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अजंता-एलोरा गुफाओं को लेकर राज्य सरकार का बड़ा कदम, पढ़िए लेख

पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए देश की राज्य सरकारें जोरों-शोरों से काम कर रहीं है, पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए नित नई योजनाएं और फैसले लिए जा रहे हैं। जानकारी के अनुसार महाराष्ट्र सरकार भी अपनी प्राचीन संरचनाओं को विकसित करने के प्रयास में आगे आई हैं। अभी हाल ही में राज्य पर्यटन मंत्रालय ने केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय के साथ मिलकर 'इंटरनेशनल बुद्धिस्ट कॉन्क्लेव' का आयोजन किया था, यह कार्यक्रम राज्य के औरंगाबाद शहर में आयोजित किया गया था। राज्य सरकार अब प्राचीन अंजता-एलोरा गुफाओं को बौद्ध टूरिस्ट हॉटस्पॉट बनाने के काम में जुट गई है, ताकि इन गुफाओं की खोती हुई पहचान फिर से ताजा हो जाए। आगे जानिए इस योजना के तहत क्या-क्या काम किए जाएंगे।

मॉनेस्ट्री और बुद्धिस्ट थीम पार्क

मॉनेस्ट्री और बुद्धिस्ट थीम पार्क

अजंता-एलोरा गुफाओं के महत्व और पर्यटकों की संख्या बढ़ाने के लिए राज्य सरकार गुफाओं के नजदीक बौद्ध मठ और बुद्धिस्ट थीम पार्क बनाने का विचार कर रही है। इस काम को पूरा करने के लिए सरकार बुद्धिस्ट देशों से संपर्क करने में लगी है, ताकि उनकी मदद से मॉनेस्ट्री और थीम पार्क बनाने का काम पूरा किया जा सके। अगर यह काम पूरा होता है तो ये प्राचीन गुफाएं भारत में मौजूद बौद्ध स्थलों की श्रृंखला में शामिल हो जाएंगी, जहां बौद्ध अनुयायियों का आगमन ज्यादा होता है।

विश्व स्तरीय सुविधाएं

विश्व स्तरीय सुविधाएं

PC- Dey.sandip

आइकॉनिक डेस्टिनेन प्रोजेक्ट के तहत राज्य सरकार द्वारा इन गुफाओं को विश्व स्तरीय सुविधाओं के साथ जोड़ा जाएगा। ये सभी सुविधाएं अजंता-एलोरा गुफाओं के आसपास विकसित की जाएंगी। जानकारी के अनुसार इन गुफाओं तक पहुंचने के लिए सड़क-तंत्र को मजबूत भी किया जाएगा, औरंगाबाद के आसपास नई सड़कों का निर्माण किए जाएगा। क्योंकि अगर परिवहन तंत्र मजबूत रहेगा तो पर्यटक यहां आसानी से आवागमन कर सकेंगे।

अजंता गुफाएं के बारे में

अजंता गुफाएं के बारे में

PC- Jonathanawhite

औरंगबाद स्थित अंजता की गुफाएं, तीसरी शताब्दी से संबंध रखती हैं, ये प्राचीन गुफाएं बौद्ध धर्म से काफी करीब से जुड़ी हुई हैं, जहां आप प्राचीन कलाकृतियां गुफाओं की दीवारों पर देख सकते हैं। ये मानव निर्मित प्राचीन गुफाएं अपनी खूबसूरत चित्रकारी के लिए जानी जाती हैं। इन गुफाओं का भ्रमण कर आप अतीत का आभास कर सकते हैं। ये गुफाएं बौद्ध धर्म के दो संप्रदायों हीनयान और महायान के विस्तार में अहम भूमिक निभाई थी। माना जाता है कि ये गुफाएं काफी लंबे समय तक बौद्ध गुरुओं और अनुयायियों का निवास स्थान बनी रही थीं।

आप यहां बौद्ध वास्तुकला को भी आसानी से देख सकते हैं। इतिहास की बेहतर समझ और जानकारी के लिए आप यहां आ सकते हैं। खासकर कला प्रेमियों और अतीत में दिलचस्पी रखने वालों के लिए यह एक आदर्श स्थल है।

 एलोरा गुफाओं के बारे में

एलोरा गुफाओं के बारे में

PC- Ballabh Yadav

अंजता की तरह ही एलोरा भी औरंगाबाद स्थित प्राचीन गुफाएं हैं, जो अपनी बौद्ध, हिन्दू और जैन संरचनाओं के लिए जानी जाती हैं। यह एक विश्व धरोहर स्थल है, जहां आप अतीत से जुड़े कई अहम पहलुओं को आसानी से समझ सकते हैं। आप यहां भगवान शिव को समर्पित एक ही चट्टान को काटकर बनाया गया मोनोलिथिक कैलाश मंदिर भी देख सकते हैं। माना जाता है कि इस स्थल पर 100 से ज्यादा प्राचीन गुफाएं हैं, जिनमें से 34 पर्यटकों के लिए खोली गई हैं, जिनमें से 12 गुफाएं बौद्ध धर्म, 17 हिन्दू और 5 जैन धर्म का प्रतिनिधित्व करती हैं।

माना जाता है कि इन गुफाओं का निर्माण हिन्दू राजवंशों के काल में हुआ था। इन गुफाओं के माध्यम से आप प्राचीन भारतीय कला-संस्कृति को बारीकी से समझ सकते हैं।

 कैसे करें प्रवेश

कैसे करें प्रवेश

PC- Pradeep Kumar N

अजंता गुफाएं, महाराष्ट्र के औरंगाबाद शहर से 100 कि.मी और एलोरा गुफाएं 30 कि.मी की दूरी पर स्थित हैं। आप औरंगाबाद से बस या प्राइवेट ट्रैक्सी की मदद से इन गुफाओं तक पहुंच सकते हैं। यहां का निकटवर्ती हवाईअड्डा औरंगाबाद एयरपोर्ट है, रेल मार्ग के लिए आप औरंगाबाद रेलवे स्टेशन का सहारा ले सकते हैं। अगर आप चाहें तो यहां सड़ मार्गों से भी पहुंच सकते हैं, बेहतर सड़क मार्गों से औरंगाबाद राज्य के बड़े शहरों से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है।

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