दमन और दीव कई पर्यटन स्थल और ऐतिहासिक धरोहरो में शामिल हैं। दमन और दीव पर्यटन इस क्षेत्र के रहस्यमय सौंदर्य और इसके समृद्ध इतिहास से परिचय कराता है। इस क्षेत्र में ज्यादातर स्मारक पुर्तगाल शासन के दौरान बनाए गए हैं। इन स्मारकों और ऐतिहासिक धरोहरों ने आज भी पुरानी दुनिया की खूबसूरती को संजोया हुआ है जो पर्यटकों को आकर्षित करती है।
तीन तरफ से समुद्र से घिरे दमन और दीव में कुछ बहुत ही भव्य समुद्री तटों का उपहार मिला हुआ है। समुद्री तटों पर अपनी चमचमाती रेत के साथ प्राकृतिक ढलानें पर्यटकों को आने का बुलावा देती प्रतीत होती हैं।
शॉपिंग के बगैर दमन और दीव की यात्रा अधूरी ही रहेगी। हस्तशिल्प और कलाकृतियों के तौर पर पर्यटक यहां से दमन और दीव की आकर्षक धरती की अपनी यात्रा की यादें अपने साथ घर ले जा सकते हैं। बड़े शॉपिंग सेंटर और एम्पोरियम शहर के बीच में हैं। लेकिन यदि मोल.भाव करने के शौकीन हैं तो पर्यटक इस क्षेत्र के स्थानीय बाजारों में जाकर भी वस्तुएं खरीद सकते हैं।
दमन और दीव आपको छुट्टियों में तरोताजा करने की पेशकश करता है। हर मौसम में हर एक के लिए उपयुक्त है दमन और दीव।
दमन और दीव का इतिहास करीब 2000 साल पुराना है। दीव का जिक्र तो महाभारत में भी मिलता है। 14 साल के वनवास के कुछ दिन पांडवों ने यहीं पर बिताए थे।

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दमन और दीव के बारे में
भारत में गुजरात के पास स्थित दमन और दीव देश का दूसरा सबसे छोटा केंद्र शासित प्रदेश है। दमन गुजरात तट पर स्थित है जबकि दीव काठियावाड़ प्रायद्वीप के दक्षिणी किनारे पर स्थित है।
यह द्वीप मुख्य भूमि से उत्तर में एक संकरी चैनल के ज़रिए जुड़ा है। दमन की जलवायु हल्की और नम है जबकि दीव का मौसम उमस भरा है। इसके कोई उप विभाजन नहीं है। दमन क्षेत्र एक कलेक्टर के प्रभार के तहत आता है जबकि दीव नागरिक प्रशासक के अधिकार में आता है।
दमन और दीव का इतिहास 13 वीं सदी तक जाता है जब यह क्षेत्र चैडा राजपूतों के हिस्से में था जिन्हें वघालाओं ने हराया और वघालाओं को 1330 में मुस्लिम शासकों ने हराया। अगले 200 सालों तक यहां मुस्लिम शासको का राज रहा। अंत में पुर्तगालियों ने 1534 में यहां कब्जा किया और अगले 450 सालों तक यहां राज किया। बाद में गुजरात के राजाओं ने ब्रिटिशों को यहां से बाहर करने की कई कोशिशें की, लेकिन नाकाम रहे। सन् 1559 में दमन पर आखिरकार गुजरात के शासकों का कब्जा हुआ।
दमन और दीव में देखने लायक जगहें
देवका बीच
यहां एक अम्युजमेंट पार्क (मनोरंजन उद्यान) है, जहां कई रंगबिरंगी फव्वारे लगे हैं। आसपास बहुत सुकून मिलता है।
मोती दमन किला
बड़ा-सा किला 16वीं सदी में बना हुआ है। बड़ी संख्या में पुर्तगाली किले में अपने परिवारों के साथ रहा करते थे।

Photo Coutesy: Viraat2000
नानी दमन
यहां एक प्राचीन चर्च और फिशिंग डॉक है। यहां का लाइटहाउस खूबसूरत समुद्री तट को और अद्भुत बनाता है।
दमनगंगा टूरिस्ट कॉम्प्लेक्स
इस कृत्रिम कॉम्प्लेक्स में कैफेटेरिया, कॉटेज, कॉन्फ्रेंस हॉल, हेल्थ क्लब आदि है, जो अपनी खूबसूरती, सुविधाओं और आकार की वजह से आपका मन मोह लेगा।
दीव का किला
दमन और दीव के पर्यटन केंद्रों में दीव का किला प्रमुख स्थान रखता है। तीन ओर समुद्र से घिरी यह संरचना शहरी जीवन पर हावी है। साथ ही समुद्र का भव्य नजारा प्रस्तुत करती है।

Photo Courtesy:Aditya Mahar
हिल्सा एक्वेरियम
हाल ही में बने हिल्सा एक्वेरियम में आकर्षक और रंगबिरंगी मछलियों का एक बेहतरीन कलेक्शन देखा जा सकता है।
जाम्पोर बीच
यह शांत समुद्री तट एक आदर्श स्थान है। आप सुस्ताते हुए ताड़ के पेड़ों की सुगबुगाहट को बहुत अच्छे से सुन सकते हैं।
बॉम जीजस का चर्च
यह चर्च 17वीं सदी में पुर्तगालियों ने बनाया था। शीशम की लकड़ी की कलाकृतियों की वजह से यह आज भी प्रभावी महसूस होता है।
नागोआ बीच
बुचरवाड़ा गांव में स्थित यह एक अर्द्ध-वृत्ताकार समुद्री तट है। आप यहां कई तरह की वाटर स्पोर्ट्स गतिविधियों में भाग ले सकते हैं।
गंगेश्वर मंदिर
समुद्री तट पर स्थित चट्टानों के बीच में बना है यह मंदिर। भगवान शिव यहां पांच लिंगों में विराजते हैं।



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