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मध्य प्रदेश का खूबसूरत माधव राष्ट्रीय उद्यान, जानिए क्यों है खास ?

माधव राष्ट्रीय उद्यान, मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में स्थित है, और राज्य के लोकप्रिय नेशनल पार्क में गिना जाता है। इस उद्यान का नाम ग्वालियर के महाराजा माधो राव सिंधियां के नाम पर रखा गया था।

भारत का ह्रदय स्थल मध्य प्रदेश पर्यटन के लिहाज से एक समृद्ध और लोकप्रिय राज्य है। यहां मौजूद घने जंगल, नदी, झरने और तालाब इसका कुदरती श्रृंगार करते हैं। एक वृहद इतिहास के साथ यह राज्य पर्यटन आकर्षणों का एक बहुत बड़ा संग्रह लिए बैठा है, जिसमें प्राचीन महल, किले, मंदिर, मस्जिद, मकबरे, वन्यजीव अभयारण्य, जलप्रपात, झीलें आदि शामिल हैं। कला-वास्तुकला के क्षेत्र में भी इस राज्य का कोई जवाब नहीं। खजुराहो की कामुक मूर्तियां पूरे विश्व का ध्यान अपनी ओर खींचती हैं।

घूमने-फिरने और देखने योग्य यहां कई शानदार स्थल मौजूद हैं, जिन्हें आप अपनी यात्रा डायरी का अहम हिस्सा बना सकते हैं। आज इस लेख में हम आपको मध्य प्रदेश के प्राकृतिक आकर्षणों में से एक माधव राष्ट्रीय उद्यान के बारे में बताने जा रहे हैं, जानिए यह नेशनल पार्क आपको किस प्रकार आनंदित कर सकता है।

माधव राष्ट्रीय उद्यान

माधव राष्ट्रीय उद्यान

माधव राष्ट्रीय उद्यान, मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में स्थित है, और राज्य के लोकप्रिय नेशनल पार्क में गिना जाता है। इस उद्यान का नाम ग्वालियर के महाराजा माधवराव सिंधिया के नाम पर रखा गया था। यह वन क्षेत्र कभी मराठा और मुगला शासकों का एक बड़ा शिकारगाह हुआ करता था, जहां वे जंगली जानवरों का शिकार किया करते थे। माना जाता है कि मांडू से लौटते वक्त मुगल शासक अकबर ने 1564 में यहां से कई हाथियों को पकड़ा था। यहां हाथियों के अलावा बड़ी संख्या में तेंदुए भी पाए जाते हैं। इस राष्ट्रीय उद्यान में दो बड़ी झीलें भी मौजूद हैं।

वन्यजीवन को करीब से देखने के लिए यह एक खास स्थल है। आप यहां जंगली जीवों में बंगाल टाइगर, तेंदुआ, हाथी, चीतल, काल हिरण, लंगूर आदि को देख सकते हैं। इसके अलावा आप यहां पक्षियों की कई प्रजातियों को भी देख सकते हैं। माधव राष्ट्रीय उद्यान 354 वर्ग कि.मी के क्षेत्र में फैला है।

आने की सही समय

आने की सही समय

चूंकि यह एक प्रसिद्ध नेशनल पार्क है, इसलिए यहां सालभर पर्यटकों का आवागमन लगा रहता है, लेकिन अगर आप मौसम के अनुकूल भ्रमण का प्लान बनाना चाहते हैं तो यहां अक्टूबर से लेकर अप्रैल के मध्य आ सकते हैं। इस दौरान यहां का मौसम काफी खुशनुमा रहता है, और इस बीच उद्यान की खूबसूरती कई गुणा बढ़ जाती है।

क्यों आएं माधव राष्ट्रीय उद्यान ?

क्यों आएं माधव राष्ट्रीय उद्यान ?

माधव राष्ट्रीय उद्यान की सैर का प्लान कई उद्देश्यों को पूरा करने के लिए बनाया जा सकता है। एक प्रकृति प्रेमी से लेकर वन्यजीव उत्साही लोगों के लिए यह स्थल किसी जन्नत के कम नहीं। आप यहां जंगली जीवों को देखने के अलावा उद्यान की प्राकृतिक खूबसूरती का आनंद ले सकते हैं। जैव विविधता के मामले में यह एक समृद्ध क्षेत्र है, जहां आप जीवों की कई दुर्लभ प्रजातियों को भी देख सकते हैं। पक्षी विहार के लिए भी यह काफी खास माना जाता है। आप यहां की झीलों की सौंदर्यता का आनंद भी ले सकते हैं। यहां की सख्या सागर और माधव सागर झील इसे प्राकृतिक रूप से संवारने का काम करती हैं।

कैसे करें प्रवेश

कैसे करें प्रवेश

PC-Brian Gratwicke

माधव राष्ट्रीय उद्यान आप परिवहन के तीनों साधनों की मदद से आ सकते हैं। यहां का निकटवर्ती हवाईअड्डा ग्वालियर एयरपोर्ट है। रेल सेवा के लिए आप झांसी रेलवे स्टेशन का सहारा ले सकते हैं। अगर आप चाहें तो यहां सड़क मार्गों से भी पहुंच सकते हैं, बेहतर सड़क मार्गों से माधव राष्ट्रीय उद्यान शहर के कई छोटे-बड़े शहरों से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है।

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