अयोध्या में राम-मंदिर के उद्घाटन से ठीक 5 दिन पहले ओडिशा के पूरी में स्थित जगन्नाथ मंदिर की हेरिटेज कॉरिडोर का उद्घाटन किया जाएगा। इसे श्रीमंदिर परिक्रमा प्रकल्प (परियोजना) के नाम से जाना जाता है। बता दें, ओडिशा का जगन्नाथ पूरी मंदिर बड़ा 4 धाम यात्रा में शामिल है। हर व्यक्ति को जीवन में एक बार इस मंदिर में अवश्य दर्शन करने की सलाह दी जाती है।

मंदिर में भगवान जगन्नाथ की पूजा उनके बड़े भाई बलराम और छोटी बहन सुभद्रा के साथ होती है।
जगन्नाथ मंदिर के हेरिटेज कॉरिडोर का उद्घाटन ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक 17 जनवरी 2024 को करेंगे। मिली जानकारी के अनुसार इस परियोजना के तहत मंदिर में कोई भी परिवर्तन नहीं किया गया है बल्कि मंदिर के चारों तरफ के 75 मीटर के दायरे को विकसित किया गया है। इस परिक्रमा परियोजना का उद्घाटन समारोह 15 जनवरी से ही शुरू हो चुका है।
लेकिन मुख्य उद्घाटन कार्यक्रम 17 जनवरी को होगा, जिस दिन मुख्यमंत्री जगन्नाथ मंदिर के हेरिटेज कॉरिडोर को आम भक्तों के लिए खोल देंगे। बताया जाता है कि 20वीं शताब्दी में निर्मित इस मंदिर के विकास कार्य और हेरिटेज कॉरिडोर के निर्माण में करीब 943 करोड़ रूपए का खर्च आया है।
क्या-क्या किये हैं विकास कार्य?
जगन्नाथ पूरी मंदिर में श्रीमंदिर परिक्रमा कॉरिडोर को तैयार करने का मुख्य उद्देश्य परिक्रमा के दौरान भक्तों को सुरक्षा प्रदान करना है। इसके साथ-साथ जिस समय भक्त श्रीमंदिर की परिक्रमा कर रहे हो उस समय उन्हें नीलचक्र और मंदिर का बिना किसी रुकावट के दर्शन मिले, इसे भी सुनिश्चित करना है। श्रीमंदिर परिक्रमा परियोजना में मंदिर के चारों तरफ चौकोर आकार में कॉरिडोर तैयार किया गया है।

पूरे कॉरिडोर को 9 ज़ोन में बांटा गया है। इसमें से 7 मीटर का ग्रीन-बफ़र ज़ोन होगा। 10 मीटर का अंतर प्रदक्षिणा, 14 मीटर लैंडस्केप ज़ोन, 8 मीटर बाह्य प्रदक्षिणा, 10 मीटर में श्रद्धालुओं की विभिन्न सुविधाएं, 4.5 मीटर का सर्विस लेन, 4.5 मीटर का इमरजेंसी लेन, 7.5 मीटर का मिक्स्ड ट्रैफिक लेन, 7 मीटर का फुटपाथ होगा जिसमें पेड़ भी लगे रहेंगे। इसमें एक बार में कतारबद्ध होकर करीब 6000 भक्त परिक्रमा कर सकेंगे।
इसके अलावा लगभग 4000 श्रद्धालुओं के बैग को रखने के लिए क्लॉक रूम, मंदिर की सुरक्षा के बैगों की जांच करना, पेयजल की उपलब्धता, रेस्टरूम, हाथ-पैर धोने की सुविधा, विभिन्न प्रकार की जानकारी प्राप्त करने और दान करने के लिए कियॉस्क, मल्टी-लेवल कार पार्किंग और आपातकाल के लिए समर्पित एक अलग व्हीकल लेन बनाना आदि शामिल है।
4 द्वारों पर होगा 4 वेदों का पाठ

मीडिया रिपोर्ट्स से मिली जानकारी के अनुसार 15 से 17 जनवरी तक जगन्नाथ मंदिर के चारों द्वारों पर वेदों का पाठ किया जाएगा। पूर्वी द्वार पर ऋग्वेद, दक्षिण द्वार पर यजुर्वेद, पश्चिमी द्वार पर सामवेद और उत्तरी द्वार पर अथर्वेद का पाठ किया जा रहा है। मंदिर से करीब 3 किमी लंबी सड़क को विभिन्न रंगों की रंगोली से सजाया गया है, जो जगन्नाथ मंदिर को उनके मौसी के घर से जोड़ता है। जगन्नाथ मंदिर परिसर के अंदर व बाहर मौजूद सभी मंदिरों को लाइट्स से सजाया गया है।
कौन-कौन होंगे अतिथि?

मिली जानकारी के अनुसार पूरी के श्रीमंदिर परिक्रमा प्रकल्प के उद्घाटन समारोह में शामिल होने के लिए ओडिशा के 857 मंदिरों को आमंत्रित किया गया है। इसके अलावा देशभर के करीब 180 मंदिरों जैसे वैष्णो देवी, कामाख्या मंदिर और शिरडी के साईं मंदिर को भी इस तीन दिवसीय उद्घाटन समारोह में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया है। चार धाम में से बाकी के 3 धाम और नेपाल के राजा को भी इस समारोह में शामिल होने का न्यौता भेजा गया है। सिर्फ देश ही नहीं बल्कि विदेशों में भी प्रसिद्ध हिंदू मंदिरों को इस समारोह में शामिल होने का आमंत्रण भेजा गया है।



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