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वो नीमच जो कभी था छावनियों का शहर, वहां क्या क्या है एक टूरिस्ट द्वारा देखने लायक

By Syedbelal

टूरिज्म के शौकीनों के लिए मध्य प्रदेश किसी मक्के और काशी से कम नहीं है। चाहे मंदिर हों ,वन्यजीवन, ऐतिहासिक स्मारक या फिर प्राकृतिक सुंदरता मध्य प्रदेश ने हमेशा ही देश के अलावा दुनिया भर के पर्यटन के दीवानों को अपनी तरफ आकर्षित किया है। या दूसरे शब्दों में कहा जा सकता है कि बिना मध्य प्रदेश की कल्पना के भारत में पर्यटन की बात अधूरी है। इन्हीं बातों के मद्देनजर आज हम आपको अवगत कराने जा रहे हैं मध्य प्रदेश के एक ऐसे डेस्टिनेशन से जिसे छावनियों का शहर कहा जाता है।

जी हां, हम बात कर रहे हैं मध्य प्रदेश के बेहद खूबसूरत शहर नीमच की। नीमच, 30 जून 1998 में निर्मित एक जिला है जो पहले मध्यप्रदेश के मंदसौश्री र जिले का भाग था। ज्ञात हो कि ब्रिटिश शासन के दौरान नीमच को एक छावनी शहर जिसे नार्थ इंडिया माउंटेड आर्टिलरी एंड केवेलरी हेडक्वार्टर (एनआईएम्एसीएच) के नाम से जाना जाता था।
नीमच पर्यटन के दौरान आप नीमच एवं इसके आसपास स्थित विभिन्न स्थलों का आनंद उठा सकते हैं।

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नीमच के आसपास कुछ बेहद रंगीन बाज़ार हैं। सुखानंदजी आश्रम, नवा तोरण मंदिर, गांधी सागर बाँध(डैम), गांधी सागर अभयारण्य, भद्वमाता मंदिर आदि पर्यटकों द्वारा देखने योग्य स्थल हैं। नीमच में पर्यटकों के देखने के लिए बहुत कुछ है अत: मध्यप्रदेश में पर्यटन के लिए यह एक प्राथमिक स्थल के रूप में उभर रहा है। तो अब देर किस बात की आइये जानें कि नीमच की यात्रा पर आपको क्या क्या जरूर देखना चाहिए।

गांधी सागर बाँध

गांधी सागर बाँध

गांधी सागर बाँध मध्यप्रदेश में नीमच के पास मंदसौर जिले में स्थित है। यह प्रदेश का महत्वपूर्ण पर्यटन स्थल है। चंबल नदी पर बने हुए इस भव्य बाँध की नींव का पत्थर 7 मार्च 1954 को तत्कालीन प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू द्वारा रखा गया था। भारत का दूसरा सबसे बड़ा जलाशय होने के साथ गांधी सागर बाँध हज़ारों प्रवासी पक्षियों को आश्रय प्रदान करता है और इसी कारण अंतर्राष्ट्रीय बर्ड लाइफ एजेंसी द्वारा इस जलाशय को प्रमाणित किया गया है। यह बाँध 204 फीट उंचा है और 514 फीट लंबा है। इसके दाहिने किनारे पर एक भव्य हाइड्रो इलेक्ट्रिक पॉवर स्टेशन है।
फोटो कर्टसी - LRBurdak

गांधी सागर अभयारण्य

गांधी सागर अभयारण्य

गांधी सागर अभयारण्य प्रकृति का जादू देखने के लिए और खोज करने के लिए एक अभूतपूर्व स्थल है। यह मध्यप्रदेश में नीमच और मंदसौर जिले की उत्तरी सीमा पर स्थित है। गांधी सागर अभयारण्य 1974 में अधिसूचित किया गया था एवं 1983 में सरकार ने इसमें और क्षेत्र सम्मिलित कर दिया। गांधी सागर अभयारण्य का कुल क्षेत्रफल 368.62 वर्ग किलोमीटर से भी अधिक है। पर्यटक इस अभयारण्य में आकर कुछ समय शांतिपूर्वक व्यतीत कर सकते हैं। यह अभयारण्य राजस्थान राज्य से लगा हुआ है। चंबल नदी सोने पर सुहागे का काम करती है जो अभयारण्य के मध्य में से गुजरती है और इसे दो हिस्सों में बांटती है।
फोटो कर्टसी - Tambako The Jaguar

