बेतिया (पश्चिम चम्पारण) से राजधानी पटना के बीच लोगों का आना-जाना लगा रहता है। कभी किसी सरकारी काम तो कभी इलाज और डॉक्टर दिखाने के सिलसिले में लोगों को पटना जाना पड़ता है। कई बार व्यवसाय या घूमने-फिरने के लिए ही पटना वाले भी बेतिया का रुख करते हैं। ऐसे में इस रूट पर आने-जाने में अब तक आपको कम से कम 6 घंटे का समय लगता है।
वह भी तब जब पटना से बाहर निकलने में आपको जाम का सामना न करना पड़े। अगर महात्मा गांधी सेतु या पटना से बाहर निकलने के रास्ते पर लगी जाम में फंस गये तो 6 घंटा कब 8 घंटे या उससे भी ज्यादा समय में बदल जाए, कुछ कहा नहीं जा सकता है। लेकिन अब पटना से बेतिया के बीच की दूरी तय कर सकेंगे मात्र 2.5 घंटे में।

पटना से बेतिया के बीच बन रहा नया एक्सप्रेसवे दोनों शहरों के बीच की दूरी को तय करने में लगने वाले समय को आधा से भी कम कर देगा। 4 चरणों में पटना-बेतिया एक्सप्रेसवे का निर्माण किया जा रहा है। मीडिया रिपोर्ट की मानें तो पहले चरण का काम पूरा हो चुका है और दूसरे चरण के काम के लिए ठेकेदार का चुनाव भी हो चुका है।
अब बाकी है, तो बस आखिरी दो चरणों के लिए टेंडर निकालना और ठेकेदार का चयन करना। नेशनल हाईवेज अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) के अधिकारियों के हवाले से मीडिया रिपोर्ट में बताया गया है कि आखिरी दोनों चरणों का टेंडर आमंत्रित किया जा चुका है और जल्द ही टेंडर सौंपने का काम भी पूरा कर लिया जाएगा।
कितनी होगी लंबाई?
मिली जानकारी के अनुसार पटना से बेतिया की वर्तमान दूरी लगभग 204 किमी की है। इस एक्सप्रेसवे के बन जाने से यह दूरी घटकर मात्र 163.68 किमी की रह जाएगी। पटना से बेतिया आने-जाने में सामान्य समय में लगभग 6 घंटे का समय लग जाता है, वह भी तब जब रास्ते में कहीं भी जाम में नहीं मिलती है। लेकिन इस एक्सप्रेसवे के बन जाने से पटना से बेतिया तक आने-जाने में मात्र 2.5 घंटे का समय लगेगा। यानी इस दूरी को तय करने में लगने वाले समय में करीब 3.5 घंटे की बचत होगी। बताया जाता है कि यह एक्सप्रेसवे 4 लेन चौड़ा होगा।
क्या होगी रूट?
अब तक पटना से बेतिया जाने वाले लोगों को पटना से महात्मा गांधी सेतु या दीघा ब्रिज से होकर हाजीपुर-मुजफ्फरपुर-मोतिहारी होकर बेतिया जाते हैं। मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के मुताबिक यह एक्सप्रेसवे वैशाली जिले के बाकरपुर से शुरू होगा जो गंगा नदी पर बने दीघा ब्रिज (जे.पी. सेतु) की मदद से पटना से जुड़ेगा। इस एक्सप्रेसवे का 145 किमी का रास्ता ग्रीनफिल्ड कॉरिडोर होगा। पटना-बेतिया एक्सप्रेसवे का रूट बाकरपुर-मानिकपुर-साहेबगंज-अरेराज-बेतिया होगा, जो NH-139 (W) के साथ-साथ चलेगी।

कब तक बनकर होगा तैयार और चारों चरण?
जानकारी के अनुसार इस एक्सप्रेसवे का निर्माण 4 चरणों में किया जाएगा, जिसका पहला चरण अभी निर्माणाधीन है। बताया जाता है कि इस एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य वर्ष 2027 तक पूरा कर लिया जाएगा। पटना-बेतिया एक्सप्रेसवे के निर्माण के चारों चरणों की विस्तृत जानकारी आगे दी जा रही है -
i) वैशाली के बाकरपुर से मुजफ्फरपुर का मानिकपुर (38.81 किमी) - काम चल रहा है।
ii) मानिकपुर से साहेबगंज (44.65 किमी)
iii) साहेबगंज से अरेराज (39.64 किमी)
iv) अरेराज से बेतिया (40.58 किमी)
बता दें, इस एक्सप्रेसवे पर गंडक नदी और सारण जिले में इसकी सहायक नदियों पर 3 ब्रिज बनाए जाएंगे। इसके साथ ही 10 फ्लाईओवर और 108 अंडरपास भी बनेंगे ताकि ट्रैफिक का बहाव नियमित रखा जा सकें। एक्सप्रेसवे के साथ-साथ 70.77 किमी लंबी सर्विस रोड बनाई जाएगी, जिससे आसपास के इलाकों से इस एक्सप्रेसवे को जोड़ा जा सकें।
उम्मीद की जा रही है कि इस एक्सप्रेसवे के बन जाने से पटना व बेतिया के बीच लोगों की आवाजाही बढ़ेगी जिससे इन दोनों जिलों के साथ-साथ रूट में आने वाले सभी जिलों की आर्थिक उन्नति को सुनिश्चित किया जा सकेगा।



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