मुंबई का ट्रॉम्बे जेट्टी को जल्द ही बृहन्मुंबई म्यूनीसीपल कॉरपोरेशन (BMC) ने इको-टूरिज्म हब बनाने का फैसला लिया है। ट्रॉम्बे को बतौर इको-टूरिज्म हब बनाकर यहां कई तरह की नयी एक्टिविटीज को शुरू करने की योजना है। उम्मीद की जा रही है कि इससे यह जगह परिवार और दोस्तों के साथ घूमने के लिए मुंबई में एक नयी जगह के तौर पर उभर कर सामने आएगी।

बता दें, एक समय ट्रॉम्बे मुंबई से करीब 5 किमी की दूरी पर मौजूद एक द्वीप हुआ करता था, जिसे 18वीं शताब्दी में मुख्य भूखंड से जोड़ दिया गया था।
ट्रॉम्बे में कैसे बनेगा इको-टूरिज्म हब
BMC ने ट्रॉम्बे जेट्टी को इको-टूरिज्म हब में परिवर्तित करने का फैसला तो लिया है लेकिन विकास कार्यों को यहां की पारिस्थतिकी में किसी भी प्रकार का परिवर्तन किये ही, करने की योजना है। मीडिया रिपोर्ट्स से मिली जानकारी के अनुसार BMC के अधिकारियों का कहना है कि इस जगह की इकोलॉजिकल या मछली पकड़ने की गतिविधियों से कोई भी छेड़छाड़ किये बिना ही यहां इको-टूरिज्म का विकास करने की योजना है।

बताया जाता है कि BMC ने नेवी और कोस्टल जोन प्रशासन के साथ-साथ वन-विभाग से भी सभी आवश्यक अनुमतियां प्राप्त कर ली है। बता दें, कोली समुदाय के काफी लोग इस जेट्टी का इस्तेमाल करते हैं। इस परियोजना के शुरू होने से यहां बेतरतीब तरीके से पार्किंग की समस्याएं दूर हो जाएंगी, जिससे कीचड़ अधिक बनता है।
क्यों महत्वपूर्ण है ट्रॉम्बे जेट्टी
ट्रॉम्बे जेट्टी एलिफेंटा की गुफाओं और नवी मुंबई दोनों के बीच में आता है। यहां सर्दियों के मौसम में बड़ी तादाद में प्रवासी पक्षियों का आना-जाना लगता है। इस वजह से ट्रॉम्बे जेट्टी को और भी सुन्दर बनाने की पहल की जा रही है। अगर ट्रॉम्बे जेट्टी को एक इको-टूरिज्म हब के तौर पर विकसित किया जाता है तो निश्चित रूप से यहां पर्यटन का विकास होगा जिससे रोजगार के नये अवसर भी उत्पन्न होंगे। ट्रॉम्बे जेट्टी में सोलर पावर का इस्तेमाल कर इलेक्ट्रिक कार्ट और बग्गियों को भी चलाने की योजना है।
किन नयी एक्टिविटिज का होगा विकास
इको-टूरिज्म हब का विकास होने के बाद यहां के स्थानीय पारिस्थितिकी को विकसित किया जाएगा। ट्रॉम्बे जेट्टी में कायाकिंग, बोटिंग, बर्ड वॉचिंग टावर, कछुओ और केंकड़ों के लिए तालाब, व्यूइंग डेक और भी ऐसे कई तरह की एक्टिविटिज का विकास होगा, जो निश्चित रूप से पर्यटकों को पसंद आने वाली है। ट्रॉम्बे जेट्टी में एक नेचर इंटरप्रीटेशन सेंटर और बटरफ्लाइ गार्डन बनाने की भी योजना है, जहां पर्यटक अपने परिवार के साथ अच्छा समय व्यतित कर सकें।

पूरा दिन अगर प्रकृति के बीच बिताया जाए तो भूख भी लगेगी ही। इसलिए यहां एक मैनग्रोव कैफे भी बनाने की योजना है, जहां लोग हल्का-फुल्का नाश्ता कर अपने इस दिन को पूरा एंजॉय कर सकें। इस जगह को BMC ने इस प्रकार विकसित करने की योजना बनायी है जिससे पारिवारिक मनोरंजन के साथ-साथ बच्चों को इस जगह पर प्रकृति के विषय में काफी कुछ सीखे का भी मौका मिल सकें।



Click it and Unblock the Notifications














