लद्दाख में घुमना हर किसी के बस की बात नहीं है। लद्दाख का वातावरण और तापमान, ऊंचाई पर ऑक्सीजन की कमी, धुप और ठंड के बीच घुमना सिर्फ वहीं लोग एंजॉय कर सकते हैं जिनके लिए घुमना शौकिया नहीं बल्कि उनका पैशन है। पर्यटन के लिहाज से लद्दाख में देखने और घुमने के लिए काफी कुछ है। ऐसा ही लद्दाख का एक छोटा सा गांव है हानले, जहां जाने वाले पर्यटकों का एक खास मकसद होता है।

हानले में अब तक विदेशी पर्यटकों को आने की अनुमति नहीं दी जाती थी, लेकिन हाल में केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय ने हानले में विदेशी पर्यटकों को रात में रुकने की इजाजत दे दी है। आखिर हानले विलेज इतना खास क्यों है?
कहां है हानले विलेज
हानले लद्दाख के हाई-ऑल्टिट्यूट चांगथांग पठार पर बसा एक छोटा सा गांव है। इसकी लेह से दूरी करीब 270 किमी की है। इस गांव में करीब 300 घर हैं। लद्दाख के हानले विलेज में आने वाले लोग इसकी खुबसूरती में बस खो जाते हैं। लेकिन हानले में दिन की तुलना में इसकी रातें काफी ज्यादा सुन्दर होती हैं। हानले तक पहुंचने का रास्ता थोड़ा मुश्किलों वाला जरूर लग सकता है लेकिन एक बार इस गांव में सुरज ढल जाए, तो यकीन मानिए आपको नंगी आंखों से ही वो नजारा दिखेगा जिसे आप अपनी जिंदगी में कभी भूल नहीं पाएंगे।
क्यों खास है हानले

हानले को खास उसकी काली अंधेरी रातें बनाती है। दरअसल, हानले को लद्दाख के वन्यजीव विभाग द्वारा डार्क स्काई रिजर्व घोषित किया गया है। इसके साथ ही हानले में भारतीय खगोलीय वैधशाला भी है, जो दुनिया की सबसे अधिक ऊंचाई पर स्थित वैधशाला है। इस वजह से ही हानले का महत्व काफी ज्यादा बढ़ गया है। इसे साल 2001 में तैयार किया गया था। करीब 14,800 फीट की ऊंचाई पर मौजूद इस वैधशाला के शक्तिशाली टेलीस्कोप से आसमान में तारों को देखने का नजारा एक शानदार अनुभव होता है।

बताया जाता है कि पहले इस वैधशाला के अंदर भी टूरिस्ट जा सकते थे लेकिन अब वैधशाला को सिर्फ बाहर से ही देखा जा सकता है। इतनी अधिक ऊंचाई और कम प्रदूषण होने की वजह से यह जगह रात को तारों के अध्ययन और उन्हें देखने के लिए बिल्कुल परफेक्ट है।
कैसी होती है हानले में रातें
हानले की रातें इतनी मनमोहक होती है कि सूरज ढलने के बाद जब आप अपनी नजरें आसमान की तरफ उठाएंगे तो हम दावे के साथ कह सकते हैं कि आप बस टकटकी लगाए आकाश को ही देखते रह जाएंगे। आसमान में कुछ जगमगाते और कुछ टिमटिमाते तारों के बीच रात गुजारने के अनुभव को शब्दों में बयां कर पाना बहुत मुश्किल है। यह नजारा आपको दिल से खुशी प्रदान करेगा। रात को तारों के बीच खुद को पाकर आप यहां तक पहुंचने का कष्ट पूरी तरह से भूल जाएंगे।
और क्या है हानले में खास

हानले में चारों तरफ बस पहाड़ ही नजर आएंगे। लेकिन लद्दाख के पहाड़ किसी और पहाड़ी राज्य से काफी अलग होते हैं। लद्दाख के पहाड़ बंजर होते हैं। रेत के ऊंचे-ऊंचे टीले हैं और रात को ठंडी हवा का स्पर्श मिलेगा। हानले शहरों के शोर-शराबे से पूरी तरह दूर है। इसलिए शांति और सुकुन पाने के लिए भी यह जगह काफी अच्छी है। लद्दाख में टूरिस्ट को काफी संख्या में घूमने आते हैं लेकिन हानले में टूरिस्ट की भीड़ ज्यादा नहीं होती है। इसके साथ ही हानले मोनेस्ट्री भी देखने लायक जगह है।
कहां रुकें

हानले में कोई होटल नहीं है, जहां आप रुक सकें। हानले गांव के निवासी अपने घरों में ही होमस्टे चलाते हैं। इसलिए हानले जाने पर आपको दोहरा फायदा मिलेगा। पहला आप तारों से भरी यहां की शानदार रातों को अनुभव कर सकेंगे। और दूसरा किसी लद्दाखी परिवार के साथ रहकर वहां का पारंपरिक भोजन और उनकी रोजमर्रा की जिंदगी, उसकी चुनौतियों को और भी करीब से समझ सकेंगे। हानले गांव के लोग काफी प्यारे हैं और वे अपने घरों में देसी या फिर विदेशी किसी भी मेहमान का स्वागत करने के लिए हमेशा तैयार रहते हैं।



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