लंबा Weekend हुआ या लगातार काम करके होने वाली थकान...मुंबईकरों के लिए गोवा का रोड ट्रिप किसी बड़ी राहत से कम नहीं है। जब भी मौका मिलता है बैग पैक कर खासतौर पर युवा गोवा के लिए निकल पड़ते हैं। कई बार उनके इस ट्रिप में साथ निभाते हैं दिल्ली, नोएडा या फिर महाराष्ट्र के ही किसी और शहर में रहने वाले दोस्त।जो मुंबई तक तो फ्लाईट या ट्रेन से आते हैं लेकिन मुंबई से गोवा का सफर रोड ट्रिप से ही पूरा करना पसंद करते हैं।
अब मुंबई से गोवा के बीच की दूरी न सिर्फ फर्राटे के साथ पूरी होगी बल्कि पहले के मुकाबले आधा समय भी लगेगा, क्योंकि जल्द ही मुंबई-गोवा हाईवे (Mumbai-Goa Highway) का निर्माण कार्य होने वाला है पूरा और इसे खोल भी दिया जा सकता है। सबसे अच्छी बात यह होने वाली है कि इस हाईवे पर यात्रियों को कोई टोल बूथ नहीं मिलेगा। कुछ ऐसा ही दावा मीडिया रिपोर्ट्स में किया जा रहा है।

केंद्रीय मंत्री ने की घोषणा
पिछले दिनों ही केंद्रीय सड़क परिवहन व हाईवे मंत्रालय के केंद्रीय मंत्री नीतिन गडकरी ने इस बात की घोषणा की। उन्होंने कहा कि पिछले लंबे समय से मुंबई-गोवा हाईवे के पूरा होने का इंतजार किया जा रहा है। यह हाईवे जून 2025 में बनकर पूरी तरह से तैयार हो जाएगी। News 18 की मीडिया रिपोर्ट में केंद्रीय मंत्री नीतिन गडकरी के हवाले से बताया गया है कि इस हाईवे के बनने में कई परेशानियां थी।
भाईयों के झगड़े थे, अदालत में विचाराधीन मामले भी थे और भूमि के मुआवजे को लेकर भी भारी जटिलताएं थी। लेकिन अब सभी समस्याओं को सुलझा लिया गया है और मुंबई-गोवा हाईवे गति पकड़ चुका है। इसका निर्माण अपने अंतिम पड़ाव पर बस पहुंचने ही वाला है।
उन्होंने कहा कि एक बार इस हाईवे का निर्माण पूरा होकर, इसे खोल दिया जाता है तो इससे होकर मुंबई से गोवा के बीच आना-जाना पहले के मुकाबले काफी आसान बन जाएगा। रास्ते के शानदार नजारों का लुत्फ उठाते हुए पर्यटक रिकॉर्ड समय में मुंबई से गोवा के बीच की दूरी को तय कर सकेंगे।
Times Now की मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार अब तक मुंबई से गोवा के बीच की दूरी को तय करने में जहां अब तक 12 घंटों का समय लगता है, वहीं इस हाईवे के शुरू हो जाने के बाद मुंबई से गोवा तक का सफर महज 6 घंटे में पूरा किया जा सकेगा।
नहीं रहेगा टोल बूथ
मीडिया रिपोर्ट में केंद्रीय मंत्री के हवाले से दावा किया जा रहा है कि जल्द ही देशभर के सभी टोल बूथ को हटा दिया जाएगा। इस वजह से ही मुंबई-गोवा हाईवे पर भी कोई टोल बूथ नहीं होगा। टोल बूथ की जगह पर अब सैटेलाइट ट्रैकिंग एंड ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रिकॉग्नाइजेशन (ANPR) के जरिए टोल शुल्क वसूला जाएगा।
बताया जाता है कि इससे वाहन चालकों को सिर्फ उतनी दूरी के लिए ही टोल शुल्क देना पड़ेगा जितना वे किसी हाईवे या एक्सप्रेसवे पर सफर करेंगे। कहा जा रहा है कि इस फैसले की वजह से हाईवे और एक्सप्रेसवे के अलावा ऐसी जगहें जहां Bottleneck हो वहां भी ट्रैफिक का बहाव अच्छी तरह से बना रहेगा।

क्या होगा रूट और लागत?
Times of India की मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार 4 लेन चौड़ी मुंबई-गोवा हाईवे का निर्माण वर्ष 2012 में शुरू हुआ था। मुंबई से गोवा के बीच इस हाईवे की कुल लंबाई करीब 466 किमी है, जिसे बनाने की लागत ₹7300 करोड़ आयी है जबकि इसकी मूल लागत ₹3500 करोड़ निर्धारित की गयी थी। हालांकि दावा किया जाता है कि इस परियोजना के पूरा होने में काफी ज्यादा समय लग गया है, इस वजह से भी लागत काफी ज्यादा हो गयी है।
हालांकि कुछ मीडिया रिपोर्ट में इस हाईवे की कुल लंबाई 498 किमी बतायी जा रही है। बताया जाता है कि इस हाईवे को कोंकण तट के साथ बनाया जा रहा है जहां इसकी लंबाई 376 किमी है। इसके साथ ही 120 किमी लंबा स्ट्रेच रोड भी बनाया जा रहा है, जिसकी वजह से इसकी कुल लंबाई 498 किमी हो गयी है। यह हाईवे रायगढ़, रत्नागिरी और सिंधुदुर्ग के 17 तालुका और 3 जिलों के 232 गांवों से होकर गुजरेगा। कोंकण क्षेत्र के कठिन रास्तों और नदियों को पार करने के लिए लगभग 41 सुरंगें और 21 बड़े ब्रिज इस हाईवे पर बनाए गये हैं।
बताया जाता है कि इस हाईवे के लिए भूमि अधिग्रहण और कई बार ठेकेदारों के लापरवाहीपूर्ण रवैये की वजह से हाईवे के निर्माण में इतना विलंब हुआ।
मुंबई-गोवा हाईवे का रूट
- पनवेल
- पेन
- अलीबाग के पास से होकर इंदापुरा
- मनगांव
- महड
- चोलाई
- कशेडी सुरंग
- चिपलुन
- अरावली
- रत्नागिरी को बाईपास कर वाकेड
- राजापुर
- ज़रप
- पत्रादेवी
आखिरकार लगभग 13 सालों बाद मुंबई-गोवा हाईवे बनकर पूरी तरह से तैयार हो रहा है, जिसे इसी साल जून तक खोल देने की संभावना जतायी जा रही है।



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