मध्यप्रदेश के रायसेन जिले में स्थित भीमबेटका की गुफाओं को मानव सभ्यता के विकास के प्रारंभिक चरण का स्थान माना जाता है। ये गुफाएं लगभग 30,000 साल पुरानी बतायी जाती हैं। भीमबेटका ऐसा स्थान है जहां आदि मानवों ने अपनी अगली पीढ़ी के लिए दिवारों पर संदेश लिखा करते थे। इस स्थान का संबंध महाभारत से भी है।

आइए आपको भीमबेटका की गुफाओं के बारे में बताते हैं
कहां है भीमबेटका की गुफाएं

भीमबेटका की गुफाएं मध्य प्रदेश के रायसेन जिले में स्थित है। भोपाल से 45 किमी की दूरी पर स्थित भीमबेटका की गुफाओं में मानव सभ्यता के प्रारंभिक काल के विकास से संबंधित निशान मिले हैं। ये गुफाएं विन्ध्याचल की पहाड़ के निचले छोर पर स्थित हैं। भीमबेटका की गुफाएं अपनी रॉक पेंटिंग्स के लिए प्रसिद्ध है। यानी इन गुफाओं की दिवारों पर सैंकड़ों की तादाद में शैलचित्र बनाएं गये हैं, जिन्हें हमारे पूर्वजों ने 30,000 साल पहले अपनी अगली पीढ़ी तक संदेश पहुंचाने के लिए बनाया था।
हजारों साल पहले के जीवन को दर्शाती हैं शैलचित्र

भीमबेटका की गुफाओं में बनाएं गये रॉक पेंटिंग्स हजारों साल पहले की आदि मानवों के जीवन को दर्शाती है। यहां लगभग 750 रॉक पेंटिंग्स मिले हैं जिनमें मुख्यतः नृत्य, संगीत, आखेट (शिकार), घोड़ों और हाथियों की सवारी, आभूषणों को सजाने, शहद जमा करने, बाघ, शेर, जंगली सुअर, हाथियों, कुत्तों और घड़ियालों जैसे जानवरों के चित्र पाए गये हैं।
सबसे पहले कौन पहुंचा था

भीमबेटका की गुफाओं की खोज वर्ष 1957-58 में डॉ. विष्णु श्रीधर वाकणकर द्वारा की गयी थी। आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया के भोपाल मंडल ने साल 1999 में भीमबेटका को राष्ट्रीय महत्व का स्थल घोषित किया। 2003 में यूनेस्को ने इसे वर्ल्ड हेरिटेज लिस्ट में शामिल किया है। भीमबेटका की गुफाओं से ही पता चलता है कि महिलाओं में श्रृंगार की परंपरा भी यहीं से शुरू हुई थी। हालांकि यहां लगभग 750 रॉक पेंटिंग मिले हैं लेकिन आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया ने 15 चित्रों को ही चिन्हित किया है।
महाभारत से है संबंधित

भीमबेटका का संबंध महाभारत से भी माना जाता है। लोककथाओं के अनुसार अज्ञातवास के समय पांडव मध्य प्रदेश आए थे और उन्होंने कुछ दिनों तक इन गुफाओं में निवास किया था। उस समय भीम पहरेदारी किया करते थे। इसलिए इस जगह को 'भीमबैठका' के नाम से जाना जाता था। कालांतर में इस स्थान का नाम भीमबेटका पड़ गया। हालांकि 1957 में पता चला कि यहां महाभारत से भी पहले लगभग 30,000 साल पुराना मानव जाति का मुहल्ला हुआ करता था, जो मध्यपाषाण युग का माना जाता है।
कैसे पहुंचे भीमबेटका

भीमबेटका सड़क मार्ग से देश के प्रमुख शहरों से जुड़ा हुआ है। इसलिए प्राईवेट गाड़ियों से भीमबेटका पहुंचने में कोई समस्या नहीं होगी। भीमबेटका का सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन भोपाल है। भोपाल स्टेशन से भीमबेटका की दूरी 37 किमी की है। रेलवे स्टेशन के बाहर से आपको भीमबेटका के लिए आसानी से टैक्सी या प्राईवेट गाड़ियां मिल जाएंगी।
अगर आप विमान से आते हैं तो भीमबेटका का सबसे नजदीकी एयरपोर्ट राजा भोज एयरपोर्ट, भोपाल है। एयरपोर्ट से भीमबेटका की गुफाओं की दूरी लगभग 45 किमी है। एयरपोर्ट से भी आपको गुफाओं तक के लिए गाड़ियां मिल जाएंगी।



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