प्राचीन सिंधुघाटी सभ्यता का एक व्यापारिक शहर लोथल, जहां दुनिया का सबसे पुराना कृत्रिम बंदरगाह मौजूद था। इसका अर्थ हुआ कि करीब 4500 साल पहले सिंधुघाटी सभ्यता के लोग कृत्रिम रूप से बंदरगाह निर्माण करने की कला में माहिर थे। यह गांव अहमदाबाद से करीब 80 किमी दूर स्थित है।

चलिए आपको हम इस गांव के बारे में विस्तार से बताते हैं
मिनी हड़प्पा कहा जाता है इसे
सिंघुघाटी सभ्यता के सबसे महत्वपूर्ण शहरों में से एक, लोथल को मिनी हड़प्पा के नाम से भी जाना जाता है। करीब 4500 साल पुराने इस शहर में दुनिया का सबसे पुराना कृत्रिम बंदरगाह (डॉक) पाया गया था, साबरमती नदी की एक पुरानी शाखा से जुड़ी थी।
आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया ने इस जगह की खुदाई 13 फरवरी 1955 को शुरू हुई थी जो 19 मई 1960 को खत्म हुई। माना जाता है कि यह शहर 3700 बीसीई में बसा था जो उस समय सिंध से गुजरात के सौराष्ट्र के बीच नदी के माध्यम से व्यापार का एक प्रमुख साधन बना।
मिस्र और मेसोपोटामिया से होते थे व्यापार

लोथल में जिस तरह की कलाकृतियां मिली, उनसे पता चलता है कि यह उस समय का एक महत्वपूर्ण व्यापारिक शहर था। यहां के साथ मिस्र, मेसोपोटामिया और पर्सिया के साथ व्यापार होते थे। पुरातत्वविदों को यहां खुदाई से नहर, कृत्रिम यानी मानव निर्मित डॉकयार्ड, बिड्स फैक्ट्री, गोदाम, ड्रेनेज (जल निकासी) सिस्टम आदि मिले हैं। इस जगह को यूनेस्को की वर्ल्ड हेरिटेज साइट के रूप में नामांकित किया गया है।
लोथल को मृतकों का शहर भी कहा जाता है। क्योंकि गुजराती में लोथल शब्द दो शब्दों से मिलकर बना है। लोथ और थल जिसका अर्थ होता है मृतकों का टीला।
कैसे पहुंचे लोथल
सड़क मार्ग - लोथल गुजरात के अहमदाबाद से महज 80 किमी की दूरी और भाल क्षेत्र में स्थित है। अहमदाबाद से गाड़ी से लोथल तक के लिए पक्की सड़के हैं, जिस वजह से यह यात्रा काफी आरामदायक होता है। यह गांव अहमदाबाद के साथ-साथ राजकोट, भावनगर और धोलका शहरों से पक्की सड़कों से जुड़ा हुआ है।

ट्रेन - अहमदाबाद के गांधीग्राम स्टेशन से लोथल-भुरखी स्टेशन के लिए हर रोज 5 ट्रेनें खुलती हैं। यह जगह लोथल हेरिटेज साइट से महज 6 किमी दूर है। स्टेशन से आपको हेरिटेज साइट के लिए बसें आसानी से मिल जाएंगी।
एयरपोर्ट - लोथल हेरिटेज साइट का सबसे नजदीकि एयरपोर्ट अहमदाबाद है, जो वहां से 80 किमी दूर है। अहमदाबाद से लोथल के लिए कैब या टैक्सी मिल जाएगी।
म्यूजियम
लोथल हेरिटेज साइट हर शुक्रवार को बंद रहता है। इसके साथ हेरिटेज साइट के पास ही एक पुरातत्व म्यूजियम है, जहां आप लोथल की खुदाई से मिले आभूषण, मिट्टी के बर्तन, मुहरें, धार्मिक प्रतीक और दैनिक उपयोग की अन्य वस्तुएं देख सकते हैं। यह म्यूजियम सुबह 10 बजे से लेकर शाम को 5 बजे तक खुला रहता है और शुक्रवार को बंद रहता है।



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