
दिल्ली में स्थित महरौली पुरातत्व पार्क कुतुब परिसर में स्थित है, जो दिल्ली की अनदेखी जगहों में से एक है। एक दशक पहले तक यहां जाना सेफ नहीं था लेकिन आज के समय लोग यहां जाते हैं और यहां समय बिताते हैं। इस पार्क में आपको करीब आधी जमीन पर कई मस्जिदें, कब्रें देखने को मिल जाएंगी। यहां गयासुद्दीन बलबन की भी कब्र आपको देखने को मिल जाएगी, जिसने करीब 1249 से लेकर 1286 तक दिल्ली पर शासन किया था।

भारत का सबसे पुराना मेहराब इसी पार्क में
ऐसा माना जाता है कि यहां बने मेहराब भारत के सबसे पुराने मेहराब है। परिसर में आपको जमाली-कमाली मस्जिद भी देखने को मिल जाएगी, जिसका नाम जलाल खान के नाम पर रखा गया है। जलाल खान सिकंदर लोदी और हुमायूं के शासनकाल में कवि हुआ करते थे। इस पार्क में घूमने लायक कई ऐसे स्थान है, जो आपको इतिहास के भीतर झांकने का एक मौका देते हैं।

पार्क में 100 से अधिक ऐतिहासिक स्मारक मौजूद
करीब 200 एकड़ में फैले इस पार्क में 100 से अधिक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक स्मारक शामिल है। इसका इतिहास का 1000 साल से अधिक पुराना है, जो अपने निरंतर कब्जे के लिए जाना जाता है। बलबलन के मकबरा के अलावा यहां भारत में बना पहला मकबरा और मेहराब भी आप देख सकेंगे। पार्क में कुली खान का मकबरा, गंधक की बावली, राजों की बावली, एक बावड़ी व माधी मस्जिद, जाहज महल, बहादुर शाह द्वितीय का जफर महल (लाल महल), हौज-ए-शम्सी और अधम खान का मकबरा भी मौजूद है। यहां आपको कई पुराने मंदिरों के अवशेष भी देखने को मिल जाएंगे।

महरौली पुरातत्व पार्क में जाने का सही समय व प्रवेश शुल्क
अगर आप भी महरौली पुरातत्व पार्क घूमने की प्लानिंग कर रहे हैं तो आपको बता दें कि पार्क खुलने का समय सुबह 09:00 बजे है, जो शाम 06:00 बजे तक खुला रहता है। इस पार्क में जाने के लिए प्रवेश शुल्क निशुल्क रखा गया है।

महरौली पुरातत्व पार्क कैसे पहुंचें
महरौली पुरातत्व पार्क जाने के लिए आप फ्लाइट, रेल व सड़क तीनों मार्ग अपना जा सकते हैं और काफी आसानी से यहां तक पहुंच सकते हैं। इस पार्क के आसपास में भी घूमने के लिए काफी कुछ है, ऐसे में अगर आप कुछ समय लेकर जा रहे हैं तो आप दिल्ली के बाकी स्थानों पर भी घूम सकते हैं।
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