शनिवार (13 जुलाई) को अपने मुंबई दौरे पर पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का उद्घाटन व शिलान्यास किया। इनमें से जिस परियोजना की सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है वह है ठाणे-बोरीवली ट्विन टनल परियोजना। दरअसल, कई तरह की समस्याएं उत्पन्न होने की वजह से लंबे समय से यह परियोजना लंबित थी और इसपर काम आगे नहीं बढ़ पा रहा था।
आखिरकार सभी परेशानियों को दूर हटाते हुए ठाणे-बोरीवली ट्विन टनल परियोजना की नींव प्रधानमंत्री ने रख दी।

मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार गोरेगांव स्थित NESCO एग्जिबिशन सेंटर से प्रधानमंत्री इस परियोजना समेत अन्य सभी परियोजनाओं का उद्घाटन किया। मिली जानकारी के अनुसार इस दौरान उन्होंने लगभग ₹29,000 करोड़ की परियोजनाओं का उद्घाटन किया, जिसमें लोकमान्य तिलक टर्मिनस और छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस स्टेशनों पर नये प्लेटफार्म का निर्माण भी शामिल है।
आइए अब आपको ठाणे-बोरीवली ट्विन टनल परियोजना के बारे में विस्तार से और इसकी विशेषताओं के बारे में बताते हैं :
यात्रा को आसान बनाएगी यह टनल
ठाणे-बोरीवली ट्विन टनल को बनाने का मुख्य उद्देश्य मुंबई (बोरीवली) से ठाणे के बीच यात्रा को सुविधाजनक बनाना है। आमतौर पर बोरीवली से ठाणे के बीच की दूरी को तय करने में करीब डेढ़ घंटे का समय लगता है लेकिन दावा किया जा रहा है कि इस ट्विन टनल के बन जाने से यह दूरी महज 15 मिनट में पूरी कर ली जा सकेगी। बता दें, सितंबर 2015 में ही ठाणे-बोरीवली ट्विन टनल को मंजूरी दी गयी थी। लेकिन नेशनल बोर्ड ऑफ वाइल्डलाइफ की वजह से टनल निर्माण का काम आगे नहीं बढ़ पा रहा था।

क्या होगा ठाणे-बोरीवली ट्विन टनल का रूट?
मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार बोरीवली (मुंबई) और ठाणे के बीच प्रस्तावित ट्विन टनल का निर्माण संजय गांधी नेशनल पार्क के नीचे से किया जाएगा। यह टनल बोरीवली की तरफ वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे और ठाणे की तरफ घोड़बंदर रोड के माध्यम से ईस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे के बीच सीधा संपर्क बनाएगा। इस टनल के बन जाने से ठाणे और बोरीवली के बीच की दूरी करीब 12 किमी तक घट जाएगी और इस वजह से आवाजाही में 1 घंटे तक समय की बचत होगी।
बता दें, बोरीवली जाने के लिए घोड़बंदर रोड के रूट पर भारी वाहनों की लंबी कतारों के कारण अक्सर जाम की समस्या होती है। इस वजह से बोरीवली से ठाणे तक पहुंचने में लगभग 1 से 1.5 घंटे का समय लग जाता है। लेकिन टनल के बन जाने से आवाजाही करने में समय की बचत होती जिस वजह से वाहन चालकों का ईंधन भी बचेगा।
कितनी होगी लागत?
मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार ठाणे-बोरीवली ट्विन टनल का निर्माण करीब ₹16,600.40 करोड़ की लागत से की जाएगी। इस सुरंग परियोजना की कुल लंबाई 11.8 किमी होगी जिसमें सुरंग की लंबाई 10.25 किमी और एप्रोच रोड की लंबाई 1.55 किमी होगी।
इस ट्विन टनल के निर्माण का कार्य नेशनल बोर्ड ऑफ वाइल्डलाइफ की मंजूरी की वजह से रूकी हुई थी। आखिरकार फरवरी 2024 में बोर्ड ने संजय गांधी नेशनल पार्क के नीचे से टनल को गुजारने की अनुमति दे दी जिसके बाद अब तेजी से इसका काम आगे बढ़ाया जा रहा है।

3 फेज में हो सकता है निर्माण
मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार ठाणे-बोरीवली ट्विन टनल का निर्माण मुंबई महानगर प्रदेश विकास प्राधिकरण (MMRDA) 3 फेज में करेगी।
पहला फेज, बोरीवली की तरफ से 5.75 किमी लंबी ट्विन टनल का निर्माण किया जाएगा।
दूसरा फेज, ठाणे की तरफ से 6.05 किमी लंबी ट्विन टनल का निर्माण किया जाएगा।
तीसरा फेज, सभी इलेक्ट्रिकल, मेकैनिकल, वेंटिलेशन सिस्टम, फायर सिस्टम आदि की खरीद, लगाना और कमीशनिंग आदि कार्य किये जाएंगे।
क्या होगी ठाणे-बोरीवली ट्विन टनल की विशेषताएं?
- टनल के बन जाने से 12 किमी की दूरी घट और 1 घंटा समय की बचत होगी।
- कुल लागत ₹16600.40 करोड़।
- ठाणे से बोरीवली (6.1 किमी) और बोरीवली से ठाणे (5.75 किमी) तक आवाजाही के लिए दो अलग-अलग सुरंग।
- हर सुरंग कुल 3 लेन की, 2 सामान्य लेन और 1 आपातकालीन लेन।
- जमीन के नीचे सुरंग की गहराई - 23 मीटर।
- हर 300 मीटर पर क्रॉस पैसेज।
- परियोजना को अगले 3 सालों में पूरा करने का लक्ष्य।



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