अगले महीने या यूं कहे कि अगले सप्ताह ही मुंबई के पहले भूमिगत मेट्रो, मेट्रो लाइन 3 का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा करने की संभावना है। मीडिया रिपोर्ट्स में किये गये दावों को अगर सच माना जाए तो 3 से 5 अक्तूबर के बीच (सबसे ज्यादा संभावित तारीख 4 अक्तूबर) पीएम मोदी मुंबई के दौरे पर जाने वाले हैं, जब वह मेट्रो लाइन 3, जिसे एक्वा लाइन मेट्रो भी कहा जाता है, के साथ-साथ कई और परियोजनाओं की शुरुआत भी करने वाले हैं।
लेकिन क्या आप जानते हैं, मुंबई के मेट्रो लाइन 3 के स्टेशनों पर बड़े-बड़े लगेज स्कैनर एक्स-रे मशीन लगाया जा रहा है। भला मेट्रो स्टेशन पर बड़े सामानों को स्कैन करने वाली एक्स-रे स्कैनर मशीन क्यों लगायी जा रही है?

उससे पहले आपको बता दें, अक्तूबर के पहले सप्ताह में मुंबई मेट्रो लाइन 3 के पहले फेज का उद्घाटन होने की संभावना है, जिसमें 10 मेट्रो स्टेशनों (आरे से बीकेसी) के बीच मेट्रो का संचालन किया जाएगा। बाद में धीरे-धीरे निर्माण कार्य पूरा होने के बाद मेट्रो लाइन 3 के पूरे स्ट्रेच को यात्री सेवाओं के लिए खोल दिया जाएगा।
क्यों लगाया जाएगा लगेज स्कैनर एक्स-रे मशीन?
इस बारे में Hindustan Times की एक रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार इस मेट्रो लाइन से होकर बड़ी संख्या में एयरपोर्ट यात्री आवाजाही करने वाले होंगे। क्योंकि मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशल एयरपोर्ट का टर्मिनल 1 और टर्मिनल 2 दोनों ही इसी मेट्रो लाइन में होगा। इस लाइन से होकर यात्रा करने वाले एयरपोर्ट यात्रियों को वैश्विक स्तर पर अनुमोदित एक्स्ट्रा लार्ज सूटकेस (Extra Large Suitcase) लेकर जाने की भी अनुमति होगी। इसलिए मेट्रो लाइन 3 से संबंधित मेट्रो स्टेशनों पर एक्स्ट्रा लार्ज लगेज बैग के लिए एक्स-रे मशीन लगाए जाएंगे।
एयरपोर्ट यात्रियों को न हो कोई परेशानी
मुंबई मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (MMRC) के अधिकारियों ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि वैश्विक स्तर पर यात्रियों को विमान में 32x21x12 की नाप वाले और अधिकतम 23 किलो वजन का सूटकेस लेकर जाने की अनुमति होती है। इसलिए मुंबई मेट्रो लाइन 3 से संबंधित स्टेशनों पर बड़े एक्स-रे स्कैनर लगाए जाएंगे, जिसमें इतने बड़े आकार वाले सूटकेस की स्कैनिंग आसानी से हो सके।

ताकी एयरपोर्ट के यात्रियों को किसी प्रकार की कोई परेशानी न हो। लेकिन दूसरे रूट्स के मेट्रो जैसे मेट्रो लाइन 1 (वर्सोवा-अंधेरी-घाटकोपर), मेट्रो लाइन 2ए (दहीसर ईस्ट-गुंडावली) और मेट्रो लाइन 7 (दहीसर ईस्ट-अंधेरी वेस्ट) में छोटे आकार के एक्स-रे स्कैनर लगाए हुए हैं, जिसमें बड़े आकार के सूटकेस स्कैन नहीं हो सकेंगे। इन लाइन्स से होकर आवाजाही करने वाले यात्रियों के सामानों की जांच व्यक्तिगत रूप (Manual Check) से करनी होगी।
MMRC के अधिकारियों का कहना है कि किसी भी सामान्य बैगेज स्कैनर का आकार 600x400 मिमी का होता है। बड़े आकार वाले सामानों को सिर्फ व्यक्तिगत रूप से जांचने के बाद ही लेकर जाने की अनुमति दी जाती है। व्यक्तिगत रूप से जांच के दौरान यात्रियों से उनके बैग खोलने के लिए कहा जा सकता है अथवा उसे मेटल डिटेक्टर से स्कैन किया जाता है। अधिकारियों का कहना है कि वर्तमान में मेट्रो लाइन 2ए (यलो लाइन), मेट्रो लाइन 7 (रेड लाइन) और मेट्रो लाइन 1 (ब्लू लाइन) में बड़े आकार के एक्स-रे स्कैनर लगाने की कोई योजना नहीं है।
लेकिन मेट्रो लाइन 3 से मुंबई एयरपोर्ट के टर्मिनल 1 और टर्मिनल 2 से होकर गुजरेगा, इसलिए यहां बड़े आकार के लगेज एक्स-रे स्कैनर के साथ-साथ यात्रियों की सुविधा को सुनिश्चित करने के लिए बैगेज ट्रॉली भी रखे जाएंगे।
MMRC के एमडी अश्विनी भिडे ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि मुंबई एयरपोर्ट के टर्मिनल 2 स्टेशन को टर्मिनल बिल्डिंग के फोरकोर्ट स्तर से जोड़ने में करीब 1.5-2 सालों का वक्त लग जाएगा। वर्तमान में जो यात्री मुंबई एयरपोर्ट मेट्रो स्टेशन पर उतरकर एयरपोर्ट टर्मिनल में प्रवेश करना चाहते हैं, उन्हें नीचे पैदल मार्ग तक जाना होगा। फिर आंतरिक सड़क को पार कर यात्रियों को टर्मिनल बिल्डिंग में प्रवेश करना पड़ेगा।



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