जन्माष्टमी आते ही देशभर में अलग ही खुशी का माहौल छा जाता है। मंदिरों को सुन्दर तरीके से सजाकर हिंडोले में श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप को झुलाने की तैयारी से लेकर कहीं राधा रानी संग रास की झांकियों से सजाया जाता है। बच्चों को श्रीकृष्ण के अवतार में सजाया जाता है तो वहीं दही-हांडी का उत्सव मनाने की तैयारियां भी जोरों से शुरू हो जाती हैं।
दही-हांडी का त्योहार श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं से जुड़ा हुआ है, जब माता यशोदा और गोकुल वासियों के घरों से नंदलाल अपने दोस्तों संग दही और मक्खन चोरी कर खाया करते थे। खासतौर पर मुंबई में दही-हांडी का त्योहार बड़े ही उत्साह के साथ मनाया जाता है।

अगर आप भी इस समय मुंबई या आसपास के किसी उपनगरीय शहरों में हैं, तो इन खास जगहों पर जरूर जाएं जहां दही-हांडी के मौके पर गोविंदाओं की टोली खूब धूम मचाती है।
1. लालबाग
मुंबई का लालबाग इलाका सिर्फ गणेश चतुर्थी उत्सव के समय ही नहीं बल्कि जन्माष्टमी में दही-हांडी के उत्सव के लिए भी बेहद लोकप्रिय जगह है। यहां दही-हांडी उत्सव का आयोजन बाल गोपाल मित्र मंडल की ओर से किया जाता है। महीनों तक प्रशिक्षण लेने के बाद यहां गोविंदाओं की टोली ऊंचाई पर टांगी गयी दही की हांडी को फोड़ने के लिए अपना जोर आजमाती है।

2. लोअर परेल
मुंबई में दही-हांडी को एंजॉय करने की दूसरी बेस्ट जगह है लोअर परेल। यहां जय जवान मित्र मंडल की ओर से दही-हांडी उत्सव का आयोजन किया जाता है। लोअर परेल की दही-हांडी में एक बार जो शामिल होता है, उसे जीवन भर नहीं भूल पाता है। उत्सव के साथ जब गोविंदाओं की टोली ऊंचाई पर दही से भरी हांडी को तोड़ने के लिए एकजूट होती है तब पता चलता है कि एकता में कितनी ताकत है।
3. घाटकोपर
अगर आप इस साल मुंबई में दही-हांडी को एंजॉय करने का प्लान बना रहे हैं तो घाटकोपर को बिल्कुल मिस मत कीजिएगा। घाटकोपर में कृष्ण जन्माष्टमी पर दही-हांडी उत्सव का आयोजन दही-हांडी मंडल की ओर से की जाती है। खास बात है कि यहां दही से भरी हांडी को इतनी ऊंचाई पर बांधा जाता है कि इसे देखकर किसी को भी डर लग जाए। लेकिन जब उत्साही गोविंदाओं की टोली इसे तोड़ने का मन बनाकर एक के कंधे पर दूसरा चढ़ना शुरू करती है तो उन्हें रोक पाना लगभग असंभव सा बन जाता है।

4. वर्ली
जन्माष्टमी पर दही-हांडी एंजॉय करने का एक और बेस्ट लोकेशन है वर्ली। यहां संकल्प प्रतिष्ठान मंडल की ओर से हर साल दही-हांडी का आयोजन किया जाता है। यहां भी दही-हांडी को तोड़ने के लिए गोविंदाओं की कई टोलियां पहुंचती है लेकिन जीतता तो वहीं है तो बिना रुके ऊंचाई पर बंधी दही की उस हांडी तक पहुंच जाता है। वर्ली की दही-हांडी को दक्षिण मुंबई की सबसे ऊंची दही-हांडी में से एक माना जाता है।

5. खारघर
मुंबई के उपनगरीय इलाकों में भी दही-हांडी बड़ी ही धूम-धाम के साथ मनायी जाती है, जिसमें खारघर प्रमुख है। यहां श्रमिक सार्वजनिक उत्सव मंडल की ओर से दही-हांडी का आयोजन किया जाता है। भगवान कृष्ण के जन्मोत्सव का जश्न मनाने के लिए यहां बड़ी संख्या में लोग जुटते हैं। खारघर में जिस ऊंचाई पर हांडियों को टांगा जाता है, वह इस जगह की दही-हांडी को सबसे अलग बनाता है। यहां बड़ी संख्या में गोविंदाओं की टोली दही-हांडी को फोड़ने के लिए आती जरूर है, लेकिन अधिक ऊंचाई होने की वजह से उनमें से अधिकांश गोविंदाओं को खाली हाथ ही वापस लौट जाना पड़ता है।



Click it and Unblock the Notifications














