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नाम से जला हुआ, पर असल में प्राकृतिक खूबसूरती से भरा हुआ, ऐसा है पश्चिम बंगाल का मिरिक हिल स्टेशन!

Posted By: Staff

राल्फ वाल्डो एमर्सन द्वारा कहा गया है कि 'Nature always wears the colours of spirit' अर्थात प्रकृति हमेशा से ही एक उत्साह भरे रंग को अपने में समेटे होती है। यह बिल्कुल ही सच है, यही वह उत्साह है जो हमें बार-बार हिल स्टेशनों की ओर खींच ले जाता है। भारत ऐसे ही हिल स्टेशनों के सौन्दर्य से भरा पड़ा है। उत्तर से लेकर दक्षिण तक यहाँ तक कि मरुस्थलीय राज्य राजस्थान में भी आप हिल स्टेशन की सैर कर सकते हैं।

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इन्हीं सारे हिल स्टेशनों में एक है पश्चिम बंगाल का मिरिक, जहाँ हम एक मनोरम, सुकून पहुँचाने वाले उत्साह का एहसास करते हैं। हाँ, भले ही मिरिक पश्चिम बंगाल के दार्जीलिंग शहर के जितना प्रसिद्द नहीं है पर इसलिए ही शायद इसकी अनछुई अंजान खूबसूरती अपने पर्यटकों में जादू सा कर जाती है। मिरिक का नाम लेपचा शब्द, मिर-योक से बना है, जिसका मतलब है 'आग से जली जगह'। पर आप इसके नाम के अर्थ पर बिल्कुल भी मत जायेगा, क्यूंकि यह अपने नाम के बिल्कुल ही परे प्रकृति की अद्भुत खूबसूरती से धनी है।

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चलिए आज हम इसी अनजान खूबसूरती की खूबसूरत यात्रा पर जा सुकून भरे कुछ खूबसूरत क्षणों का अनुभव करते हैं!

दार्जीलिंग कैसे पहुँचें?

चाय के बागान

चाय के बागान

पश्चिम बंगाल के दार्जीलिंग जिले में ही स्थित है, मिरिक। मिरिक कई सारे चाय के बागानों से घिरा हुआ है, जहाँ से लोकप्रिय दार्जीलिंग चाय का उत्पादन होता है।

Image Courtesy:Soumyasch

सुमेंदु लेक

सुमेंदु लेक

सुमेंदु झील जिसे मिरिक झील भी कहा जाता है, मिरिक के सबसे प्रसिद्द आकर्षणों में से एक है।

Image Courtesy:P.K.Niyogi

मिरिक झील

मिरिक झील

मिरिक झील जिसे सुमेंदु झील के नाम से भी जाना जाता है, मिरिक शहर के बिल्कुल केंद्र में स्थित है।

Image Courtesy:BISHAL RAI

मिरिक झील

मिरिक झील

यहाँ झील में नौका की सवारी कर आपको एक उत्कृष्ट अनुभव का एहसास होता है और पूरा शहर और भी प्यारा लगता है।

Image Courtesy:Benoy

इंद्रधनुषीय पुल (रेनबो ब्रिज)

इंद्रधनुषीय पुल (रेनबो ब्रिज)

चापाकार में बना रेनबो ब्रिज(इंद्रधनुषीय पुल) सुमेंदु झील के ऊपर बना हुआ है। रंगों की खूबसूरती की वजह से यह मिरिक के आकर्षणों में से एक है और फोटोग्राफी के लिए बेस्ट जगहों में से एक।

Image Courtesy:Sujay25

बोकार मठ

बोकार मठ

मिरिक में बौद्ध धर्म का धार्मिक स्थल, बोकार मठ स्थापित है जो तिब्बती बौद्ध धर्म से सम्बंधित है।

Image Courtesy:Sujay25

बोकार मठ

बोकार मठ

यह मिरिक के मुख्य आकर्षणों में से एक है। यह मठ रामीतय दारा के रास्ते पर स्थित, बौद्ध धर्म के ध्यान केंद्र के रूप में प्रसिद्द है।

Image Courtesy:Sujay25

बोकार मठ पहुँचें कैसे?

