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एडवेंचर से भरपूर लेह के इन खजानों को भी घूमना ना भूलें

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जिस तरह युवायों और कॉलेज के स्टूडेंट्स की हॉलीडेज की लिस्ट में गोवा शामिल होता है, ठीक वैसे ही अब लेह लद्दाख भी युवायों को अपनी ओर खूब आकर्षित कर रहा है। अगर आप दिलेरी और रोमांच को दिल से एन्जॉय करना जानते हैं, तो ये जगह खास आपके लिए ही है।

फिल्म 3 इडियट्स में का क्लाइमेक्स लेह-लद्दाख की पैंगोंग झील के किनारे ही फिल्माया गया था, और फिल्म के बाद से ही इस जगह की लोकप्रियता लोगो के बीच बढ़ती ही चली गयी। आज  लोगो के बीच लेह-लद्दाख खासा लोकप्रिय है, और लोग यहां एडवेंचर भी कर सकते हैं।

इस जगह की एक खास बात है, आप यहां की यात्रा कितनी ही बार क्यों ना कर लें, जब भी आप यहां पहुंचेगे तो आप बार बार इस जगह से प्यार करने पर मजबूर हो जायेंगे। जैसा की मैंने बताया कि, अब यह पर्यटकों के बीच खासा लोकप्रिय है, और यहां हमेशा ही पर्यटकों का जमावड़ा लगा रहता है, ऐसे में अगर आप सुकून और शांति की तलाश में हैं, तो लेह में कई ऐसी जगहें हैं, जहां आप सुकून के साथ इस जगह को जान सकेंगे।

डंकी सेंचुरी

डंकी सेंचुरी

यकीनन आपने अभी तक लायन सेंचुरी, बर्ड सेंचुरी सुनी होगी, लेकिन ये सेंचुरी ख़ास गधों के लिए हैं,जिसकी स्थपाना दक्षिण भारतीय पर्यटक ने की है। इसमे उन गधों की देखभाल की जाती है, जिन्हें उनके मालिकों द्वारा बुरी अवस्था में छोड़ दिया जाता है। यहां इन गधों की सेवा की जाती है, इन्हें पर्याप्त मात्र में खाना और दवाई मुहैया करायी जाती है।

 रॉक म्यूजियम

रॉक म्यूजियम

अगर आपको विभिन्न प्रकार के पत्थर देखने का शौक है , तो यह जगह आप ही के लिए है, संकरा गोम्प के नजदीक स्थित इस संग्रहालय में लद्दाख और अन्य हिमालय क्षेत्र से विभिन्न प्रकार के पत्थर एकत्रित किये गये हैं। यहां आप नार्मल से बहुमूल्य पत्थरों को देख सकते हैं। इसके अलावा इस संग्रहालय में डायनासुर के अंडे, वोल्किनिक बम, आदि भी देख सकते हैं ।

लेह महल

लेह महल

भारत के अन्य महलों से बिल्कुल अलग व साधारण, लेह महल अपनी एक अलग चमक के साथ लोगों को अपनी ओर आकर्षित करता है। यह तिब्बत में स्थित ल्हासा के प्रसिद्ध पोटाला महल का लघु-संस्करण माना जाता है। लेह महल को राजा सेंग्गे नामग्याल द्वारा 17 वीं शताब्दी में बनवाया गया था। इस महल में नौ मंजिलों का निर्माण किया गया, जिनमें से सबसे ऊपर वाले मंज़िल में शाही परिवार निवास करता था और बाकि के नीचे वाले मंज़िलों में अन्य कमरे जैसे की अस्तबल, स्टोर रूम, रसोई घर आदि वगैरह हुआ करते थे।महल का संरक्षण भारतीय पुरातात्विक सर्वेक्षण द्वारा किया जा रहा है। यह महल आम यात्रियों के लिए खुला हुआ है और इस महल के छत से साफ़-साफ़ लेह और उसके चारों ओर का अद्भुत व मनोरम दृश्य नज़र आता है।Pc:Karunakar Rayke

जोरावर सिंह किला

जोरावर सिंह किला

जनरल ज़ोरावर का किला, लेह महल और नामग्याल त्समो के गोम्पा के ऊपर स्थित है। इस प्रागैतिहासिक स्मारक को रियासी किले के रूप में भी जाना जाता है, कभी जम्मू में डोगरा शासकों की दौलत को रखा जाता था हालाँकि यह वर्तमान में बहुत खराब हालत में है। पुरातत्व, प्रागैतिहासिक संस्कृति, और कलाकृतियों में रुचि रखने वाले व्यक्तियों के लिए, चेन्नाव नदी के पास स्थित यह किला आकर्षण का केंद्र है। किले के अन्दर एक मस्ज़िद, एक प्राकृतिक जल-स्त्रोत एवं हिंदू देवी दुर्गा और काली को समर्पित एक मंदिर है।Pc:Deeptrivia

सेंट्रल एशियन म्यूजियम

सेंट्रल एशियन म्यूजियम

लेह के मध्य एशियाई संग्रहालय ने लद्दाख के इतिहास और विरासत के महत्वपूर्ण पहलुओं को को दर्शाता है। इस संग्रहालय में एक शानदार संग्रह है जो लद्दाख की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को बताता है, साथ ही यहां की कलाकृतियों के माध्यम से, और आंतरिक रूप से भी लेह के इतिहास को दर्शाया गया है।

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