मुंबई में मेट्रो, फेरी, नाव और डबल-डेकर बसों की सवारी करके बोर हो चुके हैं? एक्सप्लोर करने के लिए किसी नई चीज को ढूंढ रहे हैं? बस थोड़ा सा इंतजार करें। जल्द ही मुंबई में आप वाटर मेट्रो (Water Metro) की सवारी कर सकेंगे, ठीक वैसे ही जैसी कोच्चि में चलती है। महाराष्ट्र सरकार की यह बड़ी महत्वकांक्षी परियोजना है, जो यात्रियों का अनुभव हमेशा के लिए बदल देने वाला है।
अगर आप मुंबई के उपनगरीय क्षेत्रों में रहते हैं और जलमार्ग को एक्सप्लोर करते हुए समुद्र की लहरों पर सवार होकर अपने गंतव्यों की तरफ जाना चाहते हैं, तो तैयार रहें। जल्दी ही कोच्चि वॉटर मेट्रो से प्रभावित होकर मुंबई में भी इस तरह का परिवहन शुरू करने की योजना राज्य सरकार की ओर से बनायी गयी है।

महाराष्ट्र के मंत्री ने बताया
Times Now की मीडिया रिपोर्ट में किये गये दावे को सच मानें तो राज्य के बंदरगाह और मत्स्य विभाग के मंत्री नीतेश राणे ने इस बात की पुष्टि की है। राणे के हवाले से मीडिया रिपोर्ट में बताया गया है कि इस परियोजना का उद्देश्य मुंबई मेट्रोपॉलिटल क्षेत्र (MMR) में अत्याधुनिक वॉटर मेट्रो प्रणाली को शुरू करना है।
उन्होंने बताया कि मुंबई में वाटर मेट्रो परियोजना ठीक उसी मॉडल पर काम करेगी, जो कोच्चि वाटर मेट्रो की है। बता दें, कोच्चि देश का पहला शहर है, जहां वर्ष 2021 में वॉटर मेट्रो की शुरुआत की गयी थी। वर्तमान में अपने जलक्षेत्रों में बैट्री-चालित 23 नावों का संचालन कोच्चि वॉटर मेट्रो के तहत किया जाता है।
कब से शुरू होगी वाटर मेट्रो?
मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार मुंबई में वाटर मेट्रो को शुरू करने के लिए कोच्चि वाटर मेट्रो प्रबंधन के साथ मिलकर विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने का काम किया जा रहा है। बताया जाता है कि इस रिपोर्ट को तैयार होने में और 2 महीने का वक्त लग सकता है।
इसके बाद फंड, रूट का निर्धारण, नाव आदि का निर्माण इन कार्यों में कुछ समय और बीत सकता है। मीडिया रिपोर्ट में संभावना जतायी गयी है कि अगले साल यानी 2026 के शुरुआत में मुंबई में कोच्चि के तर्ज पर वाटर मेट्रो की शुरुआत कर दी जा सकती है।

गौरतलब है कि महाराष्ट्र में 720 किमी लंबा समुद्रतट (Coastline) मौजूद है, लेकिन यहां सबसे कम जल परिवहन का ही उपयोग किया जाता है। हालांकि महाराष्ट्र की मैरिटाइम बोर्ड ने कुछ रूट्स पर यात्रियों के लिए फेरी सेवाओं को शुरू करने की योजना तो बनायी थी लेकिन वह सेवा शुरू नहीं हो सकी।
बताया जाता है कि परियोजना को मुंबई के पश्चिमी तट की ओर शुरू करने योजना बनायी गयी थी, जहां साल के लगभग 6 महीने में समुद्र काफी अस्थिर होता है। इस वजह से यहां समुद्री जहाजों और वेसल का संचालन करना चुनौतीपूर्ण बन जाता है।
वर्तमान में मुंबई से जल मार्ग के माध्यम से सिर्फ पूर्वी तट होकर नवी मुंबई और अलीबाग तक ही यातायात किया जा सकता है। हालांकि कई जल सुरक्षा के अधिकारियों द्वारा और समुद्रतट पर लगाए गये संवेदनशील यंत्र भी जल मार्ग से यातायात के विस्तार को रोक देते हैं।
अब राज्य सरकार पिछले लंबे समय से पिछड़ रही इस परियोजना को पूरी करने और मुंबई में वॉटर मेट्रो को शुरू करने की योजना बना रही है। इसे मायानगरी मुंबई में परिवहन का एक शानदार और रोमांचक विकल्प के तौर पर विकसित करने की योजना बनायी गयी है।



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