डायनासोर का घर बन गया है लखनऊ। हो सकता है कि लखनऊ की गलियों में घूमते हुए कहीं अचानक आपका आमना-सामना जुरासिक पार्क से बाहर निकल आए किसी डायनासोर से हो जाए। अरे भई, हम कोई मजाक नहीं कर रहे हैं। नवाबों के शहर लखनऊ में खुल गया है जुरासिक पार्क।
मगर घबराइए मत, इस पार्क के दरवाजे सिर्फ पर्यटकों और स्थानीय लोगों के लिए ही खुले हैं। पार्क से कोई भी डायनासोर बाहर नहीं निकल सकेगा। लखनऊ में कहां खुला है जुरासिक पार्क? क्या है Timing और क्या है एंट्री फीस?

राजधानी लखनऊ के जनेश्वर मिश्रा पार्क में खुला है जुरासिक पार्क। इस पार्क को पर्यटकों व स्थानीय लोगों के लिए खोल दिया गया है। सबसे खास बात है कि यह पूरे उत्तर प्रदेश में अपनी तरह का पहला पार्क है।
क्या है इस पार्क की खासियतें?
लखनऊ के जुरासिक पार्क में न सिर्फ आपका मनोरंजन होगा बल्कि बच्चों को यहां डायनासोर और उस समयकाल के दूसरे जीव-जन्तुओं के बारे में भी जानकारी मिल सकेगी। खास बात है कि यहां डायनासोर के सिर्फ पुतले ही नहीं बनाए गये हैं बल्कि रोबोट के माध्यम से उन्हें जीवंत भी किया गया है। जापान और ताईवान से मंगाये गये कुछ रोबोट डायनासोर इधर-उधर घूमते, कुछ अपना सिर हिलाते और कुछ तो असली वाले डायनासोर की आवाज में चिंघाड़ते भी हैं।

कौन-कौन से जानवर दिखेंगे?
जुरासिक पार्क में आपको प्रसिद्ध प्रजातियों के डायनासोर जैसे टायरेनोसौरस रेक्स, वेलोसिरैप्टर और ट्राइसेराटॉप्स आदि देखने को मिलेगा। इसके साथ ही यहां आप हिमयुग के कई जानवर जैसे मैमथ और सेबर टूथ टाइगर आदि भी देख सकेंगे। ध्यान रहे, पार्क में घूमते हुए कहीं आपसे किंग-कांग या गॉडजिला भी टकरा जाएं और आपकी चीख निकल पड़े तो फिर हमसे न कहना कि हमने आपको पहले से बताया नहीं था।

और भी है बहुत कुछ
अगर बच्चों को कुछ नया सिखाने के लिए इस पार्क में लाते हैं, तब भी आपको काफी कुछ यहां मिलेगा। जुरासिक पार्क में ऐसे डिस्प्ले और मॉडल बनाकर उस समय के जीव-जंतुओं के बारे में समझाया गया है जिन्हें देखकर ही लगेगा कि अभी बस बोल पड़ेगे। इस पार्क में प्रवेश से लेकर पूरे पार्क में ही आपको हर जगह रोमांच का अनुभव होगा। डायनासोर के बारे में, हिम युग के पशुओं के बारे में बोर्ड पर समझाया और काफी जानकारियां बतायी गयी हैं, जो बच्चों को बहुत पसंद आएंगी।

क्या है Timing और टिकट की कीमत?
लगभग 5 एकड़ के क्षेत्र में करीब ₹8 करोड़ की लागत से जुरासिक पार्क को बनाया गया है। इस पार्क को PPP (पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप) मॉडल के आधार पर बनाया गया है। पार्क को बनाने वाली कंपनी पर अगले 15 सालों तक इस पार्क की देखरेख करने की जिम्मेदारी है। पार्क में घूमते हुए अगर भूख लग जाए तो कैफे भी मिलेगा जहां आप अपने परिवार, दोस्तों या भाई-बहनों के साथ स्नैक्स का आनंद उठा सकेंगे।
यह पार्क सोमवार से शुक्रवार तक सुबह 10 से रात 9 बजे तक खुला रहता है। वहीं सप्ताहांत पर यह पार्क सुबह 9 से रात 9 बजे तक खुलता है। वयस्कों के लिए टिकट ₹120 प्रति व्यक्ति और 12 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए टिकट ₹50 प्रति व्यक्ति है।



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