बोधगया, बिहार का सबसे प्रसिद्ध शहर है, जो खासकर बौद्ध धर्म के लोगों के लिए खास महत्व रखता है और हिंदू धर्म के लोग भी यहां को लेकर काफी आस्था रखते हैं। बोधगया, बिहार का सबसे अच्छा और आदर्श डेस्टिनेशन माना जाता है। ऐसे में अगर आप कोलकाता या इसके आसपास रहते हैं तो आपके लिए बोधगया एक परफैक्ट डेस्टिनेशन साबित हो सकती है।

कोलकाता से बोधगया तक की यात्रा
कोलकाता से अगर बोधगया का सफर करते हैं तो यह करीब 480 किमी. के आसपास का है, जिसे कवर करने में आपको करीब 9 घंटे लगेंगे। कोशिश करें कि सुबह 4 बजे तक आज सफर पर निकल पड़े। नेशनल हाईवे (NH-19) पकड़कर आप इस रास्ते पर आगे बढ़ सकते हैं। आसनसोल के बाद आप जैसे ही धनबाद में प्रवेश करेंगे आपको काफी पहाड़ी वाले क्षेत्र दिखने लगेंगे।
चौपारण से आगे बढ़ने पर आप जैसे ही शेरघाटी पहुंचेगे, आपको बिल्कुल रोमांच वाली फीलिंग आएगी। रास्ते में पड़ने वाले जंगल बेहद आकर्षक नजर आते हैं और साथ ही आपको यहां पर कोबरा बटालियन का स्टेशन भी नजर आएगा। इस बीच आप रास्ते में रूककर कहीं चाय या नाश्ता भी कर सकते हैं, आपको रास्ते कई ढाबे और छोटे-मोटे होटल मिल जाएंगे।

रास्ते में पड़ने वाले सिमुलतला व राजगीर की सैर
करीब 12 बजे तक आप रास्ते में पड़ने वाले सिमुलतला तक पहुंच सकते हैं, जो बिहार के जमुई जिले में पड़ता है। ये स्थान अपने प्राकृतिक सुंदरता और बेहतरीन मौसम के लिए जाना जाता है। यहां पर महान संत श्री राम कृष्ण परमहंस का साधना स्थल (तपोभूमि) भी है। अपने ट्रिप के दौरान आप इसे भी कवर कर सकते हैं।
अगर राजगीर की बात की जाए तो इसका इतिहास से काफी गहरा नाता है। यह एक ऐसी घाटी है, जो भगवान बुद्ध और बौद्ध धर्म की अनगिनत कहानियों को अपने अंदर समेटे हुए है। यहांं का प्रमुख आकर्षण- अजातशत्रु किला, जीवककरम उद्यान, और स्वर्ण भंडार है। इसके अलावा यहां के ब्रम्हाकुंड है, जो अपने औषधीय गुणों वाले गर्म पानी के झरने के रूप में जाना जाता है, जो राजगीर के आकर्षण का प्रमुख केंद्र है। यहां की एक और खास बात है कि महात्मा बुद्ध ने यही पर प्रवचन दिया था।

बोधगया के प्रमुख पर्यटन स्थल
सिमुलतला व राजगीर कवर करते हुए आप करीब 4 या 5 बजे तक बोधगया पहुंच सकते हैं। जहां हल्का भोजन या चाय-नाश्ता कर आप अपने मुख्य डेस्टिनेशन की सैर कर सकते हैं। बोधगया का इतिहास से काफी गहरा नाता है और इसे खास महात्मा बुद्ध के लिए जाना जाता है। यहां घूमने वाले प्रमुख स्थानों में महाबोधि मंदिर, विष्णुपद मंदिर, बोधि वृक्ष, दुंगेश्वरी गुफा मंदिर के अलावा यहां बुद्ध की 80 फीट ऊंची प्रतिमा, कमल का तालाब, बुद्ध कुण्ड, बर्मीस मंदिर, राजायंत्र, ब्रह्मयोनि, अंतराष्ट्रीय बौद्ध हाउस, तिब्बती मठ, जापानी मंदिर, चीनी मंदिर और मठ, भूटान का बौद्ध मठ, थाई मंदिर व मठ और एक पुरातत्वीय संग्रहालय शामिल है।
इसके बाद आप रात तक कोलकाता के लिए निकल सकते हैं या फिर अगर आपके पास ज्यादा समय है तो आप रात बोधगया में बिता सकते हैं और यहां की खूबसूरती को अच्छे से निहार सकते हैं और फिर दोपहर तक कोलकाता के लिए वापसी कर लें। इससे आप एक या फिर अधिकतम दो दिन में कोलकाता से बोधगया की यात्रा पूरी कर सकते हैं।



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