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ऐतिहासिक गौरव के अलावा अपने कण - कण में राजनीति समेटे हुए पटना में क्या देखें ट्रैवलर

Posted By: Staff

भारत के पूर्व में बसे बिहार का शुमार दुनिया के उन चुनिंदा स्थानों में है जिनका इतिहास बहुत पुराना है। ज्ञात कि जनसंख्या की दृष्टि से आज बिहार भारत का दूसरा सबसे बड़ा राज्य और भौगोलिक दृष्टि से बारहवां बड़ा राज्य है। अपने मठों मंदिरों और मस्जिदों के चलते विश्व मानचित्र पर अपनी एक ख़ास पहचान बना चुके बिहार में ऐसा बहुत कुछ है जो किसी को भी मोहित कर सकता है।

Read in English: Travel to Patna, The Capital of the Magadh Dynasty

तो इसी क्रम में आज हम अपने इस लेख के जरिये आपको अवगत करा रहे हैं बिहार के एक ऐसे डेस्टिनेशन से जिसका इतिहास बहुत पुराना है और जहां एक समय उच्च कोटि की शिक्षा हासिल करने के लिए देश दुनिया के लोग आते थे। जी हाँ, हम बात कर रहे हैं पटना की। पाटलिपुत्र यानी आधुनिक समय का पटना, भारत का एक प्राचीन शहर था जो बिहार की राजधानी है।

आपको बताते चलें कि पाटलिपुत्र ऐतिहासिक गौरव और राजनीतिक भाग्य का सदियों से परिणति रहा है। इसे दुनिया के सबसे पुराने शहरों में से एक होने का गौरव प्राप्त है और इतिहास में हमेशा से इसकी गौरवशाली उपस्थिति रही है। पाटलिपुत्र पवित्र गंगा नदी के दक्षिणी तट के पास स्थित है।

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अब यदि बात पटना में पर्यटन बिन्दुओं की हो तो आपको अवगत करा दें कि वर्तमान में पटना में ऐसा बहुत कुछ है जो किसी भी पर्यटक को मोहित करने के लिए काफी है। तो अब देर किस बात की आइये इस लेखे के माध्यम से जानें की पटना में ऐसा क्या है जो एक ट्रैवलर को अपनी यात्रा पर अवश्य देखना चाहिए।

महावीर मंदिर

महावीर मंदिर

भगवान हनुमान को समर्पितयह मंदिर पवित्र मंदिरों में से एक है। लाखों तीर्थयात्री इस मंदिर में आते हैं और महावीर मंदिर उत्तर भारत में सबसे अधिक दर्षन किए जाने के लिए दूसरे स्थान पर है। यह मंदिर 1947 में तब नोटिस किया गया जब विभाजन के बाद बड़ी संख्या में हिंदू शरणार्थी पटना आए थे। संकट मोचन की प्रतिमा भक्तों के दिल में एक विशेष स्थान रखती है। रामनवमी के पावन अवसर पर अनेक लोग इस मंदिर में आते हैं।

Photo Courtesy: Samtxneo

पटना संग्रहालय

पटना संग्रहालय

स्थानीय लोगों द्वारा प्यार से जादूघर कहलाने वाला पाटलिपुत्र या पटना संग्रहालय एक राज्य संग्रहालय है। संग्रहालय में प्रदर्षित कुछ बेशकीमती वस्तुओं में गौतम बुद्ध के अवशेष, 200 मिलियन साल पुराना पेड़ और दीदारगंज याक्षी की मूर्तियाँ हैं। यह संग्रहालय अपने आप में अनोखा अनुभव देता है साथ ही ये आपको पटना के वैभवशाली अतीत से भी अवगत कराता है।

Photo Courtesy: Photo Dharma

पाटन देवी मंदिर

पाटन देवी मंदिर

पाटन देवी मंदिर पटना में सबसे पवित्र मंदिरों में से एक है। यह मंदिर देवी दुर्गा का निवास स्थान माना जाता है। बड़ी पाटन देवी मंदिर गंगा नदी की ओर उत्तर दिषा में मुख किए हुए है। मंदिर में स्थित मूर्तियाँ काले पत्थर से बनी हुई हैं।बिना किसी जातिभेद के सभी भक्तों को मंदिर में आने की अनुमति है और मंगलवार के दिन विषेष पूजा होती है। छोटी पाटन देवी मंदिर पटना शहर के चैक क्षेत्र में स्थित है। पहले मंदिर को शहर के मुख्य इष्टदेव के रूप में माना जाता था, लेकिन समय के साथ इसे बड़ी पाटन देवी मंदिर के बाद दूसरे महत्वपूर्ण मंदिर का स्थान प्राप्त हो गया।

