कोलकाता की ऐतिहासिक पीली टैक्सी (Yellow Taxi) के बंद होने की खबरों ने अगर आपको उदास कर दिया है, तो खुश हो जाएं। कोलकाता की सड़कों पर फिर से दौड़ेगी पीली टैक्सी, एक नए अवतार, नए नाम और अत्याधुनिक सुविधाओं के साथ। हाल ही में पश्चिम बंगाल सरकार ने पीली टैक्सी को 'यलो हेरिटेज कैब्स' (Yellow Heritage Cabs) के नाम से दोबारा लॉन्च किया है।
इन अत्याधुनिक टैक्सी सेवाओं को मुख्य रूप से कोलकाता की धरोहर को बचाए रखने के लिए एक निजी कंपनी के साथ मिलकर लॉन्च किया गया है। बताया जाता है कि इस पहल में 20 कैब को लॉन्च किया गया है जिन्हें यलो हेरिटेज कैब कहा जाएगा।

कोलकाता की पहचान है पीली टैक्सी
पिछले दिनों पश्चिम बंगाल के परिवहन मंत्री स्नेहाषीस चक्रवर्ती ने यलो हेरिटेज कैब को लॉन्च किया है। पीली टैक्सियां जो कोलकाता की पहचान का हिस्सा बन चुकी हैं, के धरोहर को बनाए रखने के लिए ही इन पीली कैब को लॉन्च किया गया है।
Times of India की मीडिया रिपोर्ट में परिवहन मंत्री के हवाले से बताया जाता है कि अगले 2 महीने के अंदर करीब 3000 ऐसी टैक्सियां कोलकाता की सड़कों पर दौड़ती नजर आएंगी। इस पहल पुरानी एंबेस्डर कार वाली पीली टैक्सियों की कमी को थोड़ा कम करने में मददगार साबित हो सकती है।
मिलेंगी अत्याधुनिक सुविधाएं
मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार नई लॉन्च हुई पीली टैक्सी, जिन्हें यलो हेरिटेज कैब कहा जा रहा है, में हर तरह की अत्याधुनिक यात्री सुविधाएं मिलेंगी। इन कैब में सीट बेल्ट, एयर बैग जैसी सुरक्षा उपकरण भी होंगे, जो ड्राईवर और सवारी दोनों की सुरक्षा को सुनिश्चित करेंगे। इसके साथ ही ये कैब CNG और पेट्रोल दोनों वेरिएंट में उपलब्ध होंगी। लेकिन इन कैब अथवा टैक्सियों की सबसे बड़ी खासियतें होंगी कि इनपर कोलकाता के उन संरचनाओं की तस्वीरें भी बनी होंगी, जो महानगर की पहचान कहलाते हैं जैसे विक्टोरिया मेमोरियल और हावड़ा ब्रिज।
कैसे करेंगे बुक?
कोलकाता में पीली टैक्सियों के लिए कोई ऐप उपलब्ध नहीं था। इसलिए इन्हें टैक्सी स्टैंड से ही पकड़ना पड़ता था। ऑनलाइन इन्हें बुक करना संभव नहीं हो पाता था। लेकिन अब सरकारी कैब बुकिंग ऐप 'यात्री साथी' (Yatri Sathi) ऐप की मदद से ऑनलाइन बुकिंग की जा सकती है।

बता दें, साल 2009 में कलकत्ता हाई कोर्ट के एक आदेश के मुताबिक 15 साल से पुरानी सभी पीली टैक्सियों को कोलकाता और हावड़ा क्षेत्र की सड़कों से हटा देना होगा। इस वजह से कोलकाता व हावड़ा की सड़कों से बड़ी संख्या में पीली टैक्सियां गायब हो गयी हैं।
करीब 3 साल पहले कोलकाता-हावड़ा की सड़कों पर जहां 20,000 पीली टैक्सियां हुआ करती थी, अब मात्र 2000 पीली टैक्सियां ही बची हैं जो इस साल (2025) के अंत तक ही रहेंगी। साल 2027-28 तक सभी पुरानी गाड़ियां कोलकाता की सड़कों से गायब होने की संभावना है।



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