Search
  • Follow NativePlanet
Share
» »हाथियों की मस्ती देखनी है, तो चले आयें गवी

हाथियों की मस्ती देखनी है, तो चले आयें गवी

By Goldi

गवी केरल राज्य, भारत के पथानामथिट्टा जिले में प्रसिद्ध तीर्थ स्थान के समीप सबरीमाला के पास एक छोटा सा शहर है। जंगलों से घिरा हुआ गवी केरल में सबसे ज्यादा बारिश प्राप्त करता है,जिससे अक्सर सड़कों पर फिसलन बनी रहती है।

गवी केरल में एक ईको-टूरिस्ट का स्थान है, जो 'एलिस्टेयर इंटरनेशनल' के बाद व्यापक रूप से लोकप्रिय हो गया है। दुनिया की प्रशंसित पर्यटन प्रमुख ने इसे प्रमुख पारिस्थितिकी पर्यटन केन्द्रों में सूचीबद्ध भी किया गया है। यह खूबसूरत जगह प्राकृतिक सुन्दरता के साथ, लुप्तप्राय प्रजातियों का भी घर है, यहां आप हाथियों को मस्ती करते हुए देख सकते हैं। अगर आप पक्षियों को देखने के शौक़ीन हैं, तो गवी में आप करीबन 260 से अधिक प्रजातियों को देख सकते हैं। केरल का यह खूबसूरत शहर विदेशी पर्यटकों के बीच खासा प्रसिद्ध है, जो यहां साहसिक गतिविधियों में लिप्त होने के लिए पहुंचते हैं। अगर आप वाकई प्रकृति से प्यार करते हैं तो आपको गवी अवश्य जाना चाहिए, तो आइये जानते हैं गवी में देखने की खास जगहों के बारे में

क्या करें गवी में

क्या करें गवी में

Pc:Gianni Careddu

गवी में केरल वन विभाग निगम द्वारा ट्रेकिंग, मसाला वृक्षारोपण का दौरा, नौकायन, शाकाहारी भोजन,जंगल कैम्पिंग, नाईट सफारी, आदि आयोजित करता है। यहां आने पर्यटक यहां होटल्स की बजाये ट्री हाउस में भी रह सकते हैं।

ले नाईट सफारी का मजा

ले नाईट सफारी का मजा

Pc:Jaseem Hamza

वन विभाग द्वारा आयोजित की जाने नाईट सफारी के दौरान वन्य जीव पार्क के जीवन को दिखाने की कोशिश करते हैं, जिसमे आप शेर, सांबर हिरण, हाथी, जंगली और काले लंगूर आदि देख सकते हैं। गवी के जंगलों में पाए जाने वाले पक्षियों की 320 प्रजातियां हैं। जिनमे से ग्रेट मालाबार हॉर्नबिल दुर्लभ प्रजातियों में से एक है जिसे यहां देखा जा सकता है।

जानिये कैसे अपने आप में अनोखे हैं, भारत के ये टॉप 20 नेशनल पार्क

सबरीमाला

सबरीमाला

Pc: Saisumanth532

सबरीमला, समृद्ध जंगलों के मध्य स्थित एक प्रसिद्ध हिन्दू तीर्थ है। पश्चिमी घाट पर्वत श्रृंखला में स्थित इस स्थान का प्राकृतिक सौन्दर्य आज भी अपने प्राचीन रूप में है। गडगडाती हुई धारें और पम्बा नदी के दोनों किनारे इसे दुलारते प्रतीत होते हैं। नवंबर- दिसंबर के पवित्र महीने में, जो कि मलयालम केलेंडर के अनुसार मंदालाकला ऋतु है, करोड़ों लोग इस स्थान पर आते हैं। यह एक वार्षिक तीर्थ का समय है और विभिन्न जाति, श्रेणी, वित्तीय पृष्ठभूमि के लोग पूरे देश एवं विदेशों से बड़ी संख्या में सबरीमला आते हैं। वे व्यक्ति जो सबरीमला तीर्थयात्रा पर आना चाहते हैं उन्हें 41 दिनों तक मांसाहारी भोजन और सांसारिक सुखों से परहेज़ करना चाहिए। मंदिर की ओर एक लंबी यात्रा में हरे - भरे पेड़, नदियाँ, चरागाह देखने को मिलते है और प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन में कम से कम एक बार यह दिलचस्प अनुभव लेना चाहिए।

पचाकनाम

पचाकनाम

Pc:Samson Joseph

पचाकनाम का शाब्दिक अर्थ होता है, हरे-भरे जंगल। यह जगह, केरल राज्य में अंग्रेजों के के शासनकाल के दौरान द्वारा बनाई गई थी। यहां पर्यटकों के 19वीं शताब्दी बंगला एक प्रमुख पर्यटक आकर्षण है। पचकानम गवी की परिधि में स्थित है यह संपत्ति विदेशी जीवों का घर है, साथ ही यह पेरियार टाइगर रिजर्व के किनारे स्थित है।

पेरियार वन्यजीव अभयारण्य घूमे

पेरियार वन्यजीव अभयारण्य घूमे

Pc:Anand2202

विविध वन्यजीवों की उपस्थिति के कारण पेरियार वन्यजीव अभयारण्य दुनिया भर से यात्रियों को आकर्षित करता है। नवीनतम रिकॉर्ड के अनुसार, टाइगर रिजर्व में 53 बाघ संरक्षित हैं तथा यह 62 अलग अलग स्तनधारियों के लिए वास है। गौर, सांभर (घोड़ा हिरण), नेवला, लोमड़ियों, माउस डीयर,ढ़ोल्स (भारतीय जंगली कुत्तों) और तेंदुए जैसे दुर्लभ प्रजातियां भी यहां देखी जा सकती हैं। यहां लगभग 320 पक्षी प्रजातियों और 45 विभिन्न प्रकार के सरीसृपों का वास इसे देश का अनिवार्य रूप से घूमने योग्य अभ्यारण्य बनाते हैं। पेरियार वन्यजीव अभयारण्य की आकर्षक व उपयोगी वनस्पति व वन्यजीवन, वन्यजीव उत्साहियों और प्रकृति प्रेमियों को एक अनूठा और रोमांचक अनुभव प्रदान करते है।मरने से पहले एकबार केरला जरुर घूमे....

Read more at: https://hindi.nativeplanet.com/travel-guide/why-kerala-should-be-your-next-holiday-destination-001584.html

भारत का अब तक का सबसे बड़ा राजनीतिक पोल. क्या आपने भाग लिया?

यात्रा पर पाएं भारी छूट, ट्रैवल स्टोरी के साथ तुरंत पाएं जरूरी टिप्स

We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Nativeplanet sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Nativeplanet website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more