मुंबई-नागपुर एक्सप्रेसवे (Mumbai-Nagpur Expressway), इसके पूरे होने का इंतजार लंबे समय से किया जा रहा था। महाराष्ट्र में सड़क मार्ग से यात्रा को एक नया आयाम देने वाले इस एक्सप्रेसवे का नाम 'हिंदु हृदय सम्राट बालासाहेब ठाकरे महाराष्ट्र समृद्धि महामार्ग' रखा गया है। इस एक्सप्रेसवे का निर्माण अब लगभग पूरा होने वाला है। मीडिया रिपोर्ट की मानें तो इसे अगले महीने से आम लोगों के लिए खोल दिया जाएगा।
बताया जाता है कि इस एक्सप्रेसवे के शुरू होने के बाद मुंबई से नागपुर के बीच आने-जाने में लगने वाला समय घटकर लगभग आधा हो जाएगा।

पीएम मोदी का है सपना
मुंबई-नागपुर एक्सप्रेसवे को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ड्रीम प्रोजेक्ट माना जाता है, जो महाराष्ट्र में यातायात संपर्क बढ़ाने के साथ ही इसके आर्थिक विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाला है। इस एक्सप्रेसवे का नागपुर से नासिक के इगतपुरी तक के 625 किमी लंबे रास्ते का इस्तेमाल यातायात के लिए किया जाता है।
अब जल्द ही इस एक्सप्रेसवे को पूरी तरह से खोल दिया जाएगा। बताया जाता है कि इस एक्सप्रेसवे के पूरी तरह से खुलने के बाद आर्थिक रूप से महाराष्ट्र को न सिर्फ फायदा मिलेगा बल्कि यह स्थानीय लोगों के लिए भी बड़ा ही लाभदायक साबित होने वाला है।
आधे समय में पूरा करें रास्ता
वर्तमान समय में नागपुर से मुंबई तक सड़क मार्ग से आने-जाने में लगभग 16 घंटों का समय लग जाता है। लेकिन इस एक्सप्रेसवे के शुरू हो जाने के बाद इस दूरी को तय करने में लगने वाला समय आधा हो जाएगा। यानी नागपुर-मुंबई एक्सप्रेसवे के शुरू होने के बाद इन दोनों शहरों के बीच आने-जाने में मात्र 8 घंटे का समय लगेगा।
बताया जाता है कि नागपुर-मुंबई एक्सप्रेसवे का निर्माण अपने अंतिम चरम में है। एक बार पूरा निर्माण हो जाने के बाद 701 किमी लंबे इस एक्सप्रेसवे को आम लोगों के लिए खोल दिया जाएगा।
क्या है इसकी विशेषताएं और कब खुलेगी?
दावा किया जा रहा है कि नागपुर-मुंबई एक्सप्रेसवे कई इंजीनियरिंग कार्यों में काफी उन्नत है।
- इस एक्सप्रेसवे का 13.3 किमी लंबा रोड पुणे-मुंबई एक्सप्रेसवे के हिस्से के बगल से गुजर रहा है।
- नागपुर-मुंबई एक्सप्रेसवे पर 2 केबल ब्रिज, 1.7 किमी लंबी सुरंग, 8.9 किमी लंबा रास्ता ऊंची-नीची सड़क से होकर गुजरता है।
- इस एक्सप्रेसवे को बनाने की कुल लागत करीब ₹6,595 करोड़ होगी।
- पूरे एक्सप्रेसवे पर यात्रियों की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए आपातकालिन मेडिकल सेवाएं और इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) भी लगाया गया है।
- लोनावाला के घाट वाले हिस्सों से गुजरते समय यह एक्सप्रेसवे 'जीरो फैटलिटी कॉरिडोर' यानी जीरो दुर्घटना कॉरिडोर बनाया गया है।
संभावना जतायी जा रही है कि नागपुर-मुंबई एक्सप्रेसवे को फरवरी 2025 तक आम नागरिकों के लिए पूरी तरह से खोल दिया जाएगा। हालांकि न तो इसकी अभी तक आधिकारिक रूप से घोषणा की गयी है और न ही अगले महीने इसका उद्घाटन कब होगा, इस बाबत कोई जानकारी दी गयी है।



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