मां वैष्णो देवी के भवन तक पहुंचने के लिए आधुनिक स्काईवॉक बनकर तैयार हो चुकी है। इसे आम भक्तों के लिए खोल भी दिया गया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने इसका उद्घाटन किया। करीब 14 महीनों के समय में 15.5 करोड़ की लागत से 250 मीटर लंबे स्काईवॉक का निर्माण किया गया है, जो ऊंचे पहाड़ों पर बसने वाली माता वैष्णो देवी के भवन तक पहुंचने में श्रद्धालुओं की मदद करेगा।

हर साल यहां लाखों की संख्या में श्रद्धालु मां वैष्णो देवी के पवित्र गुफा के दर्शन करने पहुंचते हैं। खास तौर पर नवरात्रि के समय श्रद्धालुओं की संख्या कई गुणा बढ़ जाती है। सिर्फ तीर्थ यात्रियों की सुविधा ही नहीं बल्कि भीड़ को नियंत्रित करने में भी स्काईवॉक फ्लाईओवर से मदद मिलने वाली है। दरअसल, त्योहारों के समय जब यहां जबरदस्त भीड़ उमड़ती है तब तीर्थ यात्रियों का जत्था आड़े-तिरछे तरीके से भवन की तरफ बढ़ता है जिससे भीड़ को नियंत्रित करना कई बार मुश्किल हो जाता है।

ऐसे में स्काईवॉक जैसे निर्माण भीड़ को नियंत्रित करने में मददगार साबित होंगे। इस स्कॉईवॉक फ्लाईओवर पर सिर्फ तीर्थ यात्रियों की भीड़ को नियंत्रित ही नहीं बल्कि सुरक्षा व्यवस्था पर भी कड़ी नजर रखी जाएगी।
क्या हैं स्काईवॉक फ्लाईओवर की खासियतें :-
- स्काईवॉक का फर्श लकड़ी से बनाया गया है। सर्दियों के मौसम में श्रद्धालुओं को ठंड ना लगे, इस बात को ध्यान में रखते हुए ही वुडेन फ्लोरिंग की गयी है। बता दें, माता वैष्णो देवी के दर्शन के लिए जाने वाले तीर्थ यात्रियों को नंगे पैर ही पवित्र गुफा और भवन की तरफ बढ़ना पड़ता है।
- स्काईवॉक से होकर सभी श्रद्धालु एक तरफ ही कतारबद्ध तरीके से आगे बढ़ेंगे। इसलिए चाहे लोगों की संख्या कितनी भी ज्यादा हो लेकिन उन्हें भीड़-भाड़ या धक्का-मुक्की का सामना नहीं करना पड़ेगा।
- स्काईवॉक फ्लाईओवर के वुडेन फ्लोर को मजबूत बनाने के लिए कई जगहों पर स्टेनलेस स्टील की दीवार बनायी गयी है।
- स्काईवॉक फ्लाईओवर की दीवारों पर जगह-जगह शीशे की पारदर्शी दीवार लगायी गयी है, ताकि श्रद्धालुओं को पूरे रास्ते मां वैष्णो देवी भवन के दर्शन होते रहे।
- लगभग 250-300 मीटर लंबे स्काईवॉक फ्लाईओवर पर हर 100 मीटर पर आधुनिक प्रतिक्षाहॉल तैयार किया गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर तीर्थ यात्री वहां कुछ समय रुककर आराम कर सकें।
- प्रतिक्षा हॉल में एक बार 100 से 200 यात्रियों के बैठने की व्यवस्था होगी। भीड़ ज्यादा बढ़ने पर भी यात्रियों को कोई परेशानी नहीं होगी।

- स्काईवॉक फ्लाईओवर के प्रवेश द्वार पर करीब 60 फीट लंबी कृत्रिम गुफा का निर्माण किया गया है, जिसके अंदर दोनों तरफ मां वैष्णो देवी की 9 रूपों की मूर्तियां सजी हुई हैं।
- गुफा के अंदर माता वैष्णो देवी के श्लोक व मंत्र आदि भी अंकित हैं।
- स्कॉईवॉक फ्लाईओवर पर जगह-जगह एलईडी स्क्रीन लगाए गये हैं, जिससे भक्तों को पूरे रास्ते माता वैष्णो देवी की पवित्र गुफा के दर्शन होते रहेंगे।
बता दें, माता वैष्णो देवी भवन स्काईवॉक फ्लाईओवर का उद्घाटन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 11 अक्टूबर 2023 को कर दिया है ताकि 15 अक्टूबर से शुरू हो रहे नवरात्रि के समय यहां आने वाले भक्तों को कोई परेशानी ना हो।
पार्वती भवन

पार्वती भवन को तीर्थ यात्रियों की सुविधा के लिए फिर से सजाकर तैयार किया गया है। भवन में 1500 डिजीटल लॉकर, एक वेटिंग लाउंज और यात्रियों के लिए वॉशरुम-टॉयलेट की सुविधा प्रदान की गयी है। नये अपग्रेड किये गये पार्वती भवन में हर रोज अब 10,000 से 15,000 तीर्थ यात्री निःशुल्क ठहर सकेंगे। इससे उन यात्रियों को सुविधा होगी, जो माता वैष्णो देवी भवन के आसपास लॉकर की सुविधा या स्नान करने की जगह तलाशते हुए इधर-उधर भटकते हैं। उनकी वजह से कई बार दूसरे यात्रियों को भी परेशानी होती है। इसका उद्घाटन भी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने किया।



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