देश के अलग-अलग शहरों में लोगों के जीवन को आसान बनाने के लिए परिवहन के कई तरह के साधनों को तैयार किया जा रहा है। कहीं मेट्रो रेल का जाल बिछाया जा रहा है तो कहीं फ्लाईंग टैक्सी, रैपिड रेल और मुंबई में POD टैक्सी चलाने की तैयारियां की जा रही है। यह लोगों को कम समय में अपने-अपने गंतव्यों तक पहुंचाने में मददगार साबित होगी। मुंबई के बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स (BKC) में POD टैक्सी परियोजना को तैयार किया जा रहा है।
पिछले लंबे समय से मुंबई में POD टैक्सी को लेकर काफी चर्चाएं तो हो रही हैं लेकिन यह कब से शुरू होगा? POD टैक्सी का संचालन कौन से रूट्स पर किया जाएगा? POD टैक्सी के कौन-कौन से स्टेशन बनाने का प्रस्ताव दिया जा रहा है? POD टैक्सी का किराया कितना हो सकता है और सबसे महत्वपूर्ण, कौन-कौन से उपनगरीय रेलवे स्टेशनों को POD टैक्सी जोड़ेगी?

अगर आपके मन में भी POD टैक्सी को लेकर ये सभी सवाल उमड़ते हैं, तो इस आर्टिकल को पूरा पढ़ें। हम आपको इस बारे में विस्तृत जानकारी देने वाले हैं।
कितने स्टेशन होंगे?
हाल ही में Mid Day की एक रिपोर्ट में टेक्नो-इकोनॉमी फिजीबिलिटी स्टडी (TEFS) के एक अध्ययन के हवाले से दावा किया गया है कि POD टैक्सी का पहला चरण 2027 में पूरा होगा। बताया जाता है कि इस परियोजना में कुल स्टेशनों की संख्या करीब 54 होगी। सभी स्टेशनों को एक बार में शुरू नहीं किया जाएगा बल्कि अलग-अलग चरणों में स्टेशनों को बनाया और उन्हें शुरू किया जाएगा।
बताया जाता है कि POD टैक्सी के पहले चरण में 38 स्टेशन बनाने का प्रस्ताव दिया गया है। इस चरण की सबसे बड़ी खासियत, दो उपनगरीय रेलवे स्टेशनों के पास POD टैक्सी का स्टेशन होगा। POD टैक्सी के पहले चरण में बांद्रा और कुर्ला उपनगरीय रेलवे स्टेशनों के ठीक बगल में इसका स्टेशन भी बनाया जाएगा।
प्रमुख स्टेशन कौन-कौन?
POD टैक्सी के पूरे रूट में जो प्रमुख स्टेशन बनाएं जाएंगे, उनके नाम हैं -
- क्षेत्रीय पासपोर्ट ऑफिस
- ओएनजीसी बिल्डिंग
- गोदरेज बीकेसी
- जियो वर्ल्ड सेंटर
- भारत डायमंड बोर्स
- सेबी (SEBI)
- एनएसई (NSE)
- फैमिली कोर्ट
- कालंदर जंक्शन
वर्ष 2041 तक जो स्टेशन बनाएं जाएंगे, उनमें शामिल हैं -
- कुर्ला स्टेशन
- इक्वीनॉक्स
- टैक्सीमेन्स कॉलोनी
- एमटीएनएल
- टाटा कम्यूनिकेशंस
- सीबीआई मुख्यालय
- अंबानी स्कूल
- एफआईएफसी
- बीकेसी फायर स्टेशन
- एमएमआरडीए मैदान
- टाटा पावर
- एशियन हार्ट इंस्टिट्यूट
- लक्ष्मी टावर्स
- चुनाभट्टी
- धारावी डीपो
- सायन रेलवे स्टेशन
उपनगरीय स्टेशनों को जोड़ेगी
- कुर्ला स्टेशन
- बांद्रा स्टेशन
- सायन स्टेशन
कैसे पहुंचाएगा मदद?
मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार POD टैक्सी सिर्फ दो जगहों के बीच आवाजाही में ही नहीं बल्कि आसपास के उपनगरीय रेलवे स्टेशनों और मेट्रो स्टेशनों तक पहुंचना भी आसान बना देगा। बताया जाता है कि POD टैक्सी का स्टेशन किसी फूट ओवरब्रिज को डबलडेकर ब्रिज की तरह इस्तेमाल करके भी बनाया जा सकता है। इसके नीचले स्तर पर POD टैक्सी का स्टेशन और ऊपरी स्तर को रोड पार करने के लिए बतौर ब्रिज इस्तेमाल किया जा सकता है।
ऊपर हिस्सा, जिसका किराया नहीं देना होगा, वहां POD टैक्सी का टिकट काउंटर बनाया जा सकता है। यात्री वहां से टिकट खरीदकर फिर सीढ़ियों से नीचले स्तर पर आकर POD टैक्सी के प्लेटफार्म पर दाखिल होकर उसमें सवार हो सकते हैं। बताया जाता है कि पहले चरण में POD टैक्सी के 38 स्टेशनों का निर्माण ₹1,000 करोड़ से ज्यादा की लागत से किया जाएगा। POD टैक्सी का पूरा कॉरिडोर 13.5 किमी लंबा होगा, जिसमें कुल 54 स्टेशन होंगे। वर्ष 2041 तक POD टैक्सी का संचालन 49 स्टेशनों के बीच करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
कितना हो सकता है किराया?
मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार एक रूट पर POD टैक्सी की औसत लंबाई करीब 2.43 किमी होगी। संभावना जतायी जा रही है कि हर साल करीब 67,800 यात्री POD टैक्सी का इस्तेमाल अपने-अपने गंतव्यों तक पहुंचने के लिए करेंगे। हालांकि साल-दर-साल इसमें वृद्धि का लक्ष्य भी बनाया गया है।
वित्तीय वर्ष 2021-22 के अनुसार POD टैक्सी का जो किराया निर्धारित किया गया था वह, ₹21 प्रति किमी था। हर 4 साल में इसके किराए में 15% की वृद्धि का प्रावधान रखा गया है।



Click it and Unblock the Notifications














