घर में बैठे-बैठे बोर हो रहे हैं और कहीं घुमने जाने का मन हो रहा है? तो चले आइए भारत के 7 सिस्टर राज्यों में सबसे छोटे राज्य मिजोरम में। यहां की खुबसूरत हरी घाटियों और पहाड़ियों के दिलकश नजारे आपको ताजगी से भर देंगे। पर जरा रुकिये, पहाड़ और हरी घाटियां तो आपने काफी देखी होंगी। क्यों ना मिजोरम की आपकी इस ट्रिप को थोड़ा Excitement से भर दे।

निकले तो घर से थे मिजोरम के नजारे देखने लेकिन चले आते हैं पड़ोसी देश म्यांमार में। क्या कहा आपने...पासपोर्ट आप घर पर छोड़ आए हैं और म्यांमार का वीजा आपके पास है ही नहीं! कोई बात नहीं...हम आपको बताते हैं बिना वीजा और पासपोर्ट के आप विदेश की सैर कैसे कर सकते हैं। तो फिर अपनी कुर्सी की पेटी बांध लीजिए और निकल पड़े म्यांमार की इस Excited ट्रिप पर।
बिना वीजा म्यांमार में करें प्रवेश
म्यांमार में घुमने या वहां रहने के लिए भारतीयों को वीजा और पासपोर्ट की जरूरत होती है। लेकिन म्यांमार सरकार की अनुमति से उत्तरपूर्व राज्यों के निवासियों को म्यांमार में 16 किमी तक प्रवेश करने और वहां 1 सप्ताह तक रुकने के लिए किसी वीजा या पासपोर्ट की जरूरत नहीं है। उन्हें बस भारत-म्यांमार बॉर्डर पर ₹20 की मामूली फीस देनी पड़ती है।

इसके बाद इमीग्रेशन के बाद भारतीय नागरिक म्यांमार में 16 किमी तक प्रवेश कर सकते हैं। यहीं सुविधा भारत के दूसरे राज्यों से म्यांमार जाने वाले नागरिकों पर भी लागू होती है लेकिन उन्हें 7 दिन नहीं बल्कि सिर्फ 1 दिन वहां घुमने की अनुमति होती है। यानी बिना वीजा-पासपोर्ट के म्यांमार में प्रवेश करने के बाद आपको पूरे 1 दिन का समय और 16 किमी का क्षेत्र मिल जाएगा, जिसमें आप पूरा दिन घुम सकते हैं।
कहां से कर सकते हैं बॉर्डर पार
म्यांमार से भारत का सबसे नजदीकी गांव मिजोरम के चम्पई जिले में मौजूद जोखवथार है। यहां लोहे की बने एक गेट को बस पार करने की जरूरत है। इसे पार करते ही आप म्यांमार की सीमा में प्रवेश कर जाते हैं। इस गेट को पार करते ही आप पहुंच जाएंगे म्यांमार के चिन राज्य के फालम जिले में मौजूद रिखादर टाउन में पहुंच जाएंगे। म्यांमार के इस शहर में भारतीय मुद्रा भी चलती है लेकिन आप चाहे तो यहां बॉर्डर पर ही भारतीय मुद्रा को म्यांमार की मुद्रा में बदल सकते हैं। भारत का 1 रुपया म्यांमार के 25 क्यात के बराबर माना जाता है। म्यांमार की सीमा के अंदर आप 16 किमी तक बिना किसी रोकटोक के आराम से घुम सकते हैं।

अब आप सोच रहे होंगे कि म्यांमार में दाखिल होकर सिर्फ 16 किमी के दायरे में कहां घुमेंगे? म्यांमार जाने का क्या फायदा...तो हम आपको बता दें, बॉर्डर से अंदर दाखिल होते ही सामने ही आपको म्यांमार का बाजार मिलेगा, जहां भारत के मुकाबले काफी ज्यादा सस्ता सामान मिलता है। यहां आप सिर्फ 1000 रुपये भारतीय मुद्रा में ढेर सारी शॉपिंग और पूरे दिन खाना-पीना कर सकते हैं। इसके साथ ही इस बाजार में खाने-पीने की चीजें भी काफी सस्ती मिलती है।
दिखेगा स्वर्ग का गलियारा : रिल झील
शॉपिंग और हल्का-फुल्का खाना खाने के बाद यहां मिलने वाली बाइक टैक्सी पर सवार होकर निकल पड़िए Rih लेक की तरफ। यह मिजोरम के जोखवथार टाउन से महज 3 किमी की दूरी पर मौजूद है। यह एक प्राकृतिक झील है। इसकी लंबाई 1 मील और गहराई करीब 60 फीट तक है। इस झील का मिजो की पारंपरिक लोककथाओं में काफी महत्वपूर्ण स्थान है।

यहां की स्थानीय जनजातियों के पूर्वजों के मुताबिक यह झील उनके स्वर्ग के लिए एक गलियारा है जिसे पियारल कहा जाता है। पियारल में आने वाली सभी आत्माओं को इस झील से होकर ही गुजरना पड़ता है। भारत-म्यांमार बॉर्डर से इस झील तक आने, घुमने और यहां से वापस बॉर्डर तक जाने में करीब 1 घंटे के समय लग सकता है। स्थानीय बाइक टैक्सी इसके लिए आपसे भारतीय मुद्रा में ₹500 तक लिया जा सकता है।



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