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मानसून को बनाना है खास तो आएं झारखंड के इन स्थानों पर

Posted By: Namrata Shastri

झारखंड को जंगलों और सोने का खजाना कहा जाता है। लघु यात्राओं के लिए इस राज्‍य के बारे में लोग कम ही जानते हैं। कई पहाड़ों, पर्वतों, जंगलों और झरनों से सजा ये राज्‍य प्रकृति प्रेमियों और वन्‍यजीव में दिलचस्‍पी रखने वाले लोगों के लिए परफैक्‍ट जगह है। झारखंड को यहां रहने वाली कई जनजातियों के कारण भी जाना जाता है। इन समुदायों के लोग अपनी जीविका के लिए बहुत मुश्किल परिस्थितियों से गुज़रते हैं।

इनकी तरह जीवन व्‍यतीत करना बहुत कठिन होता है। यहां पर कई समुदाय और प्रजातियों के लोग रहते हैं इसलिए यहां कई अलग तरह के त्‍योहार भी बनाए जाते हैं। कुंद्री मेला जोकि अक्‍टूबर के महीने में लगता है वो भी छत्र जिले का ऐतिहासिक त्‍योहार माना जाता है। झारखंड राज्‍य में पर्यटकों के लिए बहुत कुछ है और मॉनसून के महीने में तो यहां की खूबसूरती और भी बढ़ जाती है।

इस दौरान झरने बहुत शानदार लगते हैं और वन्‍यजीव अभ्‍यारण्‍यों में वन्‍यजीवों और वनस्‍पतियों की भीड़ बढ़ जाती है। यहां पर आपको दुर्लभ वनस्‍पति भी देखने को मिलेगी। तो अगर आप झारखंड राज्‍य की सैर पर निकल रहे हैं तो उससे पहले जान लें कि इस राज्‍य में क्‍या-क्‍या देख सकते हैं।

शानदार झरने

शानदार झरने

झारखंड राज्‍य में एक क्षेत्र ऐसा भी है जहां पर सबसे ऊंचा झरना बहता है और इसी वजह से झारखंड को झरनों का शहर भी कहा जाता है। लतेहर जंगल से होते हुए राज्‍य के सबसे ऊंचे झरने लोध फॉल्‍स तक पहुंच सकते हैं।

150 मीटर की ऊंचाई से गिरता हुआ पानी देखने में बहुत शानदार लगता है और मॉनसून के दौरान तो इसका नज़ारा आपको खुश ही कर देगा। इसके अलावा हुंद्रा फॉल्‍स, दस्‍सम फॉल्‍स, जोहना फॉल, पंचगढ़ फॉल्‍स और हिरनी फॉल्‍स आदि देख सकते हैं।

बहुत कम लोग इसके बारे में जानते हैं

बहुत कम लोग इसके बारे में जानते हैं

झारखंड का लगभग एक तिहाई हिस्‍सा जंगलों से घिरा हुआ है और इसी वजह से एडवेंचर स्‍पोर्ट्स के लिए ये जगह बेहतरीन है। यहां पर ऐसी कई खूबसूरत जगहें हैं जहां पर आप ट्रैकिंग, माउंटेन बाइकिंग, रॉक क्‍लाइंबिंग, कैनोइंग, पैराग्‍लाइडिंग, कायाकिंग आदि का मज़ा ले सकते हैं। अगर आप सीज़नल ट्रैकर हैं तो आपको सिकिदिरी और दस्‍सत झरना देखना चाहिए जोकि रांची के छोर पर स्थित है। यहां पर जमशेदपुर, देवघर और गिरिध आदि भी देख सकते हैं।

विभिन्‍न जनजातीय संस्‍कृति

विभिन्‍न जनजातीय संस्‍कृति

इस राज्‍य में 30 से भी ज्‍यादा जनजाति सुमुदाय रहते हैं और इस वजह से यहां पर विभिन्‍न तरह की संस्‍कृतियां भी देखने को मिलती हैं। क्‍या आपने छोउ नाच के बारे में सुना है। ये यहां का सबसे मज़ेदार और एनर्जी देने वाला डांस फॉर्म है जिसमें लोग रंग-बिरंगे मास्‍क पहनकर आग के खंभों के आसपास नृत्‍य करते हैं।

इस राज्‍य की और कलात्‍मक चीज़ों जैसे बॉडी पेंटिंग, स्‍टोन कटिंग, फ्रेस्‍को पेंटिंग आदि को भी जान सकते हैं। स्‍थानीय गांवों में घूमने पर आपको कला का एक अलग ही रंग देखने को मिलेगा।

स्‍वादिष्‍ट व्यंजन

स्‍वादिष्‍ट व्यंजन

PC- Pankajsahu20

जब तक आप खुद नहीं खाएंगें तब तक आपको विश्‍वास नहीं होगा कि वाकई में झारखंड में मजेदार व्‍यंजन मिलते हैं। यहां के लिट्टी चोखा, थेकुआ, मालपुआ और मीठा खाजा आदि जैसे व्‍यंजन मॉनसून के मौसम में खूब खुशी से खाए जाते हैं। इसके साथ एक कप चाय हो तो मज़ा ही दोगुना हो जाता है।

हज़ारों बगीचे

हज़ारों बगीचे

झारखंड में हज़ारों बगीचे हैं। ऐतिहासिक शहर हजारीबाग को अब हैल्‍थ रिजॉर्ट शहर में तब्‍दील कर दिया गया है। हजारीबाग नेशनल पार्क में आपको शेर, जंगली हिरण और जंगली बोअर की विभिन्‍न प्रजातियां देखने को मिलेंगीं।

वास्‍तुकला

वास्‍तुकला

PC- Ravishekharojha

छोटे से शहर देवघर में हज़ारों मंदिर हैं जोकि भगवान शिव को समर्पित हैं। यहाँ पर सर्वप्रसिद्ध बाबा बैद्यनाथ मंदिर भी स्थित है जोकि भारत में भगवान शिव के 12 ज्‍योर्तिलिंगों में से एक है।

इतिहास का संगम

इतिहास का संगम

PC- Marlisco

ट्विन पलामु किले 20 किमी के बीच स्थित हैं। शेरा राजवंश के दौरान बनवाए गए ये दो किले बहुत प्राचीन हैं। इन्‍हें इस्‍लामिक शैली में बनवाया गया था और इन पर संस्‍कृत में शिलालेख लिखे हैं। इनमें से एक किला पहाड़ी पर स्थित है जबकि दूसरा मैदान में है।

नदियां सोने में बदल जाती हैं

नदियां सोने में बदल जाती हैं

अगर आप कार से मंगोलिया प्‍वाइंट से नेतारहट हिल्‍स तक लॉन्‍ग ड्राइव पर जाते हैं तो आप इस सफर में कोएल नदी को सूर्यास्‍त के दौरान सोने में तब्‍दील होते हुए देख सकते हैं। जब सूरज डूबता है तो ये पूरी नदी सोने की तरह चमकने लगती है। एक ब्रिटिश लड़की की यहां मौत हो गई थी जिसके बाद इसे सनसैट प्‍वाइंट का नाम दिया गया। बिहार के दक्षिणी हिस्‍से में पूर्वोत्तर भारत का राज्‍य है झारखंड जहां पर कई संस्‍कृतियों का मेल देखने को मिलता है। देश की कुल शुद्ध खनिज संपदा, जंगलों और औद्योगिक केंद्रों का कुल 40 प्रतिशत हिस्‍सा झारखंड में ही है।

हालांकि, इतनी संपन्‍नता होने के बाद भी झारखंड में गरीबी, भ्रष्‍टाचार, सामाजिक अन्‍याय, माओवादी और नक्‍सलवादियों का बसेरा है। अगर आप झारखंड की यात्रा पर जाएं तो हमें अपने अनुभव के बारे में जरूर बताएं। साथ ही अगर आप इस क्षेत्र के बारे में कुछ जानना या पूछना चाहते हैं तो नीचे कमेंट करें।

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