Search
  • Follow NativePlanet
Share
» »महाराष्ट्र में मौजूद है एक 'रहस्य का कटोरा', यहां की रेत में है चुम्बकीय गुण - समुद्र से भी खारा है पानी

महाराष्ट्र में मौजूद है एक 'रहस्य का कटोरा', यहां की रेत में है चुम्बकीय गुण - समुद्र से भी खारा है पानी

महाराष्ट्र का एक झील, जो दूर से देखने पर किसी भी आम झील की तरह ही दिखाई देता है। चारों तरफ हरे भरे पेड़, झील का साफ पानी लेकिन अगर कुछ अलग है तो वह है झील का आकार। आज हम जिस झील की बात कर रहे हैं, वह दिखने में अंडाकार है। लेकिन थोड़ा गौर करने पर पता चलता है कि इस झील का निर्माण बेसाल्ट पत्थरों से हुआ है, जो बारीक दाने वाले ज्वालामुखी से निकलने वाले पत्थर होते हैं।

पूरी दुनिया में मात्र 2 ही ऐसे प्राकृतिक गड्डे माने जाते हैं, जिनका निर्माण बेसाल्ट पत्थरों से हुआ है। इसके साथ ही इस झील में ऐसी कई और बातें हैं जो इसे कोई आम नहीं बल्कि एक बड़ा ही खास झील बनाता है। महाराष्ट्र में मौजूद इस झील को 'रहस्य का कटोरा' कहा जाता है।

अब तक तो आप समझ ही चुके होंगे कि हम कौन सी झील की बात कर रहे हैं। जी हां, हम बात कर रहे हैं लोनार झील (Lonar Lake) की, जिसे महाराष्ट्र का Hidden Gem भी कहा जाता है।

हजारों साल पहले हुए था निर्माण!

महाराष्ट्र के लोनार झील का निर्माण हजारों साल पहले हुआ बताया जाता है। यह एक प्राकृतिक झील है, जिसका निर्माण करीब 52000 साल पहले लगभग 2 मिलियन टन वजन के उल्का पिंड के टकराने की वजह से हुआ बताया जाता है। यह उल्का पिंड करीब 90,000 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से धरती से टकराया था। शायद यहीं वजह है कि किसी भी आम झील की तुलना में लोनार झील में कई रहस्य हैं, जो इसे और भी खास बना देता है।

बता दें, लोनार झील महाराष्ट्र में मुंबई से करीब 550 किमी और औरंगाबाद से लगभग 170 किमी की दूरी पर मौजूद है।

सालों तक लोनार झील महाराष्ट्र में एक छुपी हुई जगह बनी रही थी, जिसके बारे में लोगों को पता नहीं था। लोनार झील तक जाने वाला रास्ता काफी फिसलन भरा और दलदली होने की वजह से लोग इस तरफ आना पसंद नहीं करते थे। लेकिन लगभग 202 साल पहले 1823 में ब्रिटिश खोजकर्ता जेई अलेक्जेंडर सबसे पहले प्राचीन मंदिरों की खोज करते हुए यहां तक अचानक पहुंचे।

उन्होंने आसपास के समतल क्षेत्रों से अलग इस क्रेटर (झील के गड्ढ़े) के अंदर ऊंची-नीची जगहें देखी। हालांकि उस समय वैज्ञानिकों को लगा था कि इस क्रेटर का निर्माण ज्वालामुखी की वजह से हुआ है। स्थानीय लोगों के बीच इस झील से जुड़ी कई कथाएं प्रचलित हैं। इन कहानियों में कहा जाता है कि भगवान विष्णु ने जब लोनासुर को मुक्का मार कर धरती के गर्भ में (पाताल) भेज दिया था, तब लोनार झील का निर्माण हुआ था।

क्यों कहलाता है रहस्य का कटोरा?

लोनार झील से जुड़ी कई रहस्यों की वजह से ही इस झील को महाराष्ट्र में रहस्य का कटोरा कहा जाता है। कहा जाता है कि इस जगह पर उल्का पिंड टकराने की बात सुनने के बाद ही इस झील के प्रति वैज्ञानिकों, पर्यावरणविदों के साथ-साथ Nasa का ध्यान भी आकर्षित हुआ था।

  • लोनार झील के आसपास जो रेत और बालू मौजूद हैं, कहा जाता है कि उनमें चुम्बकिय शक्तियां हैं। झील की रेत को अगर किसी लोहे या चुम्बक के पास लाया जाए तो वह उसे चिपक जाती हैं।
  • कहा जाता है कि किसी भी जलक्षेत्र का खारा और क्षारीय दोनों तरह का होना असंभव है। लेकिन लोनार झील इस तथ्य को पूरी तरह से झुठलाता है। लोनार झील के दो हिस्से हैं - तटीय और मध्य, जहां अलग-अलग तरह के पानी और उस पानी में रहने वाले जीव व वनस्पति भी मौजूद है।
lonar lake red water
  • अगर आप लोनार झील तक जाने के लिए कम्पास का इस्तेमाल करने के बारे में सोच रहे हैं, तो भूल जाएं। क्योंकि कहा जाता है कि लोनार झील के आसपास के क्षेत्र में कम्पास काम नहीं करता है।
  • सबसे आश्चर्य की बात तो साल 2020 में हुई जब रातोंरात लोनार झील का पानी गुलाबी हो गया। सरकार ने इसकी जांच करने के आदेश दिये। कुछ वैज्ञानिकों ने रंग बदलने की वजह शैलाव, पानी में अम्लता का बढ़ना या फिर हैलोबैक्टीरियासी सूक्ष्म जीव को इसका कारण माना था।

इन वजहों से ही NASA के वैज्ञानिकों को भी लोनार झील को लेकर शोध करने के प्रति आकर्षित किया था। NASA के वैज्ञानिकों को झील के ज्वालामुखी बेसाल्ट और चांद की सतह पर मौजूद क्रेटर में काफी समानताएं दिखाई दी। सिर्फ इतना ही नहीं, यहां वैज्ञानिकों को कई ऐसे खनीज पदार्थ भी मिले जो चंद्रमा पर पाए जाते हैं। इसके अलावा इस झील के आसपास वैज्ञानिकों को ऐसे बैक्टेरिया के होने की जानकारी मिली, जो मंगल ग्रह पर पाए जाते हैं।

More News

    Read more about: mumbai travel maharashtra
    Notifications
    Settings
    Clear Notifications
    Notifications
    Use the toggle to switch on notifications
    • Block for 8 hours
    • Block for 12 hours
    • Block for 24 hours
    • Don't block
    Gender
    Select your Gender
    • Male
    • Female
    • Others
    Age
    Select your Age Range
    • Under 18
    • 18 to 25
    • 26 to 35
    • 36 to 45
    • 45 to 55
    • 55+