लखनऊ का बड़ा इमामबाड़ा हो या रुमी दरवाजा, द रेजीडेंसी हो या हैप्पीनेस पार्क...घूमने की कई जगहें आपको मिल जाएंगी। ये सभी जगहें नवाबों के इस शहर के इतिहास को दिखाती हैं। लोकप्रिय टूरिस्ट स्पॉट होने की वजह से यहां हर समय पर्यटकों का मेला लगा रहता है। लेकिन लखनऊ में अगर आप सुकून ढूंढ रहे हैं तो गोमती नदी के किनारे बने हनुमंत धाम मंदिर का रुख किजीए।
लगभग 400 साल पुराने इस मंदिर में आपको न सिर्फ अध्यात्मिक सुकून मिलेगा बल्कि यहां की प्राकृतिक सुन्दरता भी आपका दिल जीत लेगी। हम दावे के साथ कह सकते हैं कि इस मंदिर की खासियतें ऐसी हैं कि आपका यहां से वापस जाने का मन ही नहीं करेगा।

करीब 400 साल पुराना है मंदिर
लखनऊ का हनुमंत धाम लगभग 7 बीघा के क्षेत्र में फैला हुआ है। स्थानीय लोगों की मानें तो यह मंदिर लगभग 400 साल पुराना है, जिसका हाल ही में उत्तर प्रदेश की सरकार द्वारा सौंदर्यीकरण करवाया गया है। साल 2022 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मंदिर का सौन्दर्यीकरण के बाद दोबारा उद्घाटन किया था।
अपने नाम के अनुरुप इस मंदिर में भगवान हनुमान की 108 फीट ऊंची प्रतिमा भी स्थापित की गयी है जो पर्यटकों को खुब आकर्षित करती है। हनुमंत धाम मंदिर में आपको हर तरफ भगवान हनुमान की विभिन्न आकारों व मुद्राओं में दर्शन मिलेंगे।

देशभर में अपनी तरह का है पहला मंदिर
लखनऊ के हनुमंत धाम मंदिर में भगवान हनुमान की पहले से जो मूर्ति स्थापित थी, वह पूर्व मुखी थी। मंदिर के सौंदर्यीकरण के बाद मंदिर में नयी प्रतिमा को स्थापित किया गया जो दक्षिण मुखी है। लेकिन इस मंदिर को देशभर में अपनी तरह का पहला मंदिर, यहां स्थापित बजरंगबली की 1 लाख से ज्यादा मूर्तियां बनाती हैं।
हालांकि इस मंदिर में महादेव, माता अंबा, प्रथम पूज्य गणेश समेत अन्य कई देवी-देवताओं की मूर्तियां भी स्थापित हैं। लेकिन मंदिर में छोटी-बड़ी विभिन्न आकारों में और विभिन्न मुद्राओं में हनुमान जी की 1 लाख से ज्यादा मूर्तियां स्थापित हैं, जो यहां का माहौल ही सुकून से भरा बना देती है।
हर तरफ दिखती है हरियाली
जहां भगवान हनुमान हो वहां वाटिका या पेड़-पौधे न हो, ऐसा कैसे हो सकता है। इस मंदिर की हनुमंत वाटिका बेहद खास है। गोमती नदी के किनारे इस हरीभरी वाटिका का निर्माण किया गया है जिसकी दिवारों पर भी हनुमान जी की विभिन्न मुद्राओं में मूर्तियां स्थापित की गयी हैं।
वाटिका में थोड़ा आगे बढ़ने पर आपको बोटिंग की जगह भी मिल जाएगी जहां से आप गोमती नदी की सैर कर सकते हैं। यहां हर नाव का किराया लगभग ₹300 है और एक नाव में 3-4 लोगों को सवार होने की अनुमति होती है। तो फिर शाम को अगर थोड़ा रिलैक्स करते हुए घूमना चाहते हैं, तो यहां एक बार जरूर जा सकते हैं।

कहां है हनुमंत धाम मंदिर?
हनुमंत धाम मंदिर लखनऊ के हजरतगंज इलाके में शनि धाम के ठीक बगल में मौजूद है। यह मंदिर सुबह 8 से दोपहर 12 बजे तक और शाम को 4 से रात 10 बजे तक खुला रहता है। सुबह 8 और रात को 8.30 बजे मंदिर में आरती होती है। मंदिर में प्रवेश करने के लिए कोई शुल्क नहीं लगता है।
इस मंदिर में फोटोग्राफी की अनुमति है। इसलिए जब भी हनुमंत धाम मंदिर जाने का प्लान बनाए तो अपने साथ कैमरा अवश्य लेकर जाएं। क्योंकि यहां आपको फोटोग्राफी या फिर वीडियो और व्लॉग बनाने की कई स्पॉट मिल जाएगी।

चारबाग स्टेशन से कैसे पहुंचे?
अगल आप लखनऊ के चारबाग स्टेशन के पास से हनुमंत धाम मंदिर जाने का सोच रहे हैं तो आपके लिए सबसे आसान तरीका लखनऊ मेट्रो होगा। चारबाग मेट्रो स्टेशन से केडी सिंह स्टेडियम मेट्रो स्टेशन पर उतर जाएं। केडी सिंह स्टेडियम मेट्रो स्टेशन से लगभग 650 मीटर की दूरी पर ही हनुमंत धाम मंदिर मिलेगा। मेट्रो स्टेशन के बाहर से आपको ई-रिक्शा मिल जाएगा जो आपको मंदिर तक पहुंचा देगा। अगर आप चाहे तो इस दूरी को पैदल भी तय कर सकते हैं।



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