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वो सफर जो मंजील पर नहीं पहुंचा : पिछले 30 सालों में हुए सबसे बड़े रेल हादसे

ओडिशा के बालासोर जिला 2 जून 2023 को कोरोमंडल एक्सप्रेस, हावड़ा-यशवंतपुर एक्सप्रेस और मालगाड़ी के बीच हुई भयावह Triple रेल दुर्घटना का साक्षी बना है। इस रेल हादसे में अब तक 250 से ज्यादा लोगों के मरने और लगभग 1000 लोगों के घायल होने की सूचना है।

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बताया जाता है कि यह संख्या और बढ़ सकती है। भारत में इससे पहले भी कई रेल हादसे हुए हैं।

आइए आपको पिछले 30 सालों में सबसे बड़े रेल हादसों के बारे में बताते हैं :

फिरोजाबाद रेल हादसा

20 अगस्त 1995 की आधी रात को दिल्ली जा रही कालिंदी एक्सप्रेस फिरोजाबाद से खुलने के बाद ट्रैक पर खड़ी नीलगाय से टकराकर रुक गयी थी। इसी बीच फिरोजाबाद से उसी ट्रैक पर पुरुषोत्तम एक्सप्रेस भी 100 किमी की रफ्तार से निकल पड़ी। पुरुषोत्तम एक्सप्रेस ने कालिंदी एक्सप्रेस को पीछे जाकर जोरदार टक्कर मारी। 3 दिन तक रेस्क्यू ऑपरेशन चला। अंत में ट्रैक पर चारों तरफ बिखरे पड़े शरीर के टुकड़ों को इकट्ठा कर एक साथ जला दिया गया। इस हादसे में लगभग 350 लोगों की मौत और 400 लोग घायल हो गये थे।

खन्ना रेल दुर्घटना

26 नवंबर 1998 को पंजाब के खन्ना में फ्रंटियर गोल्डेन टेम्पल मेल कोलकाता जा रही जम्मूतवी-सियालदह एक्सप्रेस से जाकर सीधी टकरा गई। इस हादसे में फ्रंटियर गोल्डेन टेम्पल एक्सप्रेस के 6 कोच पटरी से उतर गये। इस हादसे में कम से कम 212 यात्रियों की मौत हो गयी थी।

गैसाल रेल हादसा

3 अगस्त 1999 को पश्चिम बंगाल के गैसाल में दिल्ली जा रही ब्रह्मपुत्र मेल और अवध-असम एक्सप्रेस की सीधी टक्कर हो गयी थी। हादसे के समय दोनों ट्रेनों में कुल ढाई हजार से भी अधिक यात्री सवार थे। इस हादसे में लगभग 290 यात्रियों की मौत हो गयी थी और सैंकड़ों घायल हो गये थे।

राजधानी एक्सप्रेस दुर्घटना

9 सितंबर 2002 को देश में उस समय सबसे तेज चलने वाली राजधानी एक्सप्रेस दुर्घटनाग्रस्त हो गयी थी। रात को लगभग 10.40 बजे गया और डेहरी-ऑन-सोन स्टेशनों के बीच रफीगंज स्टेशन के पास हावड़ा-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस पटरी से उतर गयी थी। इस दुर्घटना में ट्रेन में सवार लगभग 140 लोगों की मौत हो गयी थी।

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ज्ञानेश्वरी एक्सप्रेस दुर्घटना

पश्चिम बंगाल के पश्चिम मिदनापुर जिले में खेमाशुली और सरडिहा स्टेशनों के पास यह ट्रेन दुर्घटनाग्रस्त हुई थी। रात को करीब 1.30 बजे यह ट्रेन नक्सली हमले का शिकार बनी थी। रेल ट्रैक पर विस्फोट के बाद मुंबई-हावड़ा-कुर्ला-लोकमान्य तिलक ज्ञानेश्वरी सुपर डिलक्स एक्सप्रेस पटरी से उतर गयी थी। इसके बाद यह ट्रेन मालगाड़ी से जा भीड़ी। रिपोर्ट के मुताबिक इस हादसे में 170 लोगों की मौत हो गयी थी।

सैंथिया रेल हादसा

पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में सैंथिया में उत्तर बंग एक्सप्रेस और वनांचल एक्सप्रेस की सीधी टक्कर हुई थी। इस टक्कर में ट्रेन में सवार 62 लोगों की मौत और 150 से ज्यादा लोग घायल हो गये थे।

इंदौर-पटना एक्सप्रेस दुर्घटना

उत्तर प्रदेश के कानपुर के पास पुखरायां में इंदौर-पटना एक्सप्रेस के 14 कोच पटरी से उतर गये थे। इस रेल हादसे में कम से कम 150 लोगों की मौत हो गयी थी। इस दुर्घटना में सैंकड़ों लोग घायल हो गये थे।

हम्पी एक्सप्रेस दुर्घटना

22 मई 2012 को आंध्र प्रदेश के पास हुबली-बैंगलोर हम्पी एक्सप्रेस की एक मालगाड़ी से टक्कर हो गयी थी। इस हादसे में ट्रेन के 4 डिब्बे पटरी से उतर गये थे। संघर्ष की वजह ट्रेन के डिब्बों में आग गयी थी। हालांकि आग को जल्दी ही काबू में लाया जा सका था। इस दुर्घटना में 25 से ज्यादा लोगों की मौत और 43 लोगों की मौत हो गयी थी।

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