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जानिए क्यों इन चिड़ियाघरों को कहा जाता है सबसे खास ?

भारत विश्व के उन चुनिंदा देशों में शामिल है जो विभिन्न पक्षी प्रजातियों के साथ जानवरों की दुर्लभ प्रजातियों को एक सुरक्षित आश्रय प्रदान करता है। जीव-वनस्पतियों के संरक्षण के लिए यहां कई राष्ट्रीय उद्यानों का निर्माण करवाया गया है। इसके अलावा राज्यों में कई छोटे-बड़े चिड़ियाघर भी मौजूद हैं। जिससे की जीव सुरक्षा के साथ-साथ भारतीय पर्यटन को भी बढ़ावा मिल सके।

खासकर बच्चों के लिए चिड़ियाघर ज्ञान का भंडार समझे जाते हैं, जहां आकर बच्चें अपने पाठ्यक्रम के साथ व्यावहारिक ज्ञान अर्जित कर सकें। आज हमारे साथ जानिए भारत स्थित कुछ खास चिड़ियाघरों के बारे में जहां आप अपने परिवार व दोस्तों के साथ एक अच्छा वक्त बिता सकते हैं।

मैसूर का चिड़ियाघर

मैसूर का चिड़ियाघर

मैसूर चिड़ियाघर भारत में सबसे पुराने चिड़ियाघरों में गिना जाता है। जहां सैकड़ों जंगली जानवरों और खूबसूरत पक्षियों को आश्रय मिला हुआ है। बैंगलोर के ओकालीपुरम से 145 किमी दूर स्थित चिड़ियाघर हाथियों, ज़ेबरा, शेर, एनाकोंडा, गेंडा और बबून जैसे विदेशी जानवरों के लिए खूब प्रसिद्ध है। यह क्षेत्र चारों तरफ से हरियाली के घिरा हुआ है।

जहां आप दोस्तों और परिवार के साथ अच्छा वक्त बिता सकते हैं। चिड़ियाघर के पूर्वी हिस्से में करणजी झील स्थित है, जो इस चिड़ियाघर की खूबसूरती बढ़ाने का काम करती है। आप यहां पार्क की लंबी पैदल थकान के बाद आराम से बैठ सकते हैं। यहां सुबह का वक्त सबसे खास माना जाता है जब पक्षियों की आवाज से पूरा इलाके में गूंजती है। मैसूर चिड़ियाघर सुबह 8:30 बजे से लेकर शाम के 5:30 बजे तक खुला रहता है। और मंगलवार को यह बंद रहता है।

राजस्थान का गुलाब बाग

राजस्थान का गुलाब बाग

गुलाब बाग चिड़ियाघर उदयपुर के गुलाब बाग बगीचे में स्थित है। यह खूबसूरत बाग अपने विभिन्न प्रकार की गुलाब के फूलों के लिए जाना जाता है। जिन्हे देखने के लिए दूर-दूर से लोग आते हैं। बाग के भीतर 'मिनी चिड़ियाघर' गुलाब के बागानों से थोड़ी देर की दूरी पर ही स्थित है। जहां जानवरों की कई खूबसूरत प्रजातियां मौजूद हैं।

इस चिड़ियाघर में चौड़ी आंखों वाला उल्लू देखने लायक है। इसके साथ ही यहां बच्चों के उछल-कूद का भी अच्छा इंतजाम है। सैलानी बाग के अंदर चलने वाली टॉय ट्रेन का आनंद लेना ज्यादा पसंद करते हैं। पार्क की खूबसूरती बढ़ाने के लिए यहां एक कृत्रिम जलाशय (कमल तलाई) का भी निर्माण किया गया है। आप यहां दोस्तों पर परिवार के साथ अच्छा समय बिता सकते हैं।

नंदनकानन चिड़ियाघर

नंदनकानन चिड़ियाघर

उड़ीसा स्थित नंदनकानन चिड़ियाघर एक खूबसूरत वनस्पति व जीव उद्यान है। जो भुवनेश्वर-न्यू रेलवे स्टेशन से लगभग छह किमी की दूरी पर स्थित है। नंदनकानन का अर्थ होता है 'स्वर्ग का उद्यान'। उड़ीसा राज्य का यह चिड़ियाघर कई जंगली जीवों का निवास स्थान है। जिनमें भारतीय अजगर, सफेद बाघ, भारतीय छिपकली, मगरमच्छ, एशियाई शेर आदि शामिल हैं।
इस चिड़ियाघर में 14 एक्वेरियम मौजूद हैं जिनमें ताजे पानी की खूबसूरत रंगीन मछलियां मौजूद हैं, जिन्हें देखकर खासकर बच्चे काफी ज्यादा उत्साहित हो जाते हैं। यह पार्क 1960 में बनाकर तैयार किया गया था । यह चिड़ियाघर सुबह 8 बजे से लेकर शाम के 5 बजे तक खुला रहता है। और सोमवार को बंद रहता है।

नेहरू जूलॉजिकल पार्क

नेहरू जूलॉजिकल पार्क

हैदराबाद शहर का नेहरू जूलॉजिकल पार्क शहर के प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों में गिना जाता है। जहां चारों तरफ हरियाली ही हरियाली फैली है। यह चिड़ियाघर कई जंगली जानवरों का निवासस्थान है। जिनमें एशियाई शेर, बंगाल टाइगर, भारतीय हाथी आदि प्रमुख हैं। इसके साथ यह चिड़ियाघर 100 से ज्यादा पक्षी प्रजातियों को आश्रय प्रदान करता है।
यह स्थान दोस्तों पर परिवार के साथ घूमने-फिरने व पिकनिक मनाने के लिए आदर्श माना जाता है। जहां आप शहर की भागदौड़ के बीच एक अच्छा समय बिता सकते हैं। इसके साथ ही यहां कई तरह की सुविधाएं सैलानियों के लिए उपलब्ध है। जैसे संग्रहालय, टॉय ट्रेन व खाने पीने की व्यवस्था।

गोपालपुर चिड़ियाघर

गोपालपुर चिड़ियाघर

हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में स्थित गोपालपुर चिड़ियाघर एक पहाड़ी चिड़ियाघर है, जो आपके लिए एक आदर्श विकल्प हो सकता है। हिमालय की विभिन्न जीव-वनस्पति प्रजातियों के साथ यह स्थान प्राकृतिक नजारों के लिए जाना जाता है।
यह पूरा चिड़ियाघर क्षेत्र धौलाधार पर्वत श्रृखला से घिर हुआ है। यह चिड़ियाघर कई जंगली जानवरों की प्रजातियों का निवास स्थान है, जिनमें हिमालयी काला भालू, एशियाई शेर, लाल लोमड़ी, तेंदुआ, कस्तूरी हिरण आदि शामिल हैं। गोपालपुर चिड़ियाघर घूमने के लिए शरद ऋतु आदर्श मानी जाती है।

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