साल का वह महीना आने वाला है जिसका इंतजार हर प्रेमी जोड़े को बड़ी बेसब्री से रहता है। लगभग हर जोड़ा अलग-अलग तरीके से अपने दिमाग के घोड़े दौड़ाने लगा है ताकि वह वैलेंटाइन डे को अपने पार्टनर के लिए खास बना सके। तरह-तरह के सरप्राइज गिफ्ट भी देने का प्लान बनाया जाता है। क्यों न इस बार वैलेंटाइन डे पर आप अपने पार्टनर को किसी रोमांटिक जगह का ट्रिप ही प्लान में दे डालें।

वह भी ऐसी जगह जहां से मालदीव वाली वाइव आती हो। लेकिन मालदीव जैसी इस जगह पर जाने के लिए न तो आपको पासपोर्ट की जरूरत होगी और न ही खर्च ऐसा कि अगले पूरे महीना रोना पड़ जाए। किसी भी आम ट्रिप के खर्च पर ही लक्षद्वीप घूम आएं। यकिन मानिए यह जगह मालदीव से किसी भी सूरत में कम रोमांटिक नहीं है।
लक्षद्वीप भारत की मुख्य भूमि से लगभग 300 किमी की दूरी पर मौजूद द्वीपों पर एक समूह है। यह भारत का एक केंद्र शासित प्रदेश भी है। लक्षद्वीप जाने वाले अधिकांश पर्यटक नयी-नवेली शादी वाले हनीमून कपल्स या फिर गर्लफ्रेंड-बॉयफ्रेंड होते हैं। इस द्वीप समूह में कुल मिलाकर करीब 36 छोटे-बड़े द्वीप हैं, जिनमें कवरत्ती (राजधानी), अगत्ती, मिनिकॉय और अमिनी मुख्य द्वीप हैं।
मिनिकॉय लक्षद्वीप का दूसरा सबसे बड़ा द्वीप है। इस द्वीप पर महल भाषा बोली जाती है और अन्य सभी द्वीपों पर मलयालम भाषा बोली जाती है। इस द्वीप की सबसे बड़ी खासियत यहां का खुबसूरत और साफ नीला पानी है। यह लक्षद्वीप के सबसे बड़े लैगून में से एक है। अगर आप या आपके पार्टनर को वाटर या अंडर वाटर एक्टिविटी का शौक है तो मिनिकॉय द्वीप परफेक्ट डेस्टिनेशन होगा।
कैसे पहुंचे मिनिकॉय

लक्षद्वीप सड़क मार्ग से बिल्कुल जुड़ा नहीं है। इसलिए मिनिकॉय तक पहुंचने का 2 रास्ता हो सकता है। पहला फ्लाइट से और दूसरा क्रुज द्वारा। कोच्चि से लक्षद्वीप के लिए फ्लाइट मिलेगी। कोच्चि से लक्षद्वीप के अगत्ती द्वीप तक जाना होगा और वहां से फिर क्रुज या हेलीकॉप्टर द्वारा आप मिनिकॉय पहुंच सकते हैं। इस पूरी दूरी को तय करने में आपको 4 से 5 घंटे का समय लग सकता है।
मिनिकॉय जाने का दूसरा रास्ता क्रुज द्वारा है। कोच्चि से मिनिकॉय के लिए क्रुज सेवा उपलब्ध है जिसमें करीब 18 घंटे का समय लगता है। अगर आप फ्लाइट से मिनिकॉय जाते हैं तो आपको 15 से 25 हजार रूपए चुकाने पड़ेंगे। लेकिन क्रुज से मिनिकॉय जाने में सिर्फ 4-6 हजार रूपए ही चुकाने पड़ेंगे।
लक्षद्वीप जाने से पहले लेना होगा परमिट
लक्षद्वीप के निवासी आदिवासी समुदाय से आते हैं। इसलिए उनकी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ही वर्ष 1967 से यहां प्रवेश व प्रवास प्रतिबंध नियम लागू किया गया है। यहां टूरिस्ट घूमने जरूर जा सकते हैं लेकिन उन्हें विशेष अनुमति लेने की जरुरत होती है। हालांकि यहां के सरकारी नौकरीपेशा और आर्म्ड फोर्स के लोगों व उनके परिवारजनों को कोई अनुमति नहीं लेनी पड़ती है।
पर्यटक कैसे लें परमिट
- epermit.utl.gov.in सरकारी पोर्टल से एक फॉर्म डाउनलोड करना होता है।
- फॉर्म के लिए 50 रुपए की फीस चुकानी पड़ती है। इसके अलावा 12 से 18 साल के बच्चों के लिए 100 रुपये और 18 साल से ज्यादा उम्र के व्यक्तियों के लिए 200 रुपये का एक्स्ट्रा चार्ज है।
- अपने जिले के अधिकारी से वेरिफिकेशन सर्टिफिकेट बनवाना होता है।
- पहचान पत्र की फोटो और कुछ पासपोर्ट साइज़ फोटो अपने साथ रखें।
- फॉर्म और डॉक्यूमेंट लेकर जब आप लक्षद्वीप पहुंचेंगे तो सारे दस्तावेज प्रशासक के ऑफिस में जमा करना पड़ेगा।
- इनकी जांच के बाद ही लक्षद्वीप घूमने की अनुमति मिलेगी।
- भारतीय पर्यटक लगभग सभी द्वीपों पर जा सकते हैं, लेकिन विदेशी सैलानी सिर्फ अगत्ती, कदमत और बंगारम द्वीप पर जा सकते हैं।

मिनिकॉय द्वीप पर एडवेंचर एक्टिविटी और घूमने की जगह
- जाधोनी बोट रेसिंग।
- स्कूबा डाइविंग।
- कयाकिंग या स्नॉर्कलिंग।
- जुमा मस्जिद जाएं।
- लावा पारंपरिक नृत्य।
- 1885 में बने लाइटहाउस देखें।
- रेतीले समुद्र तटों पर टहलें और पानी के नीचे के जहाजों को देखें।
- साइकिल किराए पर लेकर द्वीप के चारों ओर घूमें।
लक्षद्वीप और खासतौर पर मिनिकॉय द्वीप के बारे में यहां हमने आपको विस्तार से जानकारी दे दी है। अब ज्यादा देर न करते हुए मिनिकॉय घूमने का प्लान बना लें और अपने पार्टनर को वैलेंटाइन डे पर शानदार सरप्राइज दें। यकिन मानिए लक्षद्वीप पर रोमांटिक समय बिताना मालदीव से कहीं ज्यादा सस्ता है और यहां मालदीव जैसे ही नजारे और अनुभव मिलेंगे।



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