अगर आप गूगल (Google) पर मुंबई से गोवा की सड़क मार्ग से दूरी के बारे में सर्च करते हैं तो यह दूरी दिखाता है 601 किमी। इसे तय करने में लगने वाला आनुमानिक समय होता है 12-13 घंटों का। अब जरा सोचिए, आपने मुंबई से गोवा के बीच की दूरी के बारे में सर्च किया तो गूगल ने आपको न सिर्फ इसकी आधी दूरी बल्कि इस दूरी को तय करने वाला समय भी आधा दिखाने लगे तो...।
जी हां, जल्द ही ऐसा होता हुआ आपको दिखाई देने वाला है। क्योंकि महाराष्ट्र सरकार ने मुंबई से गोवा के बीच कोंकण एक्सप्रेसवे को बनाने का प्रस्ताव दिया है जो इन दोनों जगहों के बीच की दूरी को लगभग आधी कर देने वाली है। लेकिन सवाल यह उठता है कि कोंकण एक्सप्रेसवे कब तक बनकर तैयार होगी और कब इसपर फर्राटेदार तरीके से पूरी रफ्तार के साथ दौड़ेंगी गाड़ियां?

आइए आपको कोंकण एक्सप्रेसवे जुड़ी दूसरी जरूरी जानकारियां देते हैं -
कितनी होगी कोंकण एक्सप्रेसवे की लंबाई?
मुंबई से गोवा के बीच जिस एक्सप्रेसवे को बनाने का प्रस्ताव महाराष्ट्र सरकार ने दिया है, उसकी आनुमानिक लंबाई करीब 376 किमी होगी। इस एक्सप्रेसवे का नाम कोंकण एक्सप्रेसवे रखा गया है। इस एक्सप्रेसवे का निर्माण की जिम्मेदारी महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास निगम (MSRDC) उठाएगी।
इस बारे में news18 की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि यह एक ग्रीनफिल्ड एक्सप्रेसवे होगा, जो कोंकण तटों के साथ-साथ चलेगा। संभवतः इसी वजह से इसका नाम कोंकण एक्सप्रेसवे रखने का फैसला लिया गया है।
कितना आगे बढ़ा है एक्सप्रेसवे का काम?
बताया जाता है कि कोंकण एक्सप्रेसवे के लिए विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट यानी DPR बनाने का काम लगभग पूरा होने को है। वहीं दूसरी ओर MSRDC ने भी विभिन्न विभागों जैसे पर्यावरण विभाग आदि से अनुमति लेने का काम भी शुरू कर दिया है। यह एक्सप्रेसवे निश्चित रूप से इन दोनों जगहों के बीच की दूरी के साथ-साथ सफर के समय में भी भारी कटौती करेगी। समय का कम होगा और सड़क का अच्छा होना यह सुनिश्चित करेगा कि यात्रियों का सफर आरामदायक तरीके से कटे।
कहां से कहां तक जाएगा कोंकण एक्सप्रेसवे?
महाराष्ट्र सरकार का नया प्रस्तावित कोंकण एक्सप्रेसवे पनवेल (नवी मुंबई) को सिंधुदुर्ग से जोड़ेगा। मुंबई से सिंधुदुर्ग के बीच की दूरी को तय करने में फिलहाल जहां 12-13 घंटों का समय लगता है, इस एक्सप्रेसवे के निर्माण के साथ ही इस दूरी को तय करने में लगभग 6 घंटे कम लगेंगे। यानी मुंबई से सिंधुदुर्ग तक पहुंचने में लगभग आधा समय (6 घंटे) ही लगेंगे। यह एक्सप्रेसवे 6 लेन चौड़ा होने वाला है। यह एक्सप्रेसवे रायगढ़ और रत्नागिरी होकर जाएगी।

कितनी होगी लागत?
मीडिया रिपोर्ट की मानें तो कोंकण एक्सप्रेसवे को पूरी तरह से बनने में करीब ₹68,000 करोड़ की लागत आने वाली है। वहीं इसके लिए लगभग 3,792 हेक्टेयर की जमीन का भी अधिग्रहण करने की जरूरत होगी, जिसमें से 146 हेक्टेयर भूमि जंगल के क्षेत्र में आता है।
MSRDC के एक अधिकारी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि इस एक्सप्रेसवे में कुल 14 इंटरचेंज होंगे। संभावना व्यक्त की जा रही है कि कोंकण एक्सप्रेसवे के बन जाने से न सिर्फ पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा बल्कि इसका निर्माण शुरू होने से आसपास के जिलों में लोगों को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे।
कोंकण एक्सप्रेसवे की मुख्य बातें :
- कुल लंबाई - 376 किमी
- कहां से कहां तक - पनवेल से सिंधुदुर्ग
- इस दूरी को तय करने में लगने वाला वास्तविक समय - 12-13 घंटे
- एक्सप्रेसवे से लगने वाला समय - लगभग 6 घंटे
- एक्सप्रेसवे को बनाने की लागत - ₹68,000 करोड़
- कब तक पूरा होगा काम - अभी तक निर्धारित नहीं
- कितना आगे बढ़ा निर्माण का काम - DPR बनाने का काम लगभग पूरा
कब से शुरू होगा मुंबई-गोवा एक्सप्रेसवे?
जी हां, साल 2011 में केंद्र सरकार ने फैसला लिया था कि मुंबई-गोवा नेशनल हाईवे 66 (एक्सप्रेसवे) को न सिर्फ चौड़ा किया जाएगा बल्कि इस सड़क को बेहतर भी बनाया जाएगा, ताकि सफर के दौरान गड्डे जैसी समस्याएं सामने न आएं। इस हाईवे को 2 लेन से चौड़ा कर 4 लेन का बनाया गया है। इससे दोनों जगहों के बीच की दूरी को तय करने में लगभग 5 घंटे का समय कम लगने की संभावना जतायी गयी थी।
इस हाईवे का निर्माण वर्ष 2016 में ही पूरा करने की समयसीमा निर्धारित की गयी थी लेकिन इस समय सीमा के 13 साल बीत जाने के बावजूद इसका विकास कार्य अभी भी जारी है। मीडिया रिपोर्ट्स से मिली जानकारी के अनुसार इस साल दिसंबर से इस हाईवे के पूरी तरह से संचालित होने की संभावना है। 460 किमी लंबी इस हाईवे का विकास 11 चरणों में किया जा रहा है। इसके निर्माण का 99 फीसदी काम पूरा हो चुका है।



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