उत्तराखंड में चार धाम यात्रा की शुरुआत हो चुकी है। लेकिन मौसम ने चार धाम यात्रियों की परीक्षा लेने का पूरा मूड बना रखा है। केदारनाथ में जहां भारी बर्फबारी हो रही है, वहीं गंगोत्री और यमुनोत्री में भी आंधी-बारिश की वजह से मौसम का मिजाज बिगड़ चुका है।

अगर आप भी इस भारी बर्फबारी में केदारनाथ की कठिन चढ़ाई करने वाले हैं तो कुछ बातों का ध्यान जरूर रखें। अपने साथ बैग में कुछ खास चीजें जरूर लेकर चलें जिससे आपको इस पवित्र यात्रा के रास्ते में कोई रुकावट ना झेलनी पड़े।
अगले कुछ दिनों तक बिगड़ा रहेगा मौसम का मिजाज
मौसम विभाग ने पूरे उत्तराखंड में मौसम बिगड़ने की चेतावनी दी है। केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री चारों धाम में बर्फबारी होने की वजह से मौसम काफी ठंडा हो गया है। इस वजह जगह-जगह यात्री फंस गये हैं। मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि 1 मई तक मौसम में खास सुधार होने की संभावना नहीं है।

मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर, पिथौरागढ़ में बर्फबारी, बिजली गिरने और तेज बारिश होने की संभावना है। केदारनाथ यात्रा में गौरीकुंड के पास पर्याप्त संख्या में रेनशेल्टर नहीं होने की वजह से यात्रियों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है। हालांकि प्रशासन यात्रियों की मदद करने के लिए पूरी तरह से तत्पर है।
अगर पैदल चढ़ने का लिया है फैसला
अगर आपने केदारनाथ की दुर्गम चढ़ाई को पैदल पूरा करने का फैसला लिया है, तो समझ लें कि मौसम के बिगड़े हालातों में आपकी चढ़ाई और भी कठिन होने वाली है। गौरीकुंड से केदारनाथ मंदिर तक की दूरी 16 किमी की है। आप भीमबली, रामबाड़ा, लिंचोली, घोड़ा पड़ाव के रास्ते मंदिर तक पहुंचेंगे।

हालांकि पैदल यात्रियों की संख्या भी काफी ज्यादा होती है लेकिन ऑक्सीजन लेवल के कम होने की वजह से चढ़ाई में दिक्कतें आती हैं। 16 किमी की इस चढ़ाई को पूरा करने में एक स्वस्थ्य व्यक्ति को 6-7 घंटों का समय लगता है।
जरूर बरतें ये सावधानियां
- ऊंचे पहाड़ पर स्थित केदारनाथ मंदिर साल में 6 महीने बर्फ से ढंका रहता है। लेकिन बर्फ पिघलने के बाद भी केदारनाथ घाटी में ठंड काफी ज्यादा रहती है। इसलिए यात्रा के 6 महीनों के दौरान यहां लगातार ठंड बनी रहती है।
- केदारनाथ में घाटी से लेकर पहाड़ तक, मौसम कभी भी बिगड़ सकता है। इसलिए बारिश से बचने के लिए रेनकोट, वॉटरप्रुफ जूते और बैग के लिए रेनकवर जरूर साथ में रखें।
- केदारनाथ की यात्रा शुरू करने से पहले एक बार डॉक्टर से फुल चेकअप जरूर करवा लें। कहीं ऐसा ना हो कि रास्ते में अचानक आपकी तबियत बिगड़ जाए। इससे आपको दोगुनी समस्या झेलनी पड़ेगी।
- गौरीकुंड से मंदिर के रास्ते में जगह-जगह मेडिकल कैंप्स लगे होते हैं। अगर रास्ते में कहीं भी सांस लेने में दिक्कत या कोई भी शारीरिक समस्या होती है तो वहां डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
- अपनी सभी दवाईयां अतिरिक्त मात्रा में साथ में रख लें। ऐसा भी हो सकता है कि मौसम बिगड़ने की वजह से आप कहीं फंस गये और आपको निर्धारित दिनों से ज्यादा समय वहां रुकना पड़ गया।
- बैग में सुखे मेवे, डार्क चॉकलेट और सुखा खाना जरूर रखें। इससे रास्ते में आपको भूख लगने पर दुकान भी नहीं ढूंढना पड़ेगा और आपका एनर्जी लेवल भी बना रहेगा।
- साथ में पानी की बोतल रखना बिल्कुल मत भूलिए। ठंड में प्यास भले ही कम लगती हो लेकिन पानी पीते रहिए। इससे शरीर में हाईड्रेशन बना रहेगा।



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