मुंबई और नवी मुंबई को जोड़ने वाला अटल सेतु के बन जाने के बाद इस रूट पर आवाजाही करने वाले लोगों को बड़ी सुविधा हो गयी है। इस ब्रिज ने मुंबई से नवी मुंबई के बीच की दूरी को घटाकर मात्र 20 मिनट का कर दिया है, जिसमें न कोई ट्रैफिक जाम और न ही कोई परेशानी। समुद्र के ऊपर बनाया गया 6 लेन का 21.8 किमी लंबे इस ब्रिज का शिलान्यास साल 2016 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था और पिछले साल इसे आम जनता के उपयोग के लिए खोल दिया गया।
यह ब्रिज नवी मुंबई में नवनिर्मित एयरपोर्ट के शुरू हो जाने के बाद और भी महत्वपूर्ण बन जाएगा। संभवतः इस वजह से ही अटल सेतु से होकर आने-जाने वाले लोगों को ध्यान में रखते हुए कई नयी सुविधाओं को शुरू करने की योजना महाराष्ट्र मेट्रोपोलिटन रिजन डेवलपमेंट अथॉरिटी (MMRDA) ने बनायी है।

Punepulse की मीडिया रिपोर्ट के अनुसार देश के सबसे बड़े समुद्री सेतु अटल ब्रिज, जिसका नाम पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहार वाजपेयी के नाम पर रखा गया है, पर जल्द ही ईंधन के लिए पेट्रोल पंप और फूड प्लाजा की शुरुआत की जाएगी। इस बात की घोषणा पिछले दिनों ही MMRDA की ओर से की गयी है।
MMRDA ने अटल सेतु, जिसका पूरा नाम अटल बिहारी वाजपेयी सेवारी-न्हावा शेवा अटल सेतु है, के नवी मुंबई की तरफ अंतिम छोर पर जसई में पेट्रोल पंप और फूड प्लाजा खोलने की घोषणा की है। जानकारी के अनुसार इस परियोजना पर अभी काम चल रहा है, जिसके अगले महीने तक पूरा होने की उम्मीद है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार अक्तूबर 2024 में MMRDA के अधिकारियों ने इस प्रक्रिया की शुरुआत की थी, जिसके 3 से 6 महीने में पूरा होने की संभावना जतायी गयी थी। गौरतलब है कि MMRDA ने मुंबई और नवी मुंबई को जोड़ने वाली 21.80 किमी लंबी समुद्री सेतु का निर्माण किया। इस ब्रिज के बन जाने से दोनों शहरों के बीच आने-जाने में लगने वाला समय घटकर 12 से 20 मिनट रह गया है।
पिछले साल जनवरी में ही इस ब्रिज को आम ट्रैफिक के लिए खोल दिया गया था। करीब ₹17,840 करोड़ से अधिक की लागत से इस ब्रिज का निर्माण किया गया था। बताया जाता है कि प्रतिदिन करीब 22500 वाहन इस ब्रिज से होकर आवाजाही करते हैं। 21 किमी से भी लंबे इस ब्रिज पर ईंधन भरवाने के लिए कोई भी पेट्रोल पंप नहीं है। इसलिए MMRDA ने अटल सेतु पर फूड प्लाजा और पेट्रोल पंप बनाने की योजना बनायी है।



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