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भारत के ऐसे मंदिर, जहां भोग के रूप में चढ़ाया जाता है चिकन व मटन

जहां एक ओर हिंदू धर्म में मांस-मदिरा को अपवित्र माना जाता है। वहीं, दूसरी ओर इसी मांस-मदिरा कुछ हिंदू मंदिरों में प्रसाद के रूप में चढ़ाया जाता है और भक्तों में प्रसाद के रूप में वितरीत भी की जाती है। भारत के कई ऐसे मंदिर है, जहां प्रसाद के रूप में मटन व चिकन बिरयानी बांटी जाती है, जिसके बारे में आज हम बात करेंगे।

तरकुलहा देवी मंदिर, गोरखपुर

तरकुलहा देवी मंदिर, गोरखपुर के फेमस मंदिर में से एक है। दरअसल, मंदिर का ये इलाका पहले एक घना जंगल हुआ करता था, जहां के राजा बाबू बंधू सिंह (डुमरी रियासत) तरकुल (ताड़) के पेड़ के नीचे पिंडी रखकर देवी की उपासना किया करते थे। राजा गुरिल्ला लड़ाई में काफी माहिर थे। जब भी कोई अंग्रेज यहां से गुजरता, राजा उसके सिर को काटकर देवी को भेंट चढ़ा देते। यह मंदिर एक नॉन-वेज मंदिर की श्रेणी में आता है। यहां भक्तों को प्रसाद के रूप में मटन दिया जाता है।

tarkulha devi

कामाख्या देवी मंदिर, असम

असम के गुवाहाटी में स्थित कामाख्या देवी का मंदिर देश के प्रसिद्ध शक्तिपीठों में से एक है। ये मंदिर तंत्र विद्या के लिए भी जाना जाता है। मंदिर में देवी को मछली और मीट का भोग लगाया जाता है।

kamakhya devi mandir

कालीघाट मंदिर, पश्चिम बंगाल

पश्चिम बंगाल के कोलकाता में स्थित कालीघाट का मंदिर है, जहां प्रसाद के रूप में मां काली को बकरे का मांस चढ़ाया जाता है। यह देश के प्रमुख शक्तिपीठों में से एक है। यहां देशभर से काफी संख्या में भक्तगण आते हैं और माता का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।

kaalighat devi temple

तारापीठ मंदिर, पश्चिम बंगाल

पश्चिम बंगाल के बीरभूमि जिले में स्थित तारापीठ मंदिर एक शक्तिपीठ है। यहां देवी के भक्तों की काफी भीड़ लगती है। इस मंदिर को भी नॉनवेज मंदिरों की श्रेणी में रखा गया है। यहां पर भक्तों द्वारा मछली और मीट का भोग लगाया जाता है।

दक्षिणेश्वर काली मंदिर, पश्चिम बंगाल

पश्चिम बंगाल के कोलकाता में स्थित दक्षिणेश्वर काली मंदिर है, जो कोलकाता के सबसे प्रसिद्ध मंदिरों में से एक है। इसे साल 1854 में जान बाजार की रानी रासमणि द्वारा बनवाया गया था। शुरुआती दौर में स्वामी रामकृष्ण मंदिर के मुख्य पुजारी थे। इस मंदिर में देवी को भोग के रूप में मछली से बना प्रसाद चढ़ाया जाता है।

बिमला देवी मंदिर, ओडिशा

ओडिशा के पुरी में स्थित बिमला देवी मंदिर एक हिंदू मंदिर है। इस मंदिर का जीर्णोद्धार साल 2005 के आसपास किया जाता है। इस मंदिर में देवी को मटन और मछली से बने प्रसाद का भोग लगाया जाता है।

मुनियांदी स्वामी मंदिर, तमिलनाडु

तमिलनाडु के मदुरई में स्थित मुनियांदी स्वामी मंदिर एक ऐसा मंदिर है, जहां भक्तों को प्रसाद के रूप में बिरयानी दी जाती है। जी हां, यहां साल भर में एक बार तीन दिन के लिए एक वार्षिक महोत्सव का आयोजन किया जाता है। उस दौरान यहां पर भक्तों को बिरयानी वितरीत की जाती है।

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