Photo Courtesy: Shivams707

पटना चिडि़याघर

पटना चिडि़याघर

पटना चिडि़याघर या संजय गांधी उद्यान बेली रोड के पास स्थित है। पटना चिडि़याघर लुप्तप्राय प्रजातियों का संक्षण देने के लिए उचित प्रयास करता है और इसने कैप्टिव ब्रीडिंग में काफी सफलता भी हासिल की है। वर्तमान में यह चिडि़याघर चीता, तेंदुआ, क्लाउडिड तेंदुआ, दरियाई घोड़ा, मगरमच्छ, हाथी, हिमालयी काला भालू की 110 प्रजातियों में 800 जानवरों यहाँ रहते हैं। यह चिडि़याघर एक बोटनिकल गार्डन था ओर इसलिए इसमें पेड़ों, जड़ी-बूटियों और झाडि़यों की 300 से अधिक प्रजातियाँ हैं। इस पार्क में एक एक्वेरियम भी है जिसमें मछलियों की 35 प्रजातियाँ हैं और एक साँपघर है जिसमें 5 प्रजातियों के 32 साँप हैं।

Photo Courtesy: Kabacchi

तख़्त श्री हरमंदिर साहिब

तख़्त श्री हरमंदिर साहिब

तख़्त श्री हरमंदिर साहिब या पाटलिपुत्र का गुरुद्वारा, सिखों के दसवें गुरु, गुरु गोबिंद सिंह जी की याद में बनाया गया था और इसे महाराजा रणजीत सिंह ने बनवाया था। निश्चित तौर पर यह गुरुद्वारा उत्तरी भारत में सिख धर्म की जड़ है। इसमें गुरु गोबिंद सिंह जी की कई निजी वस्तुएं रखी हुई हैं जैसे उनका सोने का पानी चढ़ा हुआ पालना(पंगूरा)। सिख्स धर्म का यह तीर्थ वास्तुकला में भी बेहतरीन है। इसके सौम्य सफेद गुंबद हैं और दिल थाम लेने वाले डिज़ाइन में बनी सीढि़याँ दर्शकों का मन मोह लेती हैं।

Photo Courtesy: $Pe(trUm

गोलघर

गोलघर

गोलघर अनाज भंडारण को पुर्नपरिभाषित करने का एक अभिनव प्रयास है। इसका निर्माण 1786 में भारी अकाल के मद्येनज़र किया गया और यह एक 29मी. लंबा अनाज भंडार है। अपने विशेष प्रकार की वास्तु प्रकृति के अलावा गोलघर गंगा के पीछे से पूरे शहर का सुंदर नज़ारा प्रस्तुत करता है। यह हर प्रकार से दिल थाम लेने वाला नज़ारा होता है।

Photo Courtesy: Andrew Moore

कुम्हरार

कुम्हरार

पटना शहर के मशहूर प्राचीन अवशेषों का स्थान, कुम्हरार पटना रेलवे स्टेशन से 5कि.मी. दूर है। एक विशाल मौर्य हॉल के अवशेषों के अलावा भव्यता और महिमा के अधिक अवशेष देखने को नहीं मिलते हैं। कुम्हरार में कुछ अन्य इमारतों के अवशेष प्राप्त होने पर पार्क और संग्रहालय संरक्षित रखे गए हैं।

Photo Courtesy: Manoj

कैसे जाएं पटना

कैसे जाएं पटना

फ्लाइट द्वारा - पटना का एक प्रतिबंधित हवाईअड्डा है जो बड़े शहरों से जुड़ा है। शहर में आने जाने के लिए टैक्सी आसानी से मिल जाती है और कार सर्विस भी उपलब्ध रहती है।

ट्रेन द्वारा - नई दिल्ली और कोलकाता के बीच में स्थित पाटलिपुत्र जंक्षन अच्छी तरह से जुड़ा है और इसके पाँच बड़े स्टेशन है।

सड़क मार्ग द्वारा - पटना हर मौसम में गाड़ी चलाने लायक सड़कों से जुड़ा है। अनेक बड़े हाइवे जैसे हाइवे नम्बर 19,30,31 और 83 पटना से जुड़े हैं। इसके अलावा, नियमित समयांतरालों पर लक्ज़री बसें चलती हैं।

Photo Courtesy: Eugene Kim

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