बोकार मठ पहुँचें कैसे?

आप यहाँ सिलीगुड़ी या दार्जीलिंग से कोई निजी कैब या टैक्सी बुक करके आराम से पहुँच सकते हैं। कुछ जीप जो शेयरिंग में चलते हैं, वे भी आपको बोकार मठ तक पहुंचाएंगे।

Image Courtesy:Sujay25

बोकार मठ की सैर

बोकार मठ की सैर

बोकार मठ एक बौद्धिक शिक्षा केंद्र भी है।

Image Courtesy:Sujay25

बोकार मठ

बोकार मठ

बोकार मठ मिरिक के सबसे रंग-बिरंगे जगहों में से एक है। यहाँ आप बौद्ध धर्म से जुड़े कई पौराणिक चित्रों के दर्शन कर पाएंगे।

Image Courtesy:Sujay25

चीड़ के जंगल

चीड़ के जंगल

झील के दूसरे ही ओर चीड़ के पेड़ों का घना जंगल यहाँ की प्रकृति की खूबसूरती में चार चाँद लगाता है।

Image Courtesy:Pradhumnghugare

चीड़ के जंगल

चीड़ के जंगल

आप दार्जीलिंग से मिरिक जाते हुए भी चीड़ के जंगलों की खूबसूरती के मज़े ले पाएंगे।

Image Courtesy:Vikramdeep Sidhu

मिरिक के व्यू पॉइंट

मिरिक के व्यू पॉइंट

टिंगलिंग व्यू पॉइंट, रामीतय दारा, सनराइज़ पॉइंट, इन्द्रेणी ब्रिज आदि मिरिक के सबसे अच्छे व्यू पॉइंट् में से एक हैं, जहाँ से मिरिक की प्रकृति का नज़ारा और भी लुभावना लगता है।

Image Courtesy:MithilaConnect

बुनकुलुंग गाँव

बुनकुलुंग गाँव

बुनकुलुंग गाँव मिरिक का एक छोटा सा प्राकृतिक खूबसूरती से समृद्ध गाँव है। यहाँ की प्राकृतिक खूबसूरती में पहाड़ी ढलानों की सैर आपको उत्साह से भर देगा।

मिरिक बाज़ार

मिरिक बाज़ार

मिरिक का सबसे प्रसिद्द शॉपिंग सेंटर है मिरिक बाज़ार। मिरिक का यह व्यापारिक केंद्र अंग्रेजों के ज़माने से यहाँ स्थापित है। अब यह इस पहाड़ी इलाके का सबसे व्यस्ततम केंद्र बन चुका है।

Image Courtesy:P.K.Niyogi

मिरिक का सौन्दर्य

मिरिक का सौन्दर्य

पश्चिम बंगाल के इस छोटे से हिल स्टेशन, मिरिक की खूबसूरती मंत्रमुग्ध कर देने वाली है।

Image Courtesy:Sujay25

चाय के बागान

चाय के बागान

सौरेनी,ओकेटी,थुरबो,फुगुरी,गोपालधारा, आदि मिरिक में और इसके आसपास ही बसे खूबसूरत चाय के बागान हैं।

Image Courtesy:Yoghya

मिरिक पहुँचें कैसे?

मिरिक पहुँचें कैसे?

मिरिक सिलीगुड़ी से लगभग 48 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है और दार्जीलिंग से लगभग 60 किलोमीटर की दूरी पर।

Image Courtesy:Sujay25

मिरिक पहुँचें कैसे?

मिरिक पहुँचें कैसे?

आप कोई निजी टैक्सी या कैब बुक करके मिरिक, इन पड़ोसी शहरों से आराम से पहुँच सकते हैं या फिर शेयर्ड जीप की भी सुविधा यहाँ उपलब्ध है ही। यहाँ का सबसे नज़दीकी रेलवे स्टेशन है नया जलपाईगुड़ी।

Image Courtesy:Sujay25

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