प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 5 अक्तूबर को मुंबई के दौरे पर जा सकते हैं। इस दौरान वह कई परियोजनाओं का उद्घाटन व शिलान्यास भी करेंगे जिसमें मुंबई का आरे-बीकेसी मेट्रो लाइन 3 (एक्वा लाइन मेट्रो) का उद्घाटन कर सकते हैं। इस मेट्रो लाइन के शुरू होने का इंतजार पिछले लंबे समय से मुंबईकर बेसब्री से कर रहे हैं। इस मेट्रो परियोजना का उद्घाटन करने के साथ-साथ पीएम मोदी ठाणे इंटीग्रल रिंग मेट्रो परियोजना (Thane Integral Ring Metro Project) का शिलान्यास भी कर सकते हैं।
लगभग ₹12,200 करोड़ की लागत से ठाणे में रिंग मेट्रो का निर्माण किया जाएगा। इस साल अगस्त में ही इस मेट्रो परियोजना को केंद्र सरकार की मंजूरी मिली थी। क्या है ठाणे इंटीग्रल रिंग मेट्रो? कौन-कौन से इलाकों से गुजरेगी रिंग मेट्रो? कौन से 22 स्टेशनों के निर्माण का है प्रस्ताव और क्या होगी ठाणे इंटीग्रल रिंग मेट्रो परियोजना की विशेषताएं?

आइए Details में जानते हैं ठाणे इंटीग्रल रिंग मेट्रो परियोजना के विषय में :
क्या है ठाणे इंटीग्रल रिंग मेट्रो परियोजना
महाराष्ट्र में राजधानी मुंबई से सटे उपनगर ठाणे में 29 किमी की लंबाई में बनने वाला ठाणे इंटीग्रल रिंग मेट्रो कॉरिडोर शहर के पश्चिमी हिस्से में गोलाई में बनेगा। इस मेट्रो कॉरिडोर के निर्माण का मुख्य उद्देश्य घनी आबादी वाले इलाकों जैसे घोड़बंदर रोड और ईस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे आदि में लोगों को आवाजाही के लिए सुविधा मुहैया करवाना होगा।
यह मेट्रो नेटवर्क एक तरफ उल्हास नदी और दूसरी ओर संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान से घिरा होगा। उम्मीद की जा रही है कि परिवहन का बेहतर विकल्प के तौर पर यह मेट्रो नेटवर्क उभरेगा जो शहर की आर्थिक संभावनाओं को बढ़ाने के साथ-साथ सड़कों पर गाड़ियों की भीड़ को भी कम करने में मददगार साबित होगा। इससे ग्रीनहाउस गैसों का उत्सर्जन भी कम होने की संभावना है।
क्या होगी लागत और फंडिंग
मिली जानकारी के अनुसार इस परियोजना की कुल लागत ₹12,200 करोड़ होगी, जिसमें भारत सरकार और महाराष्ट्र सरकार की समान साझेदारी होगी। इसके साथ-साथ द्विपक्षीय एजेंसियों का भी कुछ हिस्सा इस परियोजना में होगा। Abp न्यूज की एक रिपोर्ट में बताया गया है कि इस परियोजना के लिए इनोवेटिव फाइनेंसिंग पद्धति से धन जुटाया जाएगा जैसे स्टेशनों के नामकरण का अधिकार बेचना, विज्ञापन आदि।
वहीं Times of India की एक रिपोर्ट के अनुसार इस मेट्रो कॉरिडोर पर 6 कोच वाली ट्रेन चलेगी, जिससे आनुमानिक 1500 यात्री यात्रा कर सकेंगे। बताया जाता है कि लगभग 15 मिनट के अंतराल पर इस मेट्रो कॉरिडोर पर मेट्रो सेवाएं उपलब्ध होंगी और सभी 22 स्टेशनों की दूरी को तय करने में रिंग मेट्रो को करीब 1 घंटे का समय लग सकता है।

कब तैयार होगा यह मेट्रो कॉरिडोर
ठाणे इंटीग्रल रिंग मेट्रो नेटवर्क, जिसका 5 अक्तूबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शिलान्यास कर सकते हैं, के वर्ष 2029 तक शुरू होने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस मेट्रो लाइन के शुरू होने से ठाणे सिटी के कई हिस्से जैसे वागले एस्टेट, घोड़बंदर, कल्शेट और साकेत का नया-पुराना रेलवे स्टेशन मुंबई मेट्रो लाइन 4 और 5 के जरिए मुंबई व कल्याण से सीधा जुड़ जाएगा।
एक बार रिंग मेट्रो के शुरू होने के बाद उम्मीद की जा रही है कि धीरे-धीरे यात्रियों की संख्या बढ़ती जाएगी और साल 2045 तक इससे होकर हर दिन 8.72 लाख यात्रियों के अपने-अपने गंतव्यों के लिए यात्रा करने की संभावना है। बताया जाता है कि 29 किमी लंबा यह मेट्रो कॉरिडोर 3 से 4 चरणों में तैयार किया जाएगा। पहले चरण में 8 किमी लंबा मेट्रो कॉरिडोर बनेगा जिसमें 6 स्टेशन होंगे।
कौन-कौन से होंगे स्टेशन?
ठाणे इंटीग्रल रिंग मेट्रो परियोजना में 22 स्टेशन बनाने का प्रस्ताव दिया गया है। इसमें से ठाणे ओल्ड और न्यू रेलवे स्टेशन का निर्माण भूमिगत किया जाएगा। बाकी सभी स्टेशन एलिवेटेड होंगे।
22 प्रस्तावित स्टेशनों की लिस्ट :
- Old ठाणे
- New ठाणे
- रायलादेवी
- वागले एस्टेट सर्किल
- लोकमान्य नगर बस स्टेशन
- पोखरन 1
- उपवन
- गांधी नगर
- काशीनाथ घाणेकर ऑडिटोरियम
- मनपदा
- पाटलीपदा
- डोंगरीपदा
- विजय नगरी
- वाघबिल
- हीरानंदानी एस्टेट
- ब्रह्मांड
- आजाद नगर बस स्टॉप
- मनोरमा नगर
- कोल्शेट
- बाल्कम नाका
- साकेत
- शिवाजी चौक



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