नवा तोरण मंदिर

नवा तोरण मंदिर

नीमच का नवा तोरण मंदिर खोर गाँव में स्थित है। इस सुंदर मंदिर का निर्माण ग्यारहवीं शताब्दी में किया गया था। नवा तोरण मंदिर आँखों को आकर्षक लगने वाली सुंदरता का एक प्रतीक है जिसे सजावटी मेहराबों द्वारा प्रदर्शित किया गया है। ये मेहराबें लंबाई और चौड़ाई में दो पंक्तियों में सुसज्जित हैं जो केंद्र में एक दूसरे को काटती हैं। मंदिर की छत खंभों की एक जोड़ी पर टिकी हुई है जिसे स्पष्ट रूप से हॉल एवं पोर्च में देखा जा सकता है। इस मंदिर का मुख्य आकर्षण इसके केंद्र में स्थित वराह की मूर्ती है।
फोटो कर्टसी - LRBurdak

सुखानंदजी आश्रम

सुखानंदजी आश्रम

सुखानंदजी आश्रम नीमच से लगभग 32 किमी दूर राजस्थान की सीमा पर स्थित है। यह आश्रम एक प्राचीन चट्टानी गुफा में है। ऐसा विश्वास है कि इस परिसर में भगवान् शिव को समर्पित एक मंदिर है। इसके अलावा यह आश्रम आसपास के मनोरम प्राकृतिक दृश्यों के लिए भी जाना जाता है। इस आश्रम के स्थापक सुक हैं जो व्यासदेव के पुत्र थे। इस आश्रम में प्रत्येक वर्ष दो मेले भी आयोजित किये जाते हैं जो इस स्थान का मुख्य आकर्षण है। एक मेला हरियाली अमावस्या को और दूसरा बैसाख पूर्णिमा को आयोजित किया जाता है। इन दोनों मेलों के कारण भी नीमच के पर्यटन में वृद्धि हुई है।
फोटो कर्टसी - LRBurdak

श्री किलेश्वर महादेव मंदिर

श्री किलेश्वर महादेव मंदिर

जब भी कभी आप नीमच आ रहे हों तो यहाँ मौजूद श्री किलेश्वर महादेव मंदिर का दर्शन करना बिलकुल न भूलें। ये मंदिर भगवान शिव को समर्पित है। आपको बताते चलें कि यहां महा शिवरात्रि और सावन के दौरान यहां भक्तों की काफी भीड़ रहती है। गौरतलब है कि ये स्थान पिकनिक के लिए एक आदर्श गंतव्य है।
फोटो कर्टसी - Natesh Ramasamy

 कैसे जाएं नीमच

कैसे जाएं नीमच

फ्लाइट द्वारा - नीमच के सबसे नजदीक हां हवाईअड्डा उदयपुर, राजस्थान में स्थित है जो नीमच से लगभग 75 किमी दूर है। यात्री उदयपुर हवाईअड्डे से टैक्सी द्वारा नीमच पहुँच सकते हैं। उदयपुर से नीमच जाने के लिए बसें भी उपलब्ध हैं जो यात्रियों के लिए एक सुविधाजनक विकल्प हो सकता है।

रेल द्वारा - नीमच में रेलवे स्टेशन है जहाँ रेलगाड़ियों की आवाजाही अच्छी है। नीमच कई रेलगाड़ियों द्वारा प्रदेश के अन्य शहरों से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है। नीमच रेलवे स्टेशन से यात्रियों के लिए टैक्सीयां उपलब्ध हैं।

सड़क मार्ग द्वारा - प्रदेश के सभी मुख्य शहर एवं पड़ोसी शहर जैसे कि उदयपुर सडक द्वारा नीमच से अच्छी तरह जुड़े हुए हैं। प्रदेश के अन्य भागों से नीमच आने के लिए यात्रियों हेतु हर समय बसें उपलब्ध हैं। नीमच में सडक परिवहन के लिए टैक्सी भी एक अच्छा विकल्प हो सकता है।
फोटो कर्टसी - Varun Shiv Kapur

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