Search
  • Follow NativePlanet
Share
» »पंच केदार : जहां दर्शन मात्र से ही दूर हो जाते हैं सारे कष्ट

पंच केदार : जहां दर्शन मात्र से ही दूर हो जाते हैं सारे कष्ट

देवभूमि उत्तराखंड अपने धार्मिक स्थलों के लिए पूरे विश्व भर में प्रसिद्ध है। भारत का यह पहाड़ी राज्य शुरू से ही आस्था का बड़ा केंद्र रहा है। गंगोत्री, बद्रीनाथ, केदारनाथ ये कुछ ऐसे पौराणिक स्थल हैं जो इस राज्य को दैवीय रूप प्रदान करते हैं। यहां साल भर पर्यटकों और श्रद्धालुओं का आवागमन लगा रहता है। यहां के अधिकतक मंदिर दुर्गम पहाड़ी स्थलों पर मौजूद हैं, लेकिन फिर भी यहां भक्तों की सख्या में कोई कमी नहीं होती।

भक्त खतरनाक पहाड़ी रास्तों को पार कर इन धार्मिक स्थलों तक पहुंचते हैं। अपने पौराणिक-धार्मिक महत्व के कारण यहां स्थित भगवान शिव को समर्पित केदारनाथ का हिन्दू धर्म में एक विशेष महत्व है। जहां हर साल दूर-दूर से भक्त दर्शन के लिए पहुंचते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं केदारनाथ के अलावा भी 4 और केदार उत्तराखंड में मौजूद हैं, जिनका अपना अलग धार्मिक महत्व है। आइए जानते इन पंच केदारों के बारे में।

केदार में प्रथम, केदारनाथ

केदार में प्रथम, केदारनाथ

PC- Devajyoti Sarkar

उत्तराखंड के पंच केदारों में केदारनाथ का सर्वश्रेष्ठ स्थान है। भगवान शिव का यह स्थान राज्य के रूद्रप्रयाग जिले में है। हिमालय की गोद में बसा केदारनाथ बारह ज्योतिर्लिंगों में सम्मिलित है। यहां का रास्ता बड़ा ही खतरनाक माना जाता है। प्रतिकूल जलवायु की वजह से मंदिर के द्वार अप्रैल से नवंबर माह के मध्य ही खोले जाते हैं। पौराणिक किवदंतियों के अनुसार इस मंदिर का निर्माण कुरू वंश के राजा जनमेजय ने करवाया था।

यहां शिवलिंग स्वयं प्रकट हुए हैं। मंदिर की दैवीय शक्ति का इस तथ्य से पता चलता है कि 2013 में आई केदारनाथ आपदा के दौरान मंदिर का जरा सा भी नुकसान नहीं हुआ था।

मध्यमेश्वर

मध्यमेश्वर

PC- Bodhisattwa

अद्भुत : यहां भूत को चढ़ाया जाता है मिनरल वाटर और सिगरेट

तुंगनाथ

तुंगनाथ

PC- varunshiv

भगवान शिव को समर्पित तुंगनाथ का स्थान पंच केदार में तीसरा माना जाता हैं। यह दिव्य स्थान बद्रीनाथ रास्ते पर पड़ता है। तुंगनाथ में भगवान शिव की भुजा एक शिला के रूप में विराजमान है। पौराणिक किवदंतियों के अनुसार इस मंदिर का निर्माण पांडवों ने भोलेनाथ को प्रसन्न करने के लिए करवाया था।

अद्भुत : इस अनोखी अदालत में देवी-देवताओं को मिलती है सज़ा

रूद्रनाथ

रूद्रनाथ

PC- rolling on

रहस्य पड़ताल : पाताल से जुड़ा कुआं बना वैज्ञानिकों के लिए बड़ी चुनौती

भक्तों को यहां तक पहुंचने के लिए कई जगह खड़ी चढ़ाई पार करनी होती है। रूद्रनाथ पंहुचने का एक मार्ग हेलंग से भी होकर गुजरता है। यहां आने का सही समय गर्मी और वंसत है।

कल्पेश्वर

कल्पेश्वर

PC- rolling on

कल्पेश्वर का पंच केदार में पांचवा स्थान है। इस दिव्य स्थान पर महिष रूपधारी भगवान शिव की जटाओं का पूजा होती है। भगवान शिव का यह स्थान अलकनंदा पुल से करीब 6 मील की दूरी पर स्थित है। जहां तक रास्ता काफी दुर्गम है। कल्पेश्वर मंदिर समुद्र तल से लगभग 2134 की ऊंचाई पर स्थित है।

अद्भुत : यहां भूत को चढ़ाया जाता है मिनरल वाटर और सिगरेट

तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
Enable
x
Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X
We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Nativeplanet sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Nativeplanet website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more