मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (MMRDA) ने आखिरकार मुंबई में POD टैक्सी को मंजूरी दे दी है। जिस प्रस्ताव को इस साल मार्च में ही महाराष्ट्र सरकार ने पारित किया था। मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार यह फैसला MMRDA की 282वीं एग्जिक्यूटिव कमेटी की बैठक में लिया गया है। बताया जाता है कि इसके साथ ही MMRDA ने बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स (BKC) में साई ग्रीन मोबिलिटी को, M/s अल्ट्रा पीआरटी के साथ इसका डिजाइन, निर्माण और रखरखाव की जिम्मेदारी सौंपी है।
बता दें, M/s अल्ट्रा पीआरटी ही वो कंपनी है, जो हिथ्रो एयरपोर्ट पर POD टैक्सी का संचालन करती है।

इस आर्टिकल में आगे हम जिन बातों की चर्चा करने वाले हैं वो हैं :
- कब तक बनकर पूरी तरह से तैयार होगा POD टैक्सी?
- POD टैक्सी को बनाने में कितनी होगी लागत?
- मुंबई में POD टैक्सी का क्या रूट होगा?
- POD टैक्सी की सवारी के लिए कितना किराया चुकाना पड़ेगा?
आइए POD टैक्सी के बारे में विस्तार से जानते हैं -
कब तक बनकर पूरी तरह से तैयार होगा POD टैक्सी?
POD टैक्सी रेलवे और रोड का हाईब्रिड साधन है, जो यातायात का ड्राईवरलेस साधन होते हैं। यह टैक्सियां ट्रेन की तरह ही दिखने वाले रेलवे ट्रैक पर चलती हैं लेकिन इनका आकार किसी छोटे से डिब्बे जैसा होता है। एक POD टैक्सी में अधिकतम 6 यात्री सवार हो सकेंगे। Times of India की एक रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार मुंबई में POD टैक्सी का निर्माण अगले 3 सालों में पूरा होने की संभावना है। शहरों में, जहां प्रदूषण और जाम की समस्या काफी ज्यादा बढ़ती जा रही है, वहां POD टैक्सी काफी मददगार साबित हो सकते हैं।
POD टैक्सी को बनाने में कितनी होगी लागत?
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार MMRDA की 6 मार्च 2024 को हुई 156वीं बैठक में POD टैक्सी के लिए ₹1,016.34 करोड़ की लागत निर्धारित की गयी थी। इसे PPP मॉडल के आधार पर तैयार करने का फैसला लिया गया था। MMRDA ने तकनीकी-आर्थिक व्यवहार्यता के अध्ययन के आधार पर POD टैक्सी को मंजूरी दी थी। बताया जाता है कि इसका मसौदा रिपोर्ट टाटा कंसल्टिंग इंजीनियर्स ने बनाया था। काफी सोच-विचार करने के बाद POD टैक्सी के लिए BKC को ही सबसे अधिक सटिक जगह माना गया है क्योंकि MMRDA का मानना है कि यहां हर दिन लगभग 6.4 लाख लोग आवाजाही करते हैं।
मुंबई में POD टैक्सी का क्या रूट होगा?
POD टैक्सी 8.80 किमी लंबा एक स्ट्रेच होने वाला है, जिसमें कुल 38 स्टेशन होंगे। यह BKC इलाके में चलेगी, जो मूल रूप से बांद्रा और कुर्ला स्टेशनों पर यात्रियों की भीड़ के अत्यधिक दबाव को कम करने में मददगार साबित हो सकती है। बताया जाता है कि हर एक POD टैक्सी में कुल 6 यात्री सवार हो सकेंगे। 40 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से POD टैक्सी चलेगी और हर 15 से 30 सेकेंड के अंतराल पर एक POD टैक्सी उपलब्ध होगी। खासतौर पर BKC में बुलेट ट्रेन के आ जाने के बाद POD टैक्सी की जरूरत काफी बढ़ जाएगी। इसे ध्यान में रखते हुए ही मुंबई के इस क्षेत्र को ही POD टैक्सी के लिए चुना गया है।
क्या होगा POD टैक्सी का किराया?
मिली जानकारी के अनुसार POD टैक्सी के किराए का निर्धारण ऑटो और बस यात्रियों पर किये जाने वाले सर्वे के आधार पर तय किया जाएगा। वर्तमान में मीटर ऑटो से आवाजाही करने वाले यात्रियों को मुंबई में ₹15.53 प्रतिकिमी का किराया चुकाना होगा। वहीं शेयर ऑटो लेने पर बांद्रा या कुर्ला से BKC तक के लिए ₹30-₹40 का किराया प्रति यात्री देना पड़ता है। अगर टैक्सी के किराए की बात की जाए तो यह भी ₹18.67 प्रतिकिमी और शेयर पर ओला-उबर कैब सेवाएं लेने पर इसी दूरी के लिए ₹80-₹100 तक का किराया चुकाना पड़ता है।
Indian Express की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि सर्वे से पता चला है कि 70 प्रतिशत ऑटो यात्री और लगभग 36 प्रतिशत बस यात्री 2-3 किमी की इस दूरी में POD टैक्सी के लिए ₹21 प्रतिकिमी की दर से किराया देने के लिए राजी हैं, जिसे 4 प्रतिशत वार्षिक की दर से बढ़ाया जा सकता है।
बता दें, मुंबई के अलावा नोएडा में भी POD टैक्सी परियोजना पर काम किया जा रहा है। नोएडा में POD टैक्सी ग्रेटर नोएडा को नोएडा जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट से जोड़ेगा। बताया जाता है कि नोएडा में ₹810 करोड़ की लागत से इसका निर्माण किया जाएगा। हालांकि मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि तीन बार इसकी समयसीमा समाप्त होने के बावजूद अभी तक इसका टेंडर आमंत्रित नहीं किया गया है।



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