लद्दाख...पहाड़, Passes और झील। हर साल हजारों पर्यटक लद्दाख के शानदार नजारें देखने के लिए जाते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं, लद्दाख सैंकड़ों प्रकार के पक्षियों का घर भी है। जी हां, लद्दाख के पहाड़ और बिहड़ भी पक्षियों के घर हैं। विभिन्न सर्वे से मिली जानकारी के अनुसार लद्दाख के ठंडे प्रदेशों में 300 से ज्यादा पक्षियों का बसेरा होता है लेकिन...

ये पक्षी यहां स्थायी रूप से नहीं रहते हैं। मेहमानवाजी का लुत्फ उठाने के बाद यहां महज 30-32 प्रजाति के पक्षी ही रहते हैं और बाकी वापस लौट जाते हैं।
आइए आपको लद्दाख के इन अनदेखे Side से रु-ब-रु करवाते हैं :
रोमांचित कर सकती है बर्ड वॉचिंग

लद्दाख में घूमने-फिरने और पहाड़ों की सुन्दरता का लुत्फ उठाने के साथ पर्यटकों को जो चीज रोमांचित करेगी वह है बर्ड वॉचिंग। लद्दाख में करीब 300 से ज्यादा प्रकार के पक्षी प्रजनन के लिए प्रवास पर आते हैं। इन पक्षियों के साथ-साथ लद्दाख में स्थायी रूप से रहने वाले कई प्रकार के पक्षी भी होते हैं, जिनको देखने जाना पर्यटकों के लिए स्पेशल ट्रिट की तरह हो सकता है। लद्दाख की अपनी ट्रिप में अगर आप बर्ड वॉचिंग को भी शामिल करते हैं तो यकिन मानिए यह ट्रिप आपके सबसे यादगार ट्रिप में शुमार हो जाएगी।
कौन-कौन सी प्रजाति के पक्षी मिलेंगे यहां

लद्दाख में जिन प्रजातियों के पक्षी आपको दिखेंगे, उनमें प्रवासी और स्थानीय निवासी दोनों प्रकार के पक्षी शामिल हैं। प्रवासी पक्षियों की संख्या ज्यादा होती है जबकि निवासी पक्षियों की संख्या उनसे थोड़ी कम होती है।
लद्दाख के निवासी पक्षी :
- कॉमन मर्गेंसर
- हिमालयी ग्रिफ़ॉन
- गोल्डन ईगल
- तिब्बती स्नोकॉक
- तिब्बती तीतर
- यूरेशियन ईगल उल्लू
- स्नो कबूतर
- ब्राउन डिपर
- विंटर रेन
- अल्पाइन एक्सेंटर

प्रवास पर मेहमान बनकर लद्दाख आने वाले पक्षी :
- जंगली कौआ
- यूरेशियन जैकडॉ
- हम्स ग्राउंडपीकर
- ब्लैक ड्रॉन्गो
- यूरेशियन गोल्डन ओरियोले
- कॉमन स्टारलिंग
- प्लेन बैक्ड स्नोफिंच
- स्पैनिश स्पैरो
- बार टेल्ड ट्रिक्रिपर
- यलोहैमर
लद्दाख में कहां कर सकते हैं बर्ड वॉचिंग :
मुख्य तौर पर सेंट्रल और पूर्वी लद्दाख में प्रवासी पक्षी देखे जा सकते हैं। अगर मौसम में अचानक किसी प्रकार का परिवर्तन होता है तो काफी अधिक संख्या में प्रवासी पक्षियों को हान्ले, चुमुर, सो कार, शे-तिक्से क्षेत्र में भी दिखाई देते हैं। लद्दाख में मुख्य तौर पर जो इलाके बर्ड वॉचिंग के प्रसिद्ध है, उनमें सुरु घाटी, नुब्रा घाटी, शे मार्शेज, सो मॉरिरी लेक और हेमिस नेशनल पार्क शामिल हैं।

खास तौर पर फायर कैप्ड टिट सेफलोप्टेरस फ्लेमिसेप्स, व्हाइट टेल्ड रूबीथ्रोट लुसिनिया पेक्टोरलिस और विभिन्न प्रकार के वॉरब्लर सुरु घाटी के सांको और पैराचिक के बीच मिलते हैं। रिजॉन्ग मॉनेस्ट्री के आसपास के क्षेत्र में आपको ब्राउन डिपर, यूरोसियन स्पैरोहॉक और वालक्रिपर पक्षी दिख जाएंगे।
कौन सा समय है बर्ड वॉचिंग के लिए बेस्ट

अगर लद्दाख घूमने के साथ-साथ आपको वहां आने वाले प्रवासी व लद्दाख के स्थानीय पक्षी भी देखना है तो अप्रैल से लेकर सितंबर के बीच का समय लद्दाख घूमने के लिए बेस्ट है। बता दें, लद्दाख में वसंत प्रवास (Spring Migration) पर आने वाले प्रवासी पक्षियों को आप मार्च के अंत से लेकर मई तक और शरद ऋतु (Autumn) में प्रवास पर आने वाले पक्षी अगस्त के अंत से नवंबर तक दिखेंगे।



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