Search
  • Follow NativePlanet
Share
» »2100 साल पुराना किला जहां भूत-प्रेत करते हैं खजाने की रक्षा

2100 साल पुराना किला जहां भूत-प्रेत करते हैं खजाने की रक्षा

भारत का इतिहास प्राचीन किलों से ठसा पड़ा है, राजा-महाराजाओं के दौर में हिन्दुस्तान कई विशाल महल-किलों का साक्षी बना। जिसके साक्ष्य आज भी देखे जा सकते हैं। वर्तमान में बहुत से प्राचीन किले आ भी अपनी प्रारंभिक अवस्था में सुरक्षित खड़े हैं जबकि बहुत से किले खंडहरों में तब्दील हो चुके हैं। आज भी इन खंडहरों को भारत के कई राज्यों में देखा जा सकता है।

भारत के बहुत से वीरान खंडहर पर्यटन के लिहाज से काफी प्रसिद्ध हैं जबकी कुछ अपने रहस्यों और प्रेतवाधित वातावरण के लिए कुख्यात हैं। इसी क्रम में जानिए मध्यप्रदेश के एक ऐसे किले के बारे में जिसमें रखे खजाने की सुरक्षा भूत-प्रेत करते हैं। रहस्य की पड़ताल में जानिए राज्य के सबसे प्रेतवाधित खंडेराव के किले से जुड़ी अनकहे तथ्यों के बारे में।

2100 साल पुराना किला

2100 साल पुराना किला

खजाना और इससे जुड़े रहस्यों के बारे में आपने ढेरों किस्से-कहानियां सुनी होंगी, साथ ही सांप जैसे जहरीले जीवों के द्वारा इनकी रक्षा के बारे में भी सुना होगा, लेकिन शायद आपने यह नहीं सुना होगा कि किसी बेशकीमती खजाने का रक्षा भूत-प्रेत करते हो..

शायद आपको यह मजाक लगे लेकिन मध्यप्रदेश में एक ऐसा प्राचीन किला है जो इस तथ्य को साबित करने का दावा करता है। माना जाता है कि राज्य के पोहरी कस्बे में कोई 2100 साल पुराना किला है जहां के खजाने की पहरेदारी भूत-प्रेत करते हैं। आगे जानिए किले से जुड़े और भी दिलचस्प तथ्यों के बारे में।

मध्य प्रदेश का खंडेराव किला

मध्य प्रदेश का खंडेराव किला

इस प्राचीन किले का नाम खंडेराव किला है जिसका निर्माण वीर खंडराव समय मे करवाया गया था। स्थानीय लोगों का मानना है कि यहां रात के समय प्रेत-आत्माओं का झुंड किले को अपनी गिरफ्त में ले लेता है। जिसके बाद शुरू होती है आत्माओं की सभा।

माना जाता है कि यहां खंडराव सभा जनों के साथ बैठते हैं और जहां नर्तकियों नृत्य कर सबको आनंदित करती हैं। नर्तकियों के घुंघरूओं की आवाज रात में साफ सुनाई देती है। इसलिए यहां कोई शाम के बाद आने की हिम्मत नहीं करता है।

अद्भुत : जानिए क्या है महाबलिपुरम में मिले इन पांच रथों और पांडवों का संबंध

एक वीरान जगह

एक वीरान जगह

खंडेराव का किला मध्यप्रदेश के शिवपुरी के एक छोटे से कस्बे पोहरी में स्थित है। यह किला बरसों के एक अज्ञात रूप में मौजूद था, जिसके बारे में स्थानीय लोगों को ही ज्यादा पता था। लेकिन जब यहां की प्रेतवाधित धटनाओं की भनक मीडिया को लगी तो इस किले के बारे में बहुत लोगों को पता चला।

ऐसा माना जाता है कि यहां पैरानॉर्मल शक्तियों का प्रवाह ज्यादा है। स्थानीय लोगों के अनुसार यहां पास में कोई स्कूल हुआ करता था लेकिन प्रेतवाधित घटनाओं के कारण वो स्कूल बंद करवा दिया गया ।

 खंडेराव की मौत

खंडेराव की मौत

स्थानीय जानकार बताते हैं कि यहां सदियों पहले खंडेराव अपने परिवार के साथ रहते थे, लेकिन उनकी मौत के बाद यह किला तबसे आजतक वीरान अवस्था में है। परिवार का कोई भी सदस्य यहां नहीं रहा। लोग कहते हैं किसी परिवार ने यहां रहने की सोची थी लेकिन भूत-प्रेतों ने घर की महिलाओं को परेशान करना शुरू कर दिया। जिसके बाद तांत्रिकों द्वारा उन महिलाओं का ठीक किया गया।

ऐसा कहा जाता है कि यहां भूत-प्रेतों का झुंड यहां किसी गड़े खजाने की रक्षा करते हैं। लेकिन इस खजाने और यहां की भूत-प्रेतों की कहानी सबसे बड़ा रहस्य बनी हुई है। वैसे जो लोग आत्माओं पर विश्वास नहीं करते हैं उन्हें एक बार यहां जरूर आना चाहिए।

कैसे करें प्रवेश

कैसे करें प्रवेश

खंडेराव का किला मध्यप्रदेश के शिवपुरी शहर में स्थित है। जहां आप तीनों मार्गों से पहुंच सकते हैं। यहां का नजदीकी हवाईअड्डा ग्वालियर एयरपोर्ट है। रेल मार्ग के लिए आप शिवपुरी रेलवे स्टेशन का सहारा ले सकते हैं।

तमिलनाडु का सबसे अद्भुत वराह गुफा मंदिर

तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
Enable
x
Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X