जो बेहद आकर्षक है। यह ट्रेक पार्वती घाटी में स्थित है।

नदी के किनारे कैंपिंग करना

नदी के किनारे कैंपिंग करना

कसोल, प्रकृति प्रेमियों के लिए बेहद खास स्थान है। यहां पर आप ट्रेकिंग के साथ-साथ कैंपिंग का भी आनंद ले सकते हैं। पार्वती नदी के किनारे पर आप कैंपिंग भी कर सकते हैं, जो रात के समय भी बेहद खूबसूरत लगता है। यहां से रात में तारों की चमक देखने के लिए काफी दूर-दूर से लोग आते हैं। ताजी हवाओं के साथ जमीन पर लेटकर तारों को देखना बेहद खूबसूरत पल होता है, जो आपके यात्रा डायरी में हमेशा के लिए अमर हो जाती है।

FAQs
कैसे पहुंचे कसोल

कसोल पहुंचने के लिए यहां का नजदीकी हवाई अड्डा भुंतर एयरपोर्ट है, जो यहां से करीब 32 किमी. है। वहीं, यहां का नजदीकी रेलवे स्टेशन पठानकोट है, जो यहां से करीब 150 किमी. दूर है। इसके अलावा सड़क मार्ग द्वारा भी यहां पहुंचा जा सकता है। इसके लिए पहले आपको कुल्लू या मनाली तक पहुंचना होगा।

कसोल आने का सही समय

कसोल घूमने का सही समय मार्च से लेकर जून तक का है, क्योंकि तब यहां का मौसम बेहद सुहावना होता है। लेकिन सर्दी के मौसम को छोड़कर आप कभी भी यहां जा सकते हैं।

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