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रवींद्रनाथ टैगोर के इस स्थल की खूबसूरती से अनजान हैं लोग

भारतीय कला और साहित्य का राष्ट्रीय निर्माण में एक बड़ा योगदान रहा है। साहित्य से जुड़े लेखक और रचनाकारों ने भारत की प्रतिष्ठा विश्व पटल पर हमेशा बनाकर रखी है। अगर बात बंगाल की कि जाए तो इस राज्य ने भी देश को बड़े साहित्यकार दिए हैं, जिनमें रवींद्रनाथ टैगोर का नाम अग्रणी है।

नोबेल पुरस्कार से सम्मानित रवींद्रनाथ टैगोर के कथन और उनकी रचनाएं हमेशा से ही कला प्रेमियों के लिए प्रेरणास्रोत रही हैं। आज इस खास लेख में हम भारत के बौद्धिक चिंतक के उस खास स्थल के बारे में बताने जा रहैं हैं, जो उनके जीवन से हमेशा जुड़ा रहा। हम बात कर रहे हैं पश्चिम बंगाल स्थित शांतिनिकेतन की, जो देश-विदेश के कला-प्रेमियों का पसंदीदा स्थल माना जाता है।

शांतिनिकेतन अपने विश्व भारती विश्वविद्यालय के लिए जाना जाता है, जहां विश्व के कोने-कोने से छात्र अध्ययन करने के लिए आते हैं। अगर आप कला और इतिहास के प्रेमी हैं, तो आपको यहां एकबार जरूर आना चाहिए। इस लेख के माध्यम से जानिए शांतिनिकेतन के उन खास स्थलों के बारे में जिन्हें देखने के लिए दुनिया भर से लोग आते हैं।  

टैगोर हाउस

टैगोर हाउस

PC- Tagore House

टैगोर हाउस शांतिनिकेतन का वो खास स्थल है जहां रवींद्रनाथ अपना ज्यादा समय बिताया करते थे। इस भवन का निर्माण टैगोर के पिता ने बंगाली शैली में कराया था। एक बड़े क्षेत्र में भवन परिसर देखने में बहुत ही आकर्षक है।

इसके अंदर कई कमरे हैं जहां आप विभिन्न कलाकृतियों को देख सकते हैं। यहां आकर आप उस महान लेखक की जीवनशैली को महसूस कर सकते हैं। कला और इतिहास प्रेमियों के लिए यह एक खास जगह है।

अमर कुटीर

अमर कुटीर

PC- Biswarup Ganguly

अमर कुटीर भी शांतिनिकेतन के खास दर्शनीय स्थलों में गिना जाता है, जहां आप पारंपरिक शैली से बनाएं गए उत्पादों को खरीद सकते हैं। रंग-बिरंगे हथकरघा उत्पादों, कपड़ों से बने साज-सज्जा के सामान क्रय कर सकते हैं। यह एक संग्रहालय भी है जहां शिल्पकलाओं को प्रदर्शित किया गया है।

माना जाता है कि यह भारत स्वतंत्रता संग्राम के कई संगठनों से भी जुड़ा हुआ था। आप यहां बंगाली संस्कृति और पारंपरिक उत्पादों को देख सकते हैं। यह एक खास जगह है जहां आपको जरूर आना चाहिए।

कला भवन

कला भवन

PC- Saptarshi Sanyal

कला भवन भी गिनती शांतिनिकेतन के सबसे खास भवनों में होती है, जो इस सांस्कृतिक धरोहर का प्रतिनिधित्व करते हैं। यह विश्व भारती शिक्षा संस्थान है जिसकी स्थापना रवींद्रनाथ टैगोर ने की थी। यहां कला क्षेत्र के विद्यार्थियों को शिक्षित किया जाता है।

कला भवन दूर से ही देखने अद्भुत लगता है, प्रवेश द्वार के साथ बाहरी दीवार पर बनाई गई कलाकृतियां इसके महत्व को भली भांति चित्रित करती है। विश्व भारती का कला भवन पूरे विश्व भर में जाना जाता है। इसलिए यहां पर्यटकों का आना जाना लगा रहता है।

छातीमताला

छातीमताला

PC- Biswarup Ganguly

छातीमताला भी शांतिनिकेतन के मुख्य स्थलों में गिना जाता है। यह स्थल देवेंद्रनाथ टैगोर द्वारा कला, ध्यान और अन्य गतिविधियों के लिए बनाया गया था। शांतिनिकेतन घूमने आए सैलानी यहां आना पसंद करते हैं। हरा-भरा यहां का परिवेश अपार मानसिक शांति का अनुभव कराता है।

यहां आकर आप कुछ देश एकांत समय बीता सकते हैं। छातीमताला हरे-भरे पेड़ों से भरा है। टैगोर से जुड़ा यह स्थल काफी खास अनुभव कराता है।

रवींद्र भारती म्यूजियम

रवींद्र भारती म्यूजियम

PC- Biswarup Ganguly

उपरोक्त स्थलों के अलावा आप यहां के रवींद्र भारती म्यूजियम की सैर का प्लान बना सकते है। यह एक खास जगह है जहां रविंद्रनाथ टैगोर से जुड़ी कला-रचनाओं का बड़ा संग्रह मौजूद है। यहां आपको वो साहित्यिक रचनाओं से लेकर पांडुलिपियां भी मिलेंगी। बंगाली संस्कृति और टैगोर को रचनाओं को समझने के लिए आप यहां की यात्रा कर सकते हैं।

कला-प्रेमियों के लिए इस से बढ़कर खास स्थल और कोई नहीं हो सकता। यह म्यूजियम ने कई सालों से अमुल्य सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहर को संभालकर रखा है